रीवा बना कुरुक्षेत्र: पोस्टर हटाने पर ३ घंटे तक थमा शहर, मनीष गुप्ता के आंसुओं ने प्रशासन को बैकफुट पर धकेला
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। महाशिवरात्रि के पावन पर्व से पहले रीवा में उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई, जब नगर निगम के अमले ने शहर के मुख्य चौराहों पर लगे 'शिव बारात' के पोस्टर और होर्डिंग्स को हटाना शुरू कर दिया। इस कार्रवाई की खबर जैसे ही आयोजन समिति और सनातनी संगठनों को मिली, शहर के प्रकाश चौक और शिल्पी प्लाजा जैसे इलाके युद्ध के मैदान में तब्दील हो गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन चयनात्मक कार्रवाई कर रहा है और केवल हिंदू धार्मिक आयोजनों को निशाना बनाया जा रहा है।
मनीष गुप्ता का उग्र और भावुक विरोध: बीच सड़क पर उतारे कपड़े
इस पूरे विरोध प्रदर्शन का सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब शिव बारात आयोजन समिति के संयोजक और कांग्रेस प्रदेश महासचिव मनीष गुप्ता का सब्र टूट गया। प्रशासनिक पक्षपात के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराते हुए उन्होंने बीच सड़क पर अपने वस्त्र उतार दिए और फूट-फूटकर रोने लगे। मनीष गुप्ता ने सिसकते हुए कहा, "जब शहर में अन्य कार्यक्रमों के पोस्टर लगे हुए हैं, तो महादेव की बारात से प्रशासन को क्या आपत्ति है?" उनके इस रूप को देख वहां मौजूद समर्थक भी भावुक हो गए और स्थिति बेकाबू होने लगी।
तीन घंटे तक थमा रहा शहर: सड़क पर हुआ हनुमान चालीसा का पाठ
प्रदर्शनकारियों ने केवल नारेबाजी ही नहीं की, बल्कि विरोध जताने का आध्यात्मिक रास्ता भी अपनाया। प्रकाश चौक और शिल्पी प्लाजा के बीच सड़क पर बैठकर सैकड़ों युवाओं ने हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया। करीब तीन घंटे तक शहर की मुख्य धमनियों में यातायात पूरी तरह ठप रहा। सनातनी संगठनों का कहना है कि यह उनकी आस्था का अपमान है जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नगर निगम की सफाई: "नियम सबके लिए बराबर"
हंगामे की सूचना मिलते ही नगर निगम आयुक्त प्रकाश द्विवेदी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोस्टर हटाने की कार्रवाई नियमों के तहत की गई है और इसका उद्देश्य शहर की सुंदरता को बनाए रखना है। हालांकि, आयोजन समिति के कड़े रुख को देखते हुए प्रशासन को पीछे हटना पड़ा। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाएगा और भविष्य में ऐसी किसी भी कार्रवाई से पहले संवाद स्थापित किया जाएगा।
रीवा की शिव बारात: विश्व रिकॉर्ड और गौरवशाली इतिहास
यह कोई साधारण आयोजन नहीं है। रीवा की शिव बारात का इतिहास 40 वर्षों से अधिक पुराना है। यह आयोजन अपनी भव्यता के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जाता है:
- विश्व रिकॉर्ड: 2024 में यहाँ 1100 किलो का दुनिया का सबसे बड़ा नगाड़ा बनाया गया था।
- महाप्रसाद: 5,100 किलो खिचड़ी बनाकर एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराया गया।
- परंपरा: यहाँ की बारात में उमड़ने वाला जनसैलाब रीवा की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है।