रीवा की सड़कों पर 'छपरी' गिरी पड़ गई भारी! महिलाओं को परेशान कर बन रहे थे 'डॉन', अब परिजनों के सामने रोते आए नजर!

 
रीवा में महिलाओं पर अश्लील कमेंट करने वाले 3 नाबालिगों को पुलिस ने पकड़ा। वीडियो वायरल होने के बाद हुई कार्रवाई।

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक शर्मनाक घटना सामने आई है, जहाँ शिक्षा के मंदिर 'विश्वविद्यालय' की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर महिलाओं की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया गया। शहर के सिमरिया (सिमौर) चौराहे से विश्वविद्यालय जाने वाले रास्ते पर कुछ युवकों द्वारा राह चलती महिलाओं और ऑटो में बैठी सवारियों पर अश्लील टिप्पणियां की गईं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की है।

सोशल मीडिया पर खुद ही डाला था छेड़खानी का वीडियो, आखिर क्या थी पूरी घटना?
हैरानी की बात यह है कि इस घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने महिलाओं पर फब्तियां कसते हुए खुद ही मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड किया। बाइक पर सवार इन लड़कों ने सड़क से गुजर रही छात्राओं और महिलाओं का मजाक उड़ाया और फिर उस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर दिया।

जैसे ही यह वीडियो स्थानीय ग्रुप्स और सोशल मीडिया पर फैला, शहर के नागरिकों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से रीवा पुलिस से इन मनचलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

रीवा पुलिस ने आरोपियों को कैसे पहचाना और क्या हुई कार्रवाई?
वीडियो के वायरल होते ही थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल और उनकी टीम सक्रिय हो गई। पुलिस ने डिजिटल सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से बाइक के नंबर और वीडियो में दिख रहे चेहरों की पहचान की। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया।

जांच में खुलासा:
पुलिस जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि पकड़े गए तीनों आरोपी नाबालिग हैं। पूछताछ में तीनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने केवल 'मजे' के लिए और सोशल मीडिया पर चर्चा बटोरने के लिए यह शर्मनाक कृत्य किया था।

माफीनामा और पुलिस की समझाइश: क्या केवल चेतावनी काफी है?
हिरासत में लिए जाने के बाद आरोपियों का एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें वे हाथ जोड़कर और कान पकड़कर अपनी गलती की माफी मांगते नजर आ रहे हैं। उन्होंने पुलिस के सामने लिखित आश्वासन दिया कि भविष्य में वे कभी भी किसी महिला या राहगीर के साथ ऐसी अभद्रता नहीं करेंगे।

थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी नाबालिग थे, इसलिए कानून के दायरे में रहते हुए उनके परिजनों को थाने बुलाया गया। पुलिस ने नाबालिगों को कड़ी समझाइश दी और उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। परिजनों से भी यह लिखवाया गया है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखेंगे।

विश्वविद्यालय मार्ग पर गश्त बढ़ी: महिलाओं की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम
इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों और विश्वविद्यालय की छात्राओं का कहना है कि यह मार्ग काफी व्यस्त रहता है, इसके बावजूद मनचले यहाँ सक्रिय रहते हैं।

प्रशासन के नए निर्देश:

  • विश्वविद्यालय मार्ग और सिमरिया चौराहे पर पुलिस पेट्रोलिंग (गश्त) को दोगुना कर दिया गया है।
  • संदेहियों पर नजर रखने के लिए सिविल ड्रेस में भी पुलिस बल की तैनाती की गई है।
  • छात्राओं को आपातकालीन स्थिति में 'डायल 100' का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

सामाजिक जागरूकता और सख्त कानून की जरूरत
रीवा की इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि सोशल मीडिया के दौर में युवा पीढ़ी प्रसिद्धि पाने के लिए किसी भी हद तक गिर सकती है। हालांकि पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया है, लेकिन स्थानीय लोगों का तर्क है कि जब तक महिलाओं से जुड़े अपराधों में कड़ी सजा का प्रावधान नहीं होगा, तब तक ऐसी मानसिकता पर लगाम लगाना मुश्किल है।