"रीवा पुलिस की सुस्ती ने ली बुजुर्ग की जान: चंदन चोरी की शिकायत पर नहीं जागा प्रशासन, बदमाशों ने दिनदहाड़े चाकुओं से गोदकर की हत्या!"

 

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के नौबस्ता चौकी क्षेत्र से एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ महज़ एक चंदन के पेड़ की चोरी का विरोध करना एक बुजुर्ग के लिए जानलेवा साबित हुआ। रविवार सुबह दिनदहाड़े बदमाशों ने बुजुर्ग उमाकांत मिश्रा पर चाकुओं से हमला कर उनकी जीवन लीला समाप्त कर दी। इस घटना ने एक बार फिर रीवा की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कैसे शुरू हुआ विवाद: चंदन के पेड़ से रंजिश तक की कहानी
घटना की जड़ें शुक्रवार को हुई एक चोरी से जुड़ी हैं। मृतक उमाकांत मिश्रा के घर के परिसर में चंदन का एक बेशकीमती पेड़ लगा हुआ था। शुक्रवार की दरमियानी रात बदमाशों ने इस पेड़ को काटकर चोरी कर लिया। जब बुजुर्ग उमाकांत को इस बात का पता चला, तो उन्होंने इसका पुरजोर विरोध किया और संदिग्धों को चेतावनी दी। बताया जा रहा है कि यही विरोध बदमाशों को नागवार गुजरा और उन्होंने इसे अपनी निजी रंजिश बना लिया।

रविवार सुबह का खौफनाक मंजर: चाकुओं से हमला और मौत
शुक्रवार की रंजिश का अंत रविवार सुबह खूनी खेल के रूप में हुआ। सुबह करीब 11:30 बजे, जब इलाके में चहल-पहल थी, मुख्य आरोपी राहुल पाठक ने अपने साथियों के साथ मिलकर उमाकांत मिश्रा को घेर लिया। इससे पहले कि बुजुर्ग कुछ समझ पाते, हमलावरों ने उन पर धारदार चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। उमाकांत खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े। उन्हें तत्काल संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल (SGMH) ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस की भूमिका पर सवाल: क्या टाली जा सकती थी यह वारदात?
इस पूरे मामले में नौबस्ता चौकी पुलिस की कार्यशैली संदेह के घेरे में है। मृतक के परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि पुलिस की लापरवाही के कारण उमाकांत मिश्रा की जान गई है। अरुण कुमार मिश्रा ने बताया कि पेड़ चोरी होने के बाद ही उन्होंने पुलिस को सूचित किया था और अपनी जान के खतरे की आशंका जताई थी। यदि पुलिस ने उस समय शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की होती, तो शायद बदमाशों के हौसले इतने बुलंद नहीं होते कि वे दिनदहाड़े हत्या कर सकें।

आरोपी राहुल पाठक की तलाश: पुलिस की कार्रवाई और दबिश
हत्याकांड के बाद आरोपी राहुल पाठक मौके से फरार होने में सफल रहा। पुलिस ने अब उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की हैं। थाना प्रभारी घनश्याम मिश्रा के अनुसार, पुलिस राहुल पाठक के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। शव का पोस्टमार्टम SGMH में कराया जा रहा है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही मुख्य आरोपी को सलाखों के पीछे पहुँचाया जाएगा।

रीवा में बढ़ता अपराध: कानून व्यवस्था की गंभीर स्थिति
नौबस्ता की यह घटना रीवा जिले में बेलगाम होते अपराधियों की एक बानगी मात्र है। दिनदहाड़े चाकूबाजी और हत्या जैसी वारदातें आम होती जा रही हैं। स्थानीय नागरिकों में इस बात को लेकर काफी आक्रोश है कि पुलिस छोटे अपराधों (जैसे चोरी) को नजरअंदाज करती है, जो बाद में हत्या जैसे जघन्य अपराधों में तब्दील हो जाते हैं। लोग अब पुलिस प्रशासन से जवाबदेही और सख्त गश्त की मांग कर रहे हैं।

न्याय की उम्मीद में उमाकांत मिश्रा का परिवार
एक साधारण किसान और बुजुर्ग उमाकांत मिश्रा की मौत ने उनके परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दिया है। परिवार अब सिर्फ एक ही मांग कर रहा है—"न्याय"। उनकी मांग है कि न केवल मुख्य आरोपी को पकड़ा जाए, बल्कि उन पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हो जिन्होंने समय रहते शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। रीवा की जनता अब यह देख रही है कि प्रशासन इस मामले में कितनी संवेदनशीलता दिखाता है।