रीवा: होटल के कमरे में रेंजर और युवती को पत्नी ने रंगे हाथों पकड़ा, डंपर में बैठकर 'फरार' हुआ प्रेमी जोड़ा
ऋतुराज द्विवेदी, रीवा/भोपाल। रीवा जिले के होटल रॉयल इन में मंगलवार को एक ऐसी घटना सामने आई जिसने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। सतना जिले के बरौंधा सर्किल में तैनात वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) बृजेंद्र पाण्डेय को उनकी आरक्षक पत्नी ने एक युवती के साथ आपत्तिजनक स्थिति में रंगे हाथों पकड़ लिया। घटना के बाद होटल से लेकर सड़क तक घंटों तक ड्रामा चलता रहा।
क्या है पूरा मामला: रेंजर की पत्नी बनी 'जासूस'
सूत्रों के मुताबिक, आरक्षक पत्नी को काफी समय से अपने पति की हरकतों पर संदेह था। मंगलवार को जब उन्हें पक्की सूचना मिली कि उनके पति रीवा के एक नामचीन होटल में ठहरे हुए हैं, तो उन्होंने बिना देर किए अपनी ड्यूटी से निकलकर रीवा का रुख किया। होटल पहुँचते ही पत्नी सीधे उस कमरे तक पहुँची, जहाँ रेंजर बृजेंद्र पाण्डेय रुके थे। जैसे ही दरवाजा खुला, पत्नी ने रेंजर से कमरे में मौजूद व्यक्ति के बारे में पूछा, जिस पर रेंजर ने इनकार कर दिया। लेकिन पत्नी का शक यकीन में बदल गया जब उन्होंने अंदर एक युवती को पाया।
फिल्मी अंदाज में डंपर से हुए फरार
कमरे के अंदर युवती को देखते ही पत्नी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। वह युवती को खींचकर बाहर ले आईं और दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते होटल परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई। हंगामे को बढ़ता देख रेंजर ने बचाव का रास्ता ढूंढा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विवाद के बीच रेंजर और वह युवती होटल से बाहर निकले और वहाँ खड़े एक डंपर में बैठकर तेजी से निकल गए। पत्नी काफी देर तक वहां हंगामा करती रहीं और मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरी घटना को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया।
रेंजर और महिला मित्र पर कानूनी शिकंजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए रीवा के चोरहटा थाने में रेंजर बृजेंद्र पाण्डेय और उनके साथ मौजूद युवती के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस फिलहाल वायरल वीडियो के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियाँ जोड़ रही है। हालांकि, पुलिस अभी एफआईआर की धाराओं को लेकर चुप्पी साधे हुए है, लेकिन रेंजर की इस करतूत के बाद विभागीय कार्रवाई तय मानी जा रही है।
आरक्षक पत्नी की मुश्किलें: बिना छुट्टी रीवा पहुँचना पड़ा भारी
इस मामले का एक और पहलू यह है कि रेंजर की पत्नी, जो सतना के बरौंधा थाने में आरक्षक के पद पर हैं, ने रीवा आने के लिए कोई आधिकारिक अवकाश नहीं लिया था। बिना सूचना के ड्यूटी से गायब रहने पर उनके खिलाफ भी विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल वन विभाग और पुलिस दोनों ही स्तरों पर इस हाई-प्रोफाइल मामले की जाँच चल रही है।