उर्रहट में रिहायशी इलाके के बीच 'बारूद' का जखीरा, स्कूल के पास चल रहा था मौत का खेल
रीवा शहर के व्यस्त उर्रहट क्षेत्र में शनिवार शाम प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़े खतरे को टाल दिया। 'सुविधा सर्विसेज' नामक फर्म पर अचानक दी गई दबिश में भारी मात्रा में स्पार्कल और ड्राई आइस बरामद की गई है। रिहायशी बस्ती के बीचों-बीच इस तरह की ज्वलनशील सामग्री का मिलना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है।
मासूमों की जान से खिलवाड़: स्कूल से महज 10 मीटर की दूरी
इस पूरे मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि यह अवैध गोदाम एक निजी स्कूल के बिल्कुल बगल में संचालित हो रहा था। स्कूल और इस विस्फोटक भंडार के बीच महज 10 मीटर का फासला था। यदि कोई छोटी सी अनहोनी भी होती, तो सैकड़ों बच्चों की जान खतरे में पड़ सकती थी। स्थानीय निवासियों ने इस लापरवाही पर गहरा रोष व्यक्त किया है।
सुविधा सर्विसेज का फैला है जाल, एमपी-यूपी में होती थी सप्लाई
जांच में सामने आया कि सुविधा सर्विसेज के संचालक पुष्पराज कुशवाहा का कारोबार काफी बड़ा है। यहाँ से स्पार्कल और ड्राई आइस जैसे फायरवर्क आइटम की सप्लाई न केवल मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में, बल्कि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश तक की जाती थी। मुनाफा कमाने के चक्कर में संचालक ने सुरक्षा नियमों को ताक पर रख दिया था।
बिना फायर NOC और सुरक्षा इंतजामों के चल रहा था काम
प्रशासनिक टीम की शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि इस फर्म ने नगर निगम से अनिवार्य फायर एनओसी (No Objection Certificate) नहीं ली थी। मौके पर आग बुझाने के न तो पर्याप्त संसाधन मिले और न ही भंडारण के मानकों का पालन किया गया था। सघन बस्ती होने के कारण यहाँ किसी भी प्रकार का ज्वलनशील स्टॉक रखना गैरकानूनी है।
मजिस्ट्रेट का सख्त रुख: दस्तावेज तलब, होगी कड़ी कार्रवाई
कार्यपालिक मजिस्ट्रेट राजीव शुक्ला ने बताया कि सटीक सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि "स्पार्कल" पटाखों की श्रेणी में आता है और रिहायशी क्षेत्र में इसका थोक भंडारण प्रतिबंधित है। प्रशासन ने फर्म के सभी व्यापारिक दस्तावेज जब्त कर लिए हैं और जांच पूरी होते ही संचालक के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।