पुलिस-प्रशासन फेल? रीवा में लुटेरों का गैंग बेखौफ, 8 घंटे में 3 महिलाओं से लूट, 1 हफ्ते में 6 वारदातें! शहर में दहशत का माहौल
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) रीवा शहर में झपटमार गिरोहों ने एक बार फिर आतंक मचा दिया है। चोरहटा थाना क्षेत्र में बीते 8 घंटों के भीतर तीन महिलाओं से बैक-टू-बैक लूट की घटनाएं हुई हैं। ये वारदातें तब हुईं, जब सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में पहले हुई तीन लूटों का पुलिस अभी तक खुलासा नहीं कर पाई थी। इस तरह, एक ही पैटर्न पर एक सप्ताह के अंदर कुल 6 लूट की वारदातें हो चुकी हैं, जिसने पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। इन घटनाओं से शहर में दहशत का माहौल है और महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। लूट की ये वारदातें सुनसान इलाकों में नहीं, बल्कि शहर के भीतर दिनदहाड़े की गई हैं, जिससे अपराधियों का हौसला साफ दिख रहा है।
महिलाओं को बनाया गया निशाना: लाखों की लूट
झपटमार गिरोह ने अपनी वारदातों को अंजाम देने के लिए कमजोर और अकेली महिलाओं को निशाना बनाया। पहली घटना में, अगडाल में दिलीप कुमार कोरी की पत्नी सोनम कोरी से पर्स छीन लिया गया। सोनम कोरी के मुताबिक, उनके बैग में सोने का लॉकेट, चांदी की करधन, 30,000 रुपये नकद और अन्य जरूरी दस्तावेज़ थे। यह घटना शहर के भीतर अपराधियों के बेखौफ होने का सबूत है।
दूसरी घटना में, चोरहटा नहर के पास दिनेश साकेत की पत्नी उषा साकेत को निशाना बनाया गया। बदमाशों ने उनके पर्स में मौजूद नगदी और मोबाइल छीन लिया। यह घटना दर्शाती है कि अपराधी एक ही दिन में कई इलाकों में घूम रहे थे और लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
आखिरी वारदात और सीसीटीवी फुटेज
इस गिरोह ने तीसरी वारदात को अंजाम देकर पुलिस को खुली चुनौती दी। तीसरी पीड़िता विजय श्रीवास्तव की पत्नी आरती श्रीवास्तव थीं, जिनसे उनका पर्स छीन लिया गया। आरती श्रीवास्तव के पर्स में 5,000 रुपये नकद और सोने-चांदी के गहने थे। गनीमत रही कि इस घटना में आरती चलती बाइक से नीचे गिरने से बाल-बाल बच गईं।
घटना के बाद, तीनों पीड़िताओं ने तुरंत थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। नगर पुलिस अधीक्षक सहित कई पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिले हैं, जिनमें लुटेरे कैद हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आखिरी वारदात को अंजाम देने के बाद लुटेरे नौबस्ता की ओर भागते हुए देखे गए। पुलिस अब इन फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
पीड़िता का दर्द: 'मेरे हाथ-पैर कांप रहे हैं'
पीड़िता आरती श्रीवास्तव ने घटना के बाद अपना डर साझा करते हुए कहा, “घटना के बाद से मेरे हाथ-पैर कांप रहे हैं। मैं बहुत अधिक डर गई हूं। मेरा जरूरी सामान लूटकर ले गए। आज जान बच गई। मैं तो चलती बाइक से नीचे गिरते-गिरते बच गई।” आरती का यह बयान बताता है कि ऐसी घटनाएं न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी गहरा आघात देती हैं। शहर के लोगों, खासकर महिलाओं में सुरक्षा की भावना कम हो रही है।
पुलिस की कार्रवाई: जांच जारी, जल्द होगा खुलासा
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की तलाश लगातार जारी है और जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। हालांकि, यह पहला मौका नहीं है जब रीवा में झपटमार गिरोह ने ऐसी वारदातें की हैं। इससे पहले भी सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में इसी तरह की तीन वारदातें हुई थीं, जिनका खुलासा पुलिस अभी तक नहीं कर पाई है। इस तरह के लगातार अपराधों से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
शहर के नागरिकों को अब अपनी सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। पुलिस को चाहिए कि वह न केवल इन मामलों का खुलासा करे, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता कदम उठाए।