प्रवीण शुक्ला के हाथों में रीवा के स्कूलों का भविष्य! DEO ऑफिस में मिली रमसा की बड़ी जिम्मेदारी; प्राचार्यों व शिक्षकों ने दी बधाई : जानिए कौन हैं ये वरिष्ठ अधिकारी

 

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय रीवा में प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का पुनर्वितरण किया गया है। शासकीय हाई स्कूल भुण्डहा में पदस्थ प्राचार्य प्रवीण शुक्ला को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान यानी रमसा (RAMSA) के प्रभार की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रवीण शुक्ला का शैक्षणिक एवं प्रशासनिक करियर लंबे समय से शिक्षा जगत में चर्चा में रहा है। विद्यालयीन गतिविधियों के कुशल संचालन से लेकर जिला स्तरीय प्रशासनिक प्रभारों को संभालने तक उनका अनुभव विस्तृत रहा है। भुण्डहा हाई स्कूल में प्राचार्य के रूप में अपनी सेवाएं देने के बाद अब वे जिला स्तर पर माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन की कमान संभालेंगे।

रीवा और मऊगंज बीआरसी के रूप में प्रशासनिक अनुभव का लाभ
प्रवीण शुक्ला को रमसा का महत्वपूर्ण प्रभार सौंपे जाने के पीछे उनका पूर्व में रहा लंबा ब्लॉक संसाधन केंद्र (BRC) का प्रशासनिक अनुभव मुख्य आधार माना जा रहा है। वे पूर्व में रीवा और मऊगंज दोनों ही विकासखंडों में बीआरसीसी (BRCC) के पद का दायित्व कुशलतापूर्वक संभाल चुके हैं।

  • योजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन: बीआरसी पद पर रहते हुए उन्होंने सर्व शिक्षा अभियान और विभागीय योजनाओं को मैदानी स्तर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
  • अध्यापकों व अमले से समन्वय: शिक्षकों की समस्याओं के त्वरित निवारण, संकुल केंद्रों के निरीक्षण और विकासखंड स्तरीय शैक्षणिक गतिविधियों के तालमेल में उनका अनुभव सराहनीय रहा है।
  • समयबद्ध कार्य संस्कृति: विभागीय प्रतिवेदनों और प्रशासनिक पत्राचार को समय पर पूरा करने की उनकी प्रणाली को ध्यान में रखते हुए ही उन्हें जिला स्तर की यह बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।

रमसा (RAMSA) प्रभार का महत्व और विभागीय जिम्मेदारियां
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में 'रमसा' (राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान) शाखा का कार्य बेहद महत्वपूर्ण और व्यापक होता है। इस विभाग का सीधा प्रभाव जिले के सभी हाई स्कूलों और हायर सेकेंडरी स्कूलों की अधोसंरचना तथा शैक्षणिक गुणवत्ता पर पड़ता है।

स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर की देखरेख: शासकीय हाई स्कूलों में प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, अतिरिक्त कक्षों और पेयजल जैसी सुविधाओं के निर्माण कार्य की निगरानी करना।
अनुदान व बजट आवंटन: जिले के माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को प्राप्त होने वाले विभिन्न शासकीय अनुदानों और बजट का नियमानुसार सही उपयोग सुनिश्चित कराना।
शैक्षणिक गुणवत्ता एवं प्रशिक्षण: शिक्षकों के विषय आधारित प्रशिक्षण, डिजिटल क्लासरूम के संचालन और विद्यार्थियों की दक्षता संवर्धन योजनाओं का क्रियान्वयन।
समीक्षा एवं भौतिक सत्यापन: विद्यालयों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों, भौतिक पूर्णता प्रमाण पत्रों और जीर्णोद्धार संबंधी कार्यों की रिपोर्ट तैयार कर वरिष्ठ कार्यालय को प्रेषित करना।

शैक्षणिक योजनाओं के क्रियान्वयन और मॉनीटरिंग में तेजी की उम्मीद
जिले में शासकीय माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए शासन स्तर से लगातार कई नवाचार किए जा रहे हैं। ऐसे में रमसा प्रभारी के रूप में प्रवीण शुक्ला की पदस्थापना से जिले के दूरस्थ अंचलों में स्थित स्कूलों की मॉनीटरिंग व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।

उनके पास रीवा और मऊगंज के ग्रामीण तथा शहरी शैक्षणिक परिदृश्य की व्यावहारिक समझ है। बीआरसी के रूप में उन्होंने लंबे समय तक सीधे शाला स्तर पर जाकर जमीनी चुनौतियों का अध्ययन किया है। यही कारण है कि विभागीय रणनीतियों को सुचारू रूप से लागू करने और बजट के पारदर्शी उपयोग को सुनिश्चित करने में उनके इस प्रशासनिक अनुभव का प्रत्यक्ष लाभ रीवा जिले के शैक्षणिक संस्थानों को मिलेगा।

विभाग में हर्ष की लहर: अधिकारियों व सहकर्मियों ने दी शुभकामनाएं
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रवीण शुक्ला द्वारा रमसा प्रभारी का पदभार ग्रहण करने के साथ ही विभाग के सहकर्मियों, प्राचार्यों और शिक्षकों में सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है।

विभागीय अधिकारियों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों और शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने उन्हें नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। शुभकामनाएं व्यक्त करने वाले अधिकारियों का कहना है कि प्रवीण शुक्ला की कार्यशैली प्रतिबद्धता और प्रशासनिक सजगता से परिपूर्ण रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि उनके नेतृत्व में रीवा जिले में रमसा शाखा से संबंधित लंबित कार्यों को गति मिलेगी और शासकीय विद्यालयों के विकास कार्यों में तेजी आएगी।