बेखौफ गौ-तस्कर या पुलिस का खौफ खत्म? रीवा के वार्ड 37 में सरेआम गायों को घसीट ले गए तस्कर, CCTV फुटेज देख कांप जाएगी रूह! "सो रही कोतवाली पुलिस!"
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। रीवा शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाला वार्ड क्रमांक 37 इन दिनों एक अजीबोगरीब दहशत के साये में है। यहाँ पिछले कुछ दिनों से पालतू और आवारा मवेशी (गायें) अचानक गायब हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कोई सामान्य गुमशुदगी नहीं, बल्कि एक सुनियोजित चोरी की घटना है, जिससे पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है।
सीसीटीवी फुटेज ने खोली पोल: आधी रात को 'शिकार' कर रहे बदमाश
गायों के गायब होने का राज तब खुला जब एक स्थानीय सीसीटीवी कैमरे की फुटेज सामने आई। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ अज्ञात युवक देर रात सन्नाटे का फायदा उठाकर गायों को जबरन घसीटते हुए अपने साथ ले जा रहे हैं। युवकों की बेखौफ हरकतें यह साफ इशारा कर रही हैं कि शहर में कोई संगठित गिरोह सक्रिय है जो मवेशियों को निशाना बना रहा है।
एसपी दफ्तर पहुंची जनता: "साहब, हमारी गायें बचाइए"
सोमवार को वार्ड क्रमांक 37 के दर्जनों लोग एकजुट होकर पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचे। स्थानीय नागरिकों ने एसपी को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि वे इस मामले में काफी डरे हुए हैं। उन्होंने मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे आरोपियों की तुरंत पहचान की जाए और उन्हें गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाए।
कोतवाली पुलिस की सुस्ती पर भड़के वार्डवासी
आक्रोशित लोगों का आरोप है कि इस संबंध में सिटी कोतवाली थाने में पहले ही शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अब तक न तो किसी संदिग्ध से पूछताछ हुई है और न ही इलाके में गश्त बढ़ाई गई है। वार्डवासियों का कहना है कि अगर समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो यह गिरोह शहर के अन्य हिस्सों में भी अपनी जड़ें जमा लेगा।
सुरक्षा और आस्था पर प्रहार
रीवा जैसे शहर में, जहाँ गायों के प्रति लोगों की गहरी आस्था है, वहां इस तरह की घटनाएं कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करती हैं। सीसीटीवी फुटेज एक ठोस सबूत है, और अब गेंद पुलिस के पाले में है। क्या रीवा पुलिस इन अपराधियों को पकड़ पाएगी या 'गौ-तस्करी' का यह काला खेल ऐसे ही चलता रहेगा?