रीवा का 'बड़ा इनवेस्टमेंट स्कैम': जमीन में तगड़े रिटर्न का लालच देकर करोड़ों ऐंठे, चाय की दुकान पर पहचानते ही मच गया हड़कंप, देर रात सिविल लाइन थाने में हंगामा!

 
दुबई से लौटे मऊगंज निवासी विवेक तिवारी को पीड़ितों ने घेराबंदी कर पकड़ा। सिविल लाइन थाने में देर रात हंगामा, पुलिस कर रही जांच।

ऋतुराज द्विवेदी (राज्य ब्यूरो) विंध्य अंचल के रीवा शहर में जमीन खरीदने और भारी-भरकम मुनाफा (रिटर्न) कमाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की चपत लगाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मऊगंज जिले के निवासी आरोपी विवेक तिवारी पर रीवा और आसपास के दर्जनों लोगों से जमीन में पैसे इनवेस्ट कराने के नाम पर करीब 1.30 करोड़ रुपये ऐंठने का आरोप लगा है।

शनिवार की देर रात जैसे ही पीड़ितों को आरोपी के विदेश (दुबई) से वापस रीवा लौटने की खबर मिली, उन्होंने तत्काल घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया और सीधे सिविल लाइन थाने ले जाकर पुलिस के हवाले कर दिया। घटना के बाद देर रात तक सिविल लाइन पुलिस स्टेशन में पीड़ितों का जमावड़ा लगा रहा।

चाय की टपरी पर हुई पहचान: जानिए कैसे पकड़ा गया मऊगंज का आरोपी विवेक तिवारी
ठगी के शिकार हुए लोगों के अनुसार, आरोपी विवेक तिवारी लंबे समय से लोगों के पैसे हड़पने के बाद फरार चल रहा था और कुछ समय पूर्व दुबई चला गया था। शनिवार रात वह रीवा शहर के एक इलाके में चाय की दुकान के पास खड़ा था।
इसी दौरान एक पीड़ित आशीष मिश्रा के परिचित की नजर उस पर पड़ गई। उसने तुरंत बिना वक्त गंवाए अन्य पीड़ितों को फोन कर मौके पर बुलाया। देखते ही देखते ठगी के शिकार कई लोग वहां पहुंच गए और आरोपी विवेक तिवारी को मौके पर ही घेर लिया। इसके बाद आक्रोशित लोग उसे पकड़कर तुरंत सिविल लाइन थाने ले आए।

किसी से 5 लाख तो किसी से 10 लाख ठगे: ठगी का आंकड़ा 1.30 करोड़ के पार
थाने पहुंचे पीड़ित आशीष मिश्रा ने बताया कि आरोपी ने उनसे जमीन में पैसा लगाने और मोटा मुनाफा देने का लालच देकर ₹8 लाख लिए थे। इसी तरह शहर व आसपास के कई अन्य लोगों से किसी से ₹5 लाख, किसी से ₹10 लाख तो किसी से इससे भी अधिक रकम हासिल की गई थी।

जब पैसे देने की अवधि पूरी हुई, तो न तो पीड़ितों को कोई जमीन रजिस्ट्री कराकर दी गई और न ही उनकी मूल रकम लौटाई गई। पीड़ितों ने जब आपस में बात की और अपने-अपने ट्रांजेक्शन का हिसाब जोड़ा, तो यह आंकड़ा लगभग 1 करोड़ 30 लाख रुपये से अधिक निकलकर सामने आया।

देर रात सिविल लाइन थाने में भारी हंगामा: पीड़ितों ने दर्ज कराई लिखित शिकायत
आरोपी को पुलिस के हवाले करने के बाद शनिवार देर रात तक सिविल लाइन थाने परिसर में पीड़ितों की भारी भीड़ जमा रही। ठगी के शिकार हुए दर्जनों लोगों ने पुलिस के समक्ष अपने-अपने बैंक ट्रांजेक्शन, एग्रीमेंट और लेन-देन के लिखित सबूत पेश किए।

पीड़ितों का कहना है कि आरोपी ने सोची-समझी साजिश के तहत दर्जनों लोगों की गाढ़ी कमाई हड़पी है। उन्होंने पुलिस से आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी (BNS की धाराओं) के तहत कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और अपनी डूबी हुई रकम वापस दिलाने की मांग की है।

सिविल लाइन थाना प्रभारी विजय सिंह का बयान: दस्तावेजों और बैंक खातों की जांच शुरू
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सिविल लाइन थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि "जमीन में निवेश और पैसों की हेराफेरी को लेकर कई आवेदकों द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस शिकायत में दिए गए तथ्यों, बैंक स्टेटमेंट और लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल कर रही है।"

थाना प्रभारी ने आगे कहा कि जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद आरोपी के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस पूरे नेक्सस में आरोपी के साथ कोई अन्य साथी या प्रॉपर्टी ब्रोकर शामिल तो नहीं था।

विंध्य क्षेत्र में रियल एस्टेट और फर्जी इनवेस्टमेंट स्कीमों के बढ़ते खतरे
रीवा और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ वर्षों में स्मार्ट सिटी व बुनियादी ढांचे के विकास के साथ ही प्रॉपर्टी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी का फायदा उठाकर कई फर्जी एजेंट और ठग लोगों को 'कम समय में दोगुना मुनाफा' देने का लालच देकर चूना लगा रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि बिना किसी वैध कागजात, रेरा (RERA) रजिस्ट्रेशन और पक्की लिखापढ़ी के किसी भी व्यक्ति को जमीन या स्कीम के नाम पर नकद या ऑनलाइन पैसे न दें।