रीवा के इस सरकारी अस्पताल में ये क्या हो रहा है? 80 छात्राएं, एक डॉक्टर और एक 'गंदा' वीडियो... देखें पूरी रिपोर्ट
रीवा का सबसे बड़ा चिकित्सा केंद्र, संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय (SGMH), इन दिनों इलाज से ज्यादा अपने विवादों और महिला उत्पीड़न के गंभीर मामलों को लेकर चर्चा में है। अस्पताल का ईएनटी (ENT) विभाग सफेद कोट के पीछे छिपे काले कारनामों की वजह से अब अदालत की दहलीज तक पहुँच गया है। यहाँ एक ओर एक रसूखदार डॉक्टर पर 80 छात्राओं के शोषण का आरोप है, वहीं दूसरी ओर अस्पताल के कर्मचारी को नाबालिग के अपहरण में सजा सुनाई गई है।
डॉ. अशरफ और 80 नर्सिंग छात्राओं का प्रताड़ना मामला: क्या है पूरा सच?
करीब 6 महीने पहले रीवा मेडिकल कॉलेज में उस वक्त हड़कंप मच गया जब 80 नर्सिंग छात्राओं ने एकजुट होकर अपने ही विभाग के प्रोफेसर डॉ. अशरफ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। छात्राओं ने डीन को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया कि डॉ. अशरफ का व्यवहार अशोभनीय और असुरक्षित है।
छात्राओं का आरोप था कि डॉक्टर न केवल मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं, बल्कि उनके हाव-भाव ऐसे होते हैं जिससे छात्राएं असुरक्षित महसूस करती हैं। इस विरोध के बाद प्रशासन ने डॉ. अशरफ को निलंबित कर दिया था, और अब यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा का बयान: "छात्राएं लड़ रही हैं हक की लड़ाई"
इस मामले पर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने स्पष्ट रूप से कहा कि छात्राओं ने अपने सम्मान के लिए जो आवाज उठाई है, वह अब न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है। छात्राएं हार मानने को तैयार नहीं हैं और कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रख रही हैं। हालांकि, आरोपी डॉक्टर शुरू से ही इन आरोपों को झूठा और साजिश करार देते आए हैं।
इलाज के बहाने नाबालिग का अपहरण: कर्मचारी को 8 महीने की जेल
ईएनटी विभाग की साख पर दूसरा बड़ा बट्टा तब लगा जब एक कर्मचारी ने अस्पताल की मर्यादा को तार-तार कर दिया। मामला एक नाबालिग अटेंडर के अपहरण और छेड़खानी का था। न्यायालय ने इस मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी कर्मचारी को 8 माह के कारावास की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि जिस कर्मचारी पर मरीज की देखभाल की जिम्मेदारी थी, उसने मानवता को शर्मसार करते हुए नाबालिग को बहला-फुसलाकर उसका अपहरण किया। थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल के अनुसार, पुलिस की कड़ी पैरवी के कारण ही अपराधी को जेल भेजना संभव हो पाया।
परिजनों का दर्द: "गैंगरेप हुआ था और अब वीडियो वायरल कर पहचान उजागर की"
इस मामले में एक नया और भयावह मोड़ तब आया जब पीड़िता के परिजनों ने सनसनीखेज आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि यह केवल अपहरण नहीं बल्कि गैंगरेप का मामला था। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य संवेदनशील वीडियो वायरल कर पीड़िता की पहचान उजागर की गई है, जिससे वह गहरे मानसिक तनाव में है। परिजन अब इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय जाने की तैयारी कर रहे हैं।
गुरुवार को फिर वायरल हुआ अश्लील वीडियो: ENT विभाग में आखिर चल क्या रहा है?
इन दो बड़े मामलों के बीच गुरुवार को रीवा के सोशल मीडिया ग्रुप्स में ईएनटी विभाग के ही एक अन्य कर्मचारी का अश्लील वीडियो वायरल हो गया। इस वीडियो ने अस्पताल प्रशासन की नींद उड़ा दी है। हालांकि, अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने इसे पुराना और कर्मचारी का व्यक्तिगत मामला बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की है, लेकिन स्थानीय लोगों में इस विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भारी आक्रोश है।
क्या सुरक्षित हैं रीवा की बेटियाँ?
संजय गांधी अस्पताल में घटित ये घटनाएं यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि क्या शिक्षण संस्थान और अस्पताल जैसे पवित्र स्थान अब सुरक्षित नहीं रहे? 80 छात्राओं का एक साथ आना कोई छोटी बात नहीं है। प्रशासन को चाहिए कि वह केवल निलंबन तक सीमित न रहे, बल्कि विभाग के भीतर के "गंदे तंत्र" को पूरी तरह साफ करे ताकि भविष्य में किसी अन्य छात्रा या मरीज को ऐसी प्रताड़ना न झेलनी पड़े।