अस्पताल या मधुशाला? रीवा में पुलिसकर्मियों की घिनौनी करतूत, मरीजों के सामने पेशाब कर दी मर्यादा की बलि

 

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। रीवा का संजय गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (SGMH) सोमवार सुबह एक अजीबोगरीब और शर्मनाक घटना का गवाह बना। यहाँ सीधी जिला जेल से रेफर होकर आए एक कैदी की सुरक्षा में तैनात तीन पुलिसकर्मियों ने मर्यादा की सारी हदें पार कर दीं। रविवार रात को कैदी लल्लू साकेत को लेकर पहुंचे ये जवान ड्यूटी करने के बजाय शराब के नशे में चूर हो गए।

शर्मनाक करतूत: डस्टबिन में पेशाब और बेड पर कब्जा 
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आरक्षक मनीष तिवारी ने अस्पताल की गरिमा को ताक पर रखते हुए वार्ड के डस्टबिन में ही पेशाब करना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, प्रधान आरक्षक उदयराज सिंह नशे में इस कदर धुत थे कि वे कैदी की निगरानी करने के बजाय खुद मरीजों के बेड पर जाकर लेट गए। इस नजारे को देखकर वार्ड में भर्ती गंभीर मरीज और उनके परिजन सहम गए।

देखिए तस्वीरें .........

आरक्षक मनीष तिवारी अस्पताल के अंदर पेशाब करते दिख रहे।

वर्दी उतारकर ड्रिप स्टैंड पर टांगी और मरीजों के बेड पर लेट गए।

नशे में धुत हंगामा भी करते रहे पुलिसकर्मी।

वर्दी का अपमान: ड्रिप स्टैंड पर टांगी शासकीय पोशाक 
नशे का आलम यह था कि आरक्षक मनीष तिवारी ने अपनी वर्दी उतार दी और उसे अस्पताल के ड्रिप स्टैंड (जिस पर ग्लूकोज की बोतल लटकाई जाती है) पर टांग दिया। शासकीय वर्दी का ऐसा अपमान और सार्वजनिक स्थान पर इस तरह का व्यवहार मध्य प्रदेश पुलिस की छवि पर गहरा दाग लगा रहा है। सोमवार सुबह करीब 5 बजे से शुरू हुआ यह तमाशा लगभग दो घंटे तक चला।

रीवा के संजय गांधी अस्पताल में सामने आए शर्मनाक मामले को लेकर अस्पताल अधीक्षक राहुल मिश्रा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बीमार कैदी की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने अस्पताल परिसर में अमर्यादित कृत्य किया, जिसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधीक्षक राहुल मिश्रा के अनुसार, जिस स्थान पर पुलिसकर्मी द्वारा यह हरकत की गई, उसके ठीक बगल में बाथरूम मौजूद था, लेकिन संबंधित पुलिसकर्मी नशे की हालत में थे। उन्होंने बताया कि पूरे मामले में अस्पताल प्रबंधन द्वारा एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और लीगल कार्यवाही की जाएगी।

पुलिसकर्मी नशे में धुत था। अस्पताल में मरीज के बिस्तर पर सो गया।

अस्पताल पर अनुशासनहीनता
अधीक्षक ने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल एक संवेदनशील स्थान है और यहां इस तरह की अनुशासनहीनता बेहद गंभीर मामला है। वीडियो सामने आने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया है।

कौन हैं ये 'नशेड़ी' पुलिसकर्मी? 
घटना में शामिल तीनों पुलिसकर्मी सीधी पुलिस लाइन में पदस्थ हैं:

  • नर्मदा प्रजापति (ASI)
  • उदयराज सिंह (प्रधान आरक्षक)
  • मनीष तिवारी (आरक्षक)

ये तीनों सीधी जिला अस्पताल से रेफर होकर आए गोपालपुर निवासी कैदी लल्लू साकेत की सुरक्षा के लिए रीवा आए थे।

सीधी पुलिस का एक्शन: वापस बुलाए गए जवान 
मामले का वीडियो वायरल होते ही सीधी पुलिस विभाग में खलबली मच गई। सीधी सिविल लाइन के रक्षित निरीक्षक (RI) तरुण बेड़िया ने तत्काल संज्ञान लेते हुए तीनों जवानों को रीवा से वापस बुला लिया है। उनकी जगह नया बल तैनात किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच के बाद इन पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और इन्हें निलंबित भी किया जा सकता है।

मरीजों की सुरक्षा पर बड़े सवाल 
एक तरफ जहां प्रशासन अस्पतालों में सुरक्षा बढ़ाने की बात करता है, वहीं सुरक्षा के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों का ऐसा व्यवहार चिंताजनक है। मरीजों ने बताया कि नशे में धुत ये जवान रात भर गाली-गलौज और हंगामा करते रहे, जिससे वार्ड का माहौल खराब हो गया। अब देखना होगा कि शासन इन 'वर्दीधारी गुंडों' पर क्या मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई करता है।