'बड़कू' का ड्रग्स नेटवर्क ध्वस्त: रीवा पुलिस ने बाइक से कोरक्स सप्लाई करने वाले तस्कर को दबोचा

 

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) रीवा में नशे के बढ़ते कारोबार पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। हाल ही में, सेमरिया थाना क्षेत्र में एक ऐसे शातिर ड्रग्स तस्कर को पकड़ा गया है, जो बेहद गुप्त तरीके से नशे की खेप पहुंचाता था। इस आरोपी की गिरफ्तारी ने न सिर्फ पुलिस को बड़ी कामयाबी दिलाई है, बल्कि नशे के कारोबार में सक्रिय एक बड़े नेटवर्क के खुलासे की उम्मीद भी जगाई है। पुलिस की यह कार्रवाई दर्शाती है कि वे इस अवैध धंधे को खत्म करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। आरोपी की पहचान राजेंद्र सिंह उर्फ बड़कू के रूप में हुई है, जो लंबे समय से इस अवैध काम में लिप्त था। उसके पास से भारी मात्रा में नशीली कफ सिरप बरामद की गई हैं, जिनकी बाजार में कीमत काफी ज्यादा है। यह गिरफ्तारी एक मिसाल है कि पुलिस किस तरह से समाज को नशे के चंगुल से बचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। यह कार्रवाई उस जानकारी पर आधारित थी जो पुलिस को मुखबिरों से मिली थी, जिससे पता चला था कि आरोपी घर-घर जाकर नशे की चीजें बेच रहा है। 

बाइक से डोर-टू-डोर डिलीवरी: नशे का नया तरीका
पुलिस ने बताया कि आरोपी राजेंद्र सिंह को पकड़ना एक चुनौती थी, क्योंकि वह बहुत ही चालाकी से अपने काम को अंजाम देता था। वह अपनी बाइक का इस्तेमाल करता था, जिससे वह आसानी से तंग गलियों और इलाकों में पहुंच जाता था जहां कार या बड़े वाहन नहीं जा सकते। पुलिस के अनुसार, वह सीधे अपने ग्राहकों यानी नशेड़ियों के घर पर जाकर डिलीवरी देता था, जिससे उसे किसी सार्वजनिक स्थान पर पकड़ने की संभावना कम हो जाती थी। यह तरीका नशे के कारोबार में एक नया ट्रेंड बन गया है, जहां तस्कर डिलीवरी सेवाओं का उपयोग करके पुलिस की आंखों में धूल झोंकते हैं। इस तरह की डिलीवरी से नशे के आदी लोग अपनी पहचान छिपाकर भी आसानी से नशीली चीजें हासिल कर पाते हैं। पुलिस को यह जानकारी मिली थी कि शाहपुर इलाके में एक व्यक्ति बाइक पर कोरेक्स सिरप की डिलीवरी कर रहा है। इस सूचना पर शाहपुर चौकी पुलिस ने तुरंत घेराबंदी की और आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के पास से पुलिस को 28 बोतल नशीली कफ सिरप मिली हैं, जो इस बात का सबूत है कि वह कितनी बड़ी मात्रा में नशे का सामान बेच रहा था।

लंबे समय से था तस्करी में सक्रिय: पुलिस की नजर में 
जांच के दौरान यह सामने आया है कि आरोपी राजेंद्र सिंह कोई नया खिलाड़ी नहीं है। वह काफी समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय था और उसे इलाके का एक बड़ा तस्कर माना जाता है। पुलिस ने बताया कि उसके खिलाफ पहले से भी कुछ आपराधिक मामले दर्ज हो सकते हैं, जिसकी जांच की जा रही है। उसके पुराने रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि वह कितने समय से और किस तरह के अपराधों में शामिल रहा है। पुलिस को यह भी शक है कि यह सिर्फ एक अकेला व्यक्ति नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक पूरा नेटवर्क काम कर रहा है। यह नेटवर्क ड्रग्स की सप्लाई चेन को चला रहा है, जिसमें सप्लायर, डीलर और छोटे-मोटे विक्रेता शामिल हो सकते हैं। इस नेटवर्क का खुलासा होने से नशे के कारोबार पर और भी बड़ा असर पड़ेगा। पुलिस का मुख्य लक्ष्य अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचना और इसमें शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार करना है।

एसडीओपी के नेतृत्व में कार्रवाई: नेटवर्क की तलाश 
इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व एसडीओपी (SDOP) सिरमौर, उमेश प्रजापति ने किया। उनके कुशल नेतृत्व में पुलिस ने सटीक जानकारी पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है, ताकि इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस का मानना है कि आरोपी की गिरफ्तारी से नशे के इस अवैध धंधे को बड़ा झटका लगा है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। एसडीओपी प्रजापति ने कहा कि पुलिस इस मामले में बहुत गंभीरता से काम कर रही है और किसी भी कीमत पर नशे के कारोबार को पनपने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने जनता से भी अपील की है कि अगर उन्हें नशे से संबंधित कोई भी जानकारी मिलती है तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। इस तरह की जानकारियां पुलिस को और भी प्रभावी ढंग से काम करने में मदद करेंगी।

नशे के जाल को तोड़ना: एक बड़ी चुनौती 
नशे का कारोबार एक जटिल और गंभीर समस्या है, जो समाज को अंदर से खोखला कर रही है। यह न सिर्फ युवाओं को बर्बाद कर रहा है, बल्कि अपराधों को भी बढ़ावा दे रहा है। पुलिस के लिए इस जाल को तोड़ना एक बहुत बड़ी चुनौती है। तस्कर नए-नए तरीकों से पुलिस की नजरों से बचते हैं और अपना धंधा चलाते रहते हैं। लेकिन, रीवा पुलिस ने इस गिरफ्तारी से यह साबित कर दिया है कि वे इस चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि पुलिस नशे के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज करेगी और समाज को इस खतरे से बचाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। नशे के खिलाफ सिर्फ पुलिस ही नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति को मिलकर काम करना होगा। जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए और नशे के आदी लोगों को इलाज और पुनर्वास के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।