रीवा में RTO की खुली गुंडागर्दी: वैध कागजात और प्रदूषण ओके होने के बावजूद लखनऊ से आ रही गाड़ी सीज, चाबी छीनकर 20 हजार की वसूली!
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से मध्य प्रदेश के जबलपुर की ओर आ रही एक गाड़ी को रीवा क्षेत्र में आरटीओ (परिवहन विभाग) के अमले द्वारा रोके जाने और फिर नियमविरुद्ध तरीके से सीज किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। परिवहन विभाग के अफसरों और मैदानी अमले की इस मनमानी से ट्रांसपोर्ट जगत और वाहन संचालकों में भारी आक्रोश है।
मिली जानकारी के मुताबिक, यह गाड़ी पूरी तरह से चुस्त-दुरुस्त और सभी सड़क मानकों पर खरी थी। इसके बावजूद आरटीओ के कर्मचारियों ने रास्ते में वाहन को रोककर न सिर्फ उसे जबरन थाने में खड़ा करवा दिया, बल्कि ड्राइवर के हाथ से गाड़ी की चाबी भी छीन ली गई। इस तरह की घटनाएं यह साबित करती हैं कि परिवहन विभाग के नाम पर सड़कों पर किस तरह गुंडागर्दी और अवैध वसूली का खेल चल रहा है।
दस्तावेज ओके होने के बावजूद अवैध वसूली का खेल
इस पूरे मामले की तह तक जाने पर जो तथ्य सामने आए हैं, वे परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली की पोल खोल देते हैं। वाहन मालकिन सायरा बानो की इस गाड़ी को लेकर आरटीओ अमले ने जो रवैया अपनाया है, वह सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और पद का दुरुपयोग है।
ट्रक ड्राइवर संतोष और अल्लाह मेहर ने रीवा न्यूज़ मीडिया को बताया
प्रकरण से जुड़े मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- रूट और स्थिति: गाड़ी लखनऊ से चलकर जबलपुर जा रही थी, जिसे रास्ते में निशाना बनाया गया।
- दस्तावेज और प्रदूषण: वाहन के सभी कागजात पूरी तरह से ओके (वैध) थे। गाड़ी का प्रदूषण (Pollution Certificate) भी बना हुआ था और वाहन में किसी भी प्रकार का ओवरलोड या ओवरहैडिंग नहीं था।
- थाने में जब्ती और चाबी छिनना: सभी दस्तावेज दुरुस्त होने के बावजूद आरटीओ अमले ने गाड़ी को थाने में बंद कर दिया और ड्राइवर के हाथ से जबरन चाबी छीन ली गई।
- रिश्वत की खुली मांग: गाड़ी छोड़ने की एवज में 20,000 रुपये की अवैध रकम की मांग की गई, ताकि अपनी जेबें भरी जा सकें।
- पीड़ित ड्राइवर: इस दौरान गाड़ी पर मौजूद ड्राइवर संतोष और अल्लाह मेहर को भारी मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।
चेकपोस्टों और सड़कों पर आरटीओ का अवैध वसूली रैकेट: रोजाना लुट रहे वाहन चालक
यह कोई पहला या इकलौता मामला नहीं है, बल्कि विंध्य और मध्य प्रदेश की सड़कों पर आरटीओ के नाम पर अवैध वसूली का यह खेल लंबे अरसे से धड़ल्ले से चल रहा है। हालात यह हैं कि रोजाना नए-नए मामलों में वाहन चालकों को नियम-कानून का झूठा डर दिखाकर प्रताड़ित किया जाता है। कभी 20 हजार तो कभी 50 हजार रुपए की अवैध वसूली खुलेआम की जा रही है।
सबसे शर्मनाक बात यह है कि जब पीड़ित वाहन मालिक या चालक इन भ्रष्ट अधिकारियों को फोन मिलाते हैं, तो अधिकारियों द्वारा फोन तक नहीं उठाया जाता है, जिससे साफ जाहिर होता है कि इस पूरे खेल में ऊपर से लेकर नीचे तक मिलीभगत है। कागजात पूरे होने के बावजूद गाड़ियां सीज करना और अवैध उगाही करना आम बात बन चुकी है।
दैनिक रीवा न्यूज़ मीडिया प्रशासन और शासन के उच्चाधिकारियों से मांग करता है कि इस मामले की त्वरित निष्पक्ष जांच हो, संलिप्त अधिकारियों व कर्मचारियों पर तुरंत भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया जाए, और वाहन मालकिन सायरा बानो की गाड़ी को बिना किसी जुर्माने या रिश्वत के तत्काल प्रभाव से सम्मानजनक तरीके से रिलीज किया जाए।