खाकी की नाइट पेट्रोलिंग फेल? रीवा के बीच शहर में कार सवारों के बीच अंधाधुंध गोलीबारी, कंधे को छूकर निकली गोली : रसूखदारों की 3 गाड़ियां जब्त, आरोपी फरार
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। विंध्य की राजधानी कहे जाने वाले रीवा शहर में कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए अपराधियों ने आधी रात को सड़कों पर मौत का तांडव रचा। शहर के सबसे व्यस्ततम और पॉश इलाकों में गिने जाने वाले सिरमौर चौराहे पर सन्नाटे को चीरती हुई गोलियों की तड़तड़ाहट ने आस-पास के रहवासियों के होश उड़ा दिए। यह महज एक सामान्य कहासुनी नहीं थी, बल्कि दो विरोधी गुटों के बीच सड़क पर खुलेआम खेला गया खूनी खेल था, जिसकी शुरुआत सिरमौर चौराहे से हुई और जो भागते-दौड़ते बिछिया थाना क्षेत्र तक जा पहुँचा।
देर रात करीब 1:00 बजे जब पूरा शहर गहरी नींद सो रहा था, तब रसूख और रंजिश की आग में जल रहे दो पक्षों के युवक अपनी लग्जरी गाड़ियों में सवार होकर सड़कों पर एक-दूसरे की जान लेने पर आमादा थे। सिरमौर चौराहे पर दोनों पक्षों के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में तब्दील हो गई। इसके बाद जो मंजर रीवा की सड़कों ने देखा, उसने खाकी के नाइट पेट्रोलिंग और गश्ती दावों की सरेआम धज्जियां उड़ा कर रख दीं।
कारों की भिड़ंत और अंधाधुंध फायरिंग: क्या रीवा में लौट आया है अपराधियों का राज?
सिरमौर चौराहे पर शुरू हुआ यह हाई-वोल्टेज ड्रामा यहीं नहीं रुका। दोनों पक्षों के कार सवारों ने अपनी गाड़ियों की रफ्तार बढ़ाई और एक-दूसरे का पीछा करना शुरू कर दिया। बिछिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आते-आते दोनों पक्षों की गाड़ियां आपस में टकराने लगीं। चश्मदीदों और पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, भागती हुई कारों के बीच फिल्मी स्टाइल में एक-दूसरे को जानबूझकर साइड से और पीछे से टक्कर मारी गई ताकि विरोधी पक्ष की गाड़ी को रोका जा सके।
गाड़ियों की इस भिड़ंत के बीच ही असलहे गरजने लगे। दोनों तरफ से हवा में और विरोधी गाड़ियों को निशाना बनाकर लगभग 4 से 5 राउंड दनादन फायरिंग की गई। गोलियों की आवाज से पूरा बिछिया इलाका दहल उठा। इस अंधाधुंध गोलीबारी में एक कार को निशाना बनाकर मारी गई दो गोलियां सीधे गाड़ी के भीतर जा घुसीं। घटना के दौरान गाड़ी में सवार एक युवक के कंधे को छूती हुई एक गोली निकल गई, जिससे वह आंशिक रूप से घायल हो गया। हालांकि, घायल युवक ने पुलिस को खुद पर गोली लगने की बात कही है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर चिकित्सा परीक्षण के बाद ही इसकी पूरी पुष्टि की जाएगी। गनीमत यह रही कि इस भयानक तांडव में किसी की जान नहीं गई।
एडिशनल एसपी संदीप मिश्रा का बड़ा बयान: गैंगवार नहीं, पुरानी दुश्मनी का है खूनी खेल
शहर के बीचों-बीच हुई इस दुस्साहसिक वारदात के बाद सुबह होते ही पूरे जिले में यह अफवाह तेजी से फैल गई कि रीवा में कोई बड़ा 'गैंगवार' छिड़ गया है। इंटरनेट और सोशल मीडिया पर तरह-तरह की कयासबाजियों का दौर शुरू हो गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रीवा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) संदीप मिश्रा खुद मीडिया के सामने आए और उन्होंने स्थिति को स्पष्ट करते हुए इन तमाम अफवाहों पर विराम लगाया।
एडिशनल एसपी संदीप मिश्रा ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि यह घटना किसी संगठित गैंग या अपराधियों के गिरोह के बीच का 'गैंगवार' नहीं है। उन्होंने साफ किया कि यह पूरी वारदात दो व्यक्तियों और उनके साथियों के बीच चल रहे एक बेहद पुराने और व्यक्तिगत विवाद का परिणाम है। सिरमौर चौराहे पर दोनों पक्ष अचानक आमने-सामने आ गए थे, जहाँ पुरानी रंजिश के चलते उनके बीच बहस शुरू हुई और बात आगे बढ़ते-बढ़ते बिछिया क्षेत्र में गोलीबारी तक पहुँच गई। पुलिस मामले के हर एक पहलू की बारीकी से जांच कर रही है और किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।
खाकी की मुस्तैदी या नाकामी: पूरी रात गश्त, 4 आरोपियों पर FIR, लेकिन गिरफ्तारी अब भी दूर
आधी रात को हुई इस बड़ी वारदात की सूचना मिलते ही रीवा पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। बिछिया थाना पुलिस समेत कंट्रोल रूम की अतिरिक्त टीमें तुरंत हरकत में आईं और घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ीं। पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए पूरे शहर की नाकेबंदी की और रात भर सड़कों पर सघन गश्त अभियान चलाया गया। पीड़ित पक्ष की ओर से मिली लिखित शिकायत और बयानों के आधार पर बिछिया पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए कुल चार नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर और जानलेवा हमले की धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।
हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी पर सवालिया निशान यह है कि घटना को बीते कई घंटे हो चुके हैं, लेकिन अब तक एक भी मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सका है। पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपियों के घरों और उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं, मगर आरोपी वारदात के बाद से ही भूमिगत हो चुके हैं। शहर के मुख्य चौराहों पर पुलिस की मौजूदगी के बावजूद इस तरह की वारदात का हो जाना और आरोपियों का आसानी से फरार हो जाना, कहीं न कहीं अपराधियों के बुलंद हौसलों और पुलिस की सुस्त खुफिया प्रणाली को उजागर करता है।
क्षतिग्रस्त गाड़ियां बयां कर रही हैं खौफनाक मंजर: पुलिस के कब्जे में तीन लग्जरी वाहन
बिछिया थाना पुलिस ने रात भर चले तलाशी अभियान के दौरान शहर के तीन अलग-अलग हिस्सों से कुल तीन गाड़ियों को लावारिस और क्षतिग्रस्त हालत में जब्त किया है। ये तीनों गाड़ियां इस बात का जीता-जागता सबूत हैं कि रात के सन्नाटे में किस कदर खौफनाक मंजर रहा होगा। जब्त किए गए वाहनों में से एक मुख्य कार की बॉडी पर गोलियों के सीधे निशान मिले हैं, जो यह साबित करते हैं कि आरोपियों का इरादा कितना खतरनाक था।
इसके अलावा, पुलिस के कब्जे में आई दूसरी गाड़ी के सामने और बगल के कांच पूरी तरह से चकनाचूर मिले हैं, जिससे यह साफ होता है कि गोलीबारी के साथ-साथ दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव और लाठी-डंडों का भी इस्तेमाल किया गया था। पुलिस की फॉरेंसिक टीम और साइबर सेल इन गाड़ियों की तकनीकी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना के वक्त इन वाहनों में कौन-कौन लोग सवार थे। गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर उनके मालिकों की कुंडली खंगाली जा रही है।
रीवा के सिरमौर चौराहे से शुरू होकर बिछिया तक पहुँचा यह खूनी ड्रामा इस बात का अलार्म है कि युवाओं में कानून का खौफ किस कदर खत्म होता जा रहा है। भले ही पुलिस इसे व्यक्तिगत विवाद कहकर गैंगवार की थ्योरी को खारिज कर रही हो, लेकिन शहर की सड़कों पर सरेआम 5 राउंड गोलियां चलना और कारों की भिड़ंत होना आम जनता की सुरक्षा के लिहाज से बेहद डरावना है। अब पूरी रीवा की जनता की नजरें खाकी की अगली कार्रवाई पर हैं। जब तक इन चारों आरोपियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता और शहर की सड़कों पर रात का पहरा सख्त नहीं किया जाता, तब तक आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस करता रहेगा।