रीवा में सरेराह 3 राउंड फायरिंग का सच? कानून को ठेंगा! बीच सड़क पर गाड़ी दौड़ाते हुए सरेआम दाग दी गोलियां, रीवा पुलिस की थ्योरी पर उठे सवाल
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। रीवा स्थित बिछिया थाना इलाके में सोमवार रात को हुई गैंगवार और पांच राउंड हवाई फायरिंग के मामले में हर दिन नए और चौंकाने वाले मोड़ आ रहे हैं। इस घटनाक्रम ने न केवल स्थानीय लोगों को दहशत में डाल दिया है, बल्कि रीवा पुलिस की कार्यप्रणाली और तत्परता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोमवार देर रात हुई इस हिंसक झड़प के बाद पुलिस ने जिस युवक को पीड़ित (फरियादी) मानकर सुरक्षा कवच दिया था और विपक्षियों पर मामला दर्ज किया था, अब उसी युवक की एक ऐसी हरकत सामने आई है जिससे पूरी कहानी ही पलट गई है। हालांकि, पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे इस मामले में जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठा रहे हैं और हर एक पहलू की बारकी से तकनीकी जांच की जा रही है।
वायरल वीडियो ने बदला घटनाक्रम: दोनों हाथों में पिस्टल लिए दिखा अक्षत
बुधवार सुबह से ही सोशल मीडिया और इंटरनेट पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने रीवा पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। इस वायरल वीडियो में अक्षत सोनी नामक वही युवक दिखाई दे रहा है, जिसे सोमवार रात की घटना में पुलिस ने पीड़ित माना था।
वीडियो के मुख्य दृश्य:
1. अक्षत सोनी खुलेआम अपने दोनों हाथों में दो अवैध पिस्टल (अवैध हथियार) लहरा रहा है।
2. वह बड़ी लापरवाही और बेखौफ अंदाज में इन हथियारों के साथ कार में बैठा है।
3. कुछ ही सेकंड बाद, वह चलती कार की सनरूफ खोलकर बाहर निकलता है और सरेराह बीच सड़क पर अंधाधुंध हवाई फायरिंग करना शुरू कर देता है।
इस वीडियो के सामने आने के बाद शहर के बुद्धिजीवियों और आम जनता के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि जो व्यक्ति कानून के सामने खुद को पीड़ित बता रहा था, वह असल में खुद एक गंभीर आपराधिक कृत्य में लिप्त दिखाई दे रहा है। बीच सड़क पर इस तरह दो-दो अवैध हथियारों का प्रदर्शन और फायरिंग करना किसी बड़े अपराध की श्रेणी में आता है, जिससे रीवा पुलिस बैकफुट पर दिखाई दे रही है।
थाना प्रभारी मनीषा उपाध्याय का बयान:
दैनिक रीवा न्यूज़ मीडिया को जानकारी देते हुए बताया की "सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसे पुलिस ने संज्ञान में लिया है। लेकिन अभी तक अक्षत सोनी को इस मामले में औपचारिक रूप से आरोपी नहीं बनाया गया है। वर्तमान में उस वायरल वीडियो की प्रामाणिकता और उसकी समय-सीमा (तारीख और समय) की गहनता से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने और साक्ष्य मिलने के बाद ही विधिक कार्रवाई की जाएगी।"
पुलिस का एक तर्क यह भी है कि वायरल हो रहा यह वीडियो कुछ दिन या कुछ महीने पुराना भी हो सकता है, जिसका सोमवार रात को हुई गैंगवार से सीधा संबंध है या नहीं, यह तकनीकी जांच (Cyber and Forensic Cell) के बाद ही साफ हो पाएगा। लेकिन थाना प्रभारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस दबाव में आकर नहीं, बल्कि पूरी पारदर्शिता और सबूतों के आधार पर ही अगली कार्रवाई तय करेगी।
शुरुआती पुलिस जांच और दर्ज हुई एफआईआर की पूरी कहानी
सोमवार देर रात जब बिछिया थाना इलाके में दो गुटों के बीच गैंगवार और पांच राउंड फायरिंग की खबर आई, तो इलाके में तनाव फैल गया था। बिछिया थाना पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए आनन-फानन में कार्रवाई शुरू की थी।
शुरुआती जांच और मौके से मिली जानकारी के आधार पर, पुलिस ने अक्षत सोनी को पीड़ित और फरियादी स्वीकार किया। अक्षत की शिकायत पर पुलिस ने दूसरे गुट के चार युवकों को नामजद किया। पुलिस ने जिन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया, उनके नाम हैं: अभय,विकास,प्रिंस,नमन है।
इन चारों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला पंजीकृत कर पुलिस उनकी तलाश में जुट गई थी। लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब पुलिस ने घटना के तुरंत बाद आसपास के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और चश्मदीदों से पूछताछ की थी, तो अक्षत सोनी की संदिग्ध भूमिका या उसकी इस प्रकार की आपराधिक पृष्ठभूमि पुलिस की नजरों से कैसे बच गई?
रीवा में बढ़ता अवैध हथियारों का चलन और कानून व्यवस्था पर उठते सवाल
इस पूरी घटना ने रीवा शहर के भीतर पनप रहे गन-कल्चर और अवैध हथियारों की तस्करी को एक बार फिर उजागर कर दिया है। शहर के बीचों-बीच युवाओं द्वारा कार की सनरूफ से बाहर निकलकर दो-दो पिस्टलों से फायरिंग करना यह दर्शाता है कि अपराधियों के मन से कानून और पुलिस का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है।
नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) राजीव पाठक ने भी पहले इस बात के संकेत दिए थे कि प्रारंभिक जांच के आधार पर मामला दर्ज किया गया था, लेकिन गैंगवार जैसी घटनाओं में अक्सर दोनों पक्षों की संलिप्तता होती है। शहर के नागरिकों का कहना है कि चाहे वीडियो पुराना हो या नया, एक युवक के पास दो अवैध पिस्टल होना और उसका इस तरह सार्वजनिक प्रदर्शन करना ही यह साबित करने के लिए काफी है कि वह कानून व्यवस्था के लिए खतरा है। अब जनता की नजरें रीवा पुलिस की अगली निष्पक्ष और कड़ी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। ........खबर अभी आगे अपडेट हो रही है।