रीवा पुलिस में 'सर्जिकल स्ट्राइक': SP ने एक झटके में 50 को किया इधर से उधर, 10 साल से जमे दिग्गजों की कुर्सी छिनी!

 

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। रीवा जिले की कानून व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय द्वारा एक व्यापक फेरबदल आदेश जारी किया गया है। इस नवीन आदेश के तहत जिले के 50 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर दिया गया है। इस प्रशासनिक सर्जरी का मुख्य उद्देश्य थानों में लंबे समय से जमे हुए स्टाफ को बदलकर कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और गतिशीलता लाना है। विशेष रूप से उन कर्मचारियों पर गाज गिरी है, जो पिछले 10 वर्षों से एक ही थाने या विंग में कार्यरत थे।

एएसआई और सूबेदार स्तर पर बड़े बदलाव 

प्रशासनिक आदेश के अनुसार, पुलिस विभाग के कई अनुभवी चेहरों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सूबेदार सुगम चतुर्वेदी, जो अब तक यातायात थाने की कमान संभाल रहे थे, उन्हें अब पुलिस लाइन (रक्षित केंद्र) भेजा गया है। इसी क्रम में:

  • कार्यवाहक एएसआई रामानुज बागरी: अमहिया थाने से बिछिया थाना।

  • एएसआई हीरामणि पटेल: डीएसबी शाखा से महिला थाना।

  • कार्यवाहक एएसआई सुशील सिंह: मनिकवार चौकी से पुलिस लाइन।

  • कार्यवाहक एएसआई मनोज बागरी: रायपुर कर्चुलियन से बैकुंठपुर।

  • कार्यवाहक एएसआई श्रीनिवास बागरी: महिला थाना से मनगवां।

ये बदलाव न केवल भौगोलिक हैं, बल्कि विभाग के भीतर अनुभव को साझा करने की एक रणनीति भी हैं।

प्रधान आरक्षकों की नई पदस्थापना: फील्ड ड्यूटी पर जोर

जिले के विभिन्न थानों में प्रधान आरक्षकों (Head Constables) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। एसपी कार्यालय ने इसमें भी बड़े बदलाव किए हैं। सुधा सिंह को पुलिस लाइन से हटाकर जवा थाने भेजा गया है। वहीं, अश्वनी शुक्ला को बैकुंठपुर से हटाकर यातायात की जिम्मेदारी दी गई है। राजेश साकेत को विश्वविद्यालय थाना से चाकघाट और दुर्गा तिवारी को जवा से गुढ़ स्थानांतरित किया गया है। अनुराग तिवारी अब पुलिस लाइन के बजाय बैकुंठपुर में अपनी सेवाएं देंगे।

आरक्षक और महिला आरक्षकों का बड़े पैमाने पर स्थानांतरण

इस फेरबदल में आरक्षक (Constables) संवर्ग में सबसे लंबी सूची देखने को मिली है। महिला सुरक्षा और संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए महिला आरक्षकों की तैनाती भी बदली गई है। शालिनी मिश्रा, नम्रता गुर्जिया, कनिष्का पांडेय, और ज्योति पाण्डेय सहित 9 महिला आरक्षकों को नए कार्यक्षेत्र आवंटित किए गए हैं।

सामान्य आरक्षकों में दिलीप तिवारी, राहुल पाण्डेय, मयंक शुक्ला, और अजय सिंह चौहान जैसे नाम शामिल हैं, जिन्हें जिले के विभिन्न दूरस्थ और शहरी थानों में पदस्थ किया गया है। कुल मिलाकर 21 से अधिक पुरुष आरक्षकों के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं, जिनमें प्रिंस सिंह, अंकित दुबे और उमेश मिश्रा जैसे नाम भी शामिल हैं।

10 सालों का 'जमाव' खत्म करने की कवायद 

रीवा पुलिस प्रशासन के पास ऐसी खबरें थीं कि कई कर्मचारी एक ही स्थान पर लंबे समय तक पदस्थ रहने के कारण स्थानीय स्तर पर अपने निजी संपर्क बना चुके थे, जिससे निष्पक्ष जांच और ड्यूटी प्रभावित हो रही थी। सूत्रों के अनुसार, तबादला सूची में ऐसे कई नाम हैं जो एक ही थाने में 10 साल से अधिक समय से टिके हुए थे। एसपी के इस कड़े रुख से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।

रीवा एसपी के निर्देश: तत्काल कार्यभार ग्रहण करने की चेतावनी

जारी किए गए आधिकारिक पत्र में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि सभी स्थानांतरित कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से अपने वर्तमान कार्यस्थल को छोड़कर नवीन पदस्थापना स्थल पर ज्वाइनिंग देनी होगी। किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही को अनुशासनहीनता माना जाएगा। सभी थाना प्रभारियों को भी निर्देशित किया गया है कि वे स्थानांतरित स्टाफ को जल्द से जल्द रिलीव करें और इसकी सूचना जिला मुख्यालय को भेजें।

तबादला सूची का संक्षिप्त अवलोकन 

पदनाम नाम कहाँ से कहाँ तक
सूबेदार सुगम चतुर्वेदी यातायात पुलिस लाइन
एएसआई रामानुज बागरी अमहिया बिछिया
एएसआई हीरामणि पटेल DSB शाखा महिला थाना
प्रधान आरक्षक सुधा सिंह पुलिस लाइन जवा
प्रधान आरक्षक दुर्गा तिवारी जवा गुढ़
प्रधान आरक्षक अश्वनी शुक्ला बैकुंठपुर यातायात

सुशासन की ओर एक कदम

रीवा जिले में एक साथ 50 पुलिसकर्मियों का तबादला केवल एक रूटीन प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह जिले की कानून व्यवस्था को रिफ्रेश करने का एक प्रयास है। नए अधिकारियों के आने से थानों की कार्यशैली में नयापन आएगा और अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी। जनता की शिकायतों के निवारण में भी इससे तेजी आने की उम्मीद है।