रीवा-सीधी हाईवे पर कानून का खौफ खत्म! क्या खड्डा टोल प्लाजा के पास है मारपीट का लाइसेंस? वायरल वीडियो पर चुप क्यों है पुलिस?
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। नेशनल हाईवे-39 (NH-39) पर स्थित खड्डा टोल प्लाजा एक बार फिर विवादों के घेरे में है। शनिवार, 14 मार्च की शाम करीब 6 बजे, टोल बूथ पर तैनात कर्मचारियों और एक कार सवार युवक के बीच हुई बहस ने हिंसक रूप ले लिया। यह घटना अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है, विशेषकर इसलिए क्योंकि इसका वीडियो अब इंटरनेट पर तेजी से फैल रहा है।
तीन तस्वीरों में देखिए मारपीट…
खड्डा टोल प्लाजा विवाद की पूरी जानकारी: क्या था मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार की शाम एक कार सवार युवक रीवा से सीधी की ओर जा रहा था। जब वह खड्डा टोल प्लाजा पहुँचा, तो किसी बात को लेकर उसकी टोल कर्मियों से कहासुनी हो गई। शुरुआती तौर पर यह विवाद टोल टैक्स के भुगतान या फास्टैग (FASTag) की किसी तकनीकी खामी को लेकर बताया जा रहा है। देखते ही देखते, सामान्य बहस ने उग्र रूप ले लिया। टोल प्लाजा पर तैनात आधा दर्जन से अधिक कर्मियों ने युवक को घेर लिया और उसके साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। चश्मदीदों का कहना है कि कर्मियों ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए युवक पर हाथ उठा दिया।
वीडियो वायरल: सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा
इस पूरी घटना का सबसे अहम पहलू वहां मौजूद एक राहगीर द्वारा बनाया गया वीडियो है। वायरल वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि कैसे टोल कर्मी एकजुट होकर अकेले युवक पर हमला कर रहे हैं। युवक खुद को बचाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन भीड़ के रूप में मौजूद कर्मचारी उसे पीटते नजर आ रहे हैं। जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड हुआ, लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गईं।
नेटिज़न्स का कहना है कि टोल प्लाजा पर इस तरह की "गुंडागर्दी" बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य यात्री के साथ ऐसा दुर्व्यवहार न हो।
स्थानीय पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
घटना के तुरंत बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई थी। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पीड़ित पक्ष ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर ली है। हालांकि, अभी तक पुलिस की ओर से किसी औपचारिक गिरफ्तारी या एफआईआर (FIR) की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस का कहना है कि वे वीडियो फुटेज की जांच कर रहे हैं ताकि हमलावरों की पहचान सुनिश्चित की जा सके। फिलहाल युवक का नाम गुप्त रखा गया है, लेकिन उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर काफी रोष है और वे टोल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन की चेतावनी दे रहे हैं।
टोल प्लाजा पर विवाद के मुख्य कारण और बचाव
नेशनल हाईवे पर अक्सर टोल कर्मियों और यात्रियों के बीच विवाद देखे जाते हैं। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हो सकते हैं:
फास्टैग डिस्काउंट: स्थानीय निवासियों को मिलने वाली छूट को लेकर अक्सर पहचान पत्र दिखाने पर विवाद होता है।
व्यवहार: टोल कर्मियों का यात्रियों के साथ रूखा व्यवहार अक्सर झगड़े की जड़ बनता है।
तकनीकी खराबी: कई बार फास्टैग रीडर काम नहीं करते, जिससे लंबी कतारें लगती हैं और सब्र का बांध टूट जाता है।
यात्री क्या करें?
यदि आपके साथ किसी टोल प्लाजा पर बदसलूकी होती है, तो हाथ उठाने के बजाय:
- तुरंत 1033 (NHAI हेल्पलाइन) पर कॉल करें।
- घटना का वीडियो साक्ष्य के तौर पर बनाएं।
- नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।
रीवा-सीधी मार्ग के खड्डा टोल प्लाजा पर हुई यह घटना सुरक्षा और प्रबंधन पर बड़े सवाल खड़े करती है। हाईवे पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। अब देखना यह है कि प्रशासन दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाता है।