सैलानी सावधान! फिर पुरवा फॉल में खूनी ड्रामा: 5 युवकों ने मिलकर 2 को बंधक बनाया, फिर जो हुआ... वीडियो वायरल
ऋतुराज द्विवेदी, रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र के सबसे प्रमुख और खूबसूरत पर्यटन स्थलों में शुमार रीवा का पुरवा फॉल (Purva Waterfall) गुरुवार की सुबह गोलियों की गूंज और चीख-पुकार जैसी दहशत का गवाह बन गया। यहाँ प्रकृति की खूबसूरती का आनंद लेने आए आम सैलानी उस वक्त अपनी जान बचाकर भागने लगे, जब पांच से अधिक युवकों ने मिलकर दो अन्य युवकों को घेर लिया। चश्मदीदों के मुताबिक, हमलावरों ने न सिर्फ कानून की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि दोनों युवकों को बंधक बनाकर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की।
घायल युवक की पहचान अभिषेक के रूप में हुई है, जिसे लहूलुहान हालत में जमीन पर गिराकर जानवरों की तरह घसीटा गया। इस पूरी वारदात का एक बेहद विचलित करने वाला वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
विवाद की इनसाइड स्टोरी: पुरानी रंजिश या सोची-समझी साजिश?
अंकित कोलौरा और ज्ञानू यादव पर लगा घेराबंदी कर जानलेवा हमला करने का आरोप
स्थानीय सूत्रों और पुलिस से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस पूरे खूनी संघर्ष की पटकथा अचानक नहीं लिखी गई, बल्कि इसके पीछे लंबे समय से चली आ रही पुरानी रंजिश (Old Enmity) बताई जा रही है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि गुरुवार की सुबह जब अभिषेक अपने साथी के साथ पुरवा फॉल घूमने और समय बिताने आया था, तभी वहां पहले से घात लगाकर बैठे या अचानक पहुंचे विरोधी गुट के युवकों ने उन्हें देख लिया।
आरोपियों में मुख्य रूप से अंकित कोलौरा और ज्ञानू यादव के नाम सामने आ रहे हैं, जिनके साथ तीन-चार अन्य अज्ञात युवक भी शामिल थे। अभिषेक को देखते ही इन लोगों ने पहले उसे अपशब्द कहे और गाली-गलौज शुरू कर दी। जब अभिषेक ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे और उनका इरादा जान से मारने का था। अभिषेक को बेरहमी से पीटने के बाद उसे जमीन पर घसीटा गया, जिससे उसके सिर, पीठ और हाथों में गंभीर चोटें आई हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और पुलिसिया तफ्तीश
चश्मदीद ने छिपकर बनाया वीडियो; अब वही बना आरोपियों के खिलाफ सबसे बड़ा डिजिटल सबूत जब पुरवा फॉल के मुख्य परिसर में यह पूरी वारदात हो रही थी, तब वहां मौजूद आम जनता डर के मारे बीच-बचाव करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी। हमलावरों का खौफ इतना था कि लोग दूर खड़े तमाशा देख रहे थे। हालांकि, इसी दौरान भीड़ में मौजूद एक सजग नागरिक ने अपने मोबाइल कैमरे से इस पूरी हैवानियत को रिकॉर्ड कर लिया।
यह वायरल वीडियो (Viral Video) अब पुलिस के लिए सबसे बड़ा हथियार बन चुका है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह पांच युवक मिलकर एक अकेले युवक को जमीन पर पटककर लात-घूसों से मार रहे हैं और वह खुद को बचाने की गुहार लगा रहा है। रीवा पुलिस की साइबर सेल और स्थानीय थाना टीम ने इस वीडियो को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस वीडियो की फ्रेम-बाय-फ्रेम जांच कर रही है ताकि घटना में शामिल मुख्य आरोपियों के अलावा उन चेहरों की भी पहचान की जा सके जो पीछे से शह दे रहे थे।
कानून व्यवस्था पर उठते सवाल और पर्यटन स्थलों की सुरक्षा
सैलानियों की सुरक्षा भगवान भरोसे; रीवा के पिकनिक स्पॉट्स पर क्यों बढ़ रहा है हुड़दंगियों का आतंक? इस घटना ने एक बार फिर रीवा जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस की गश्ती व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुरवा फॉल, चचाई फॉल और क्योंटी फॉल जैसे स्थल न केवल रीवा बल्कि पूरे मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। ऐसे में विशेषकर छुट्टियों के दिनों या सामान्य दिनों में भी इन दूरदराज के इलाकों में पुलिस चौकी या अस्थायी पुलिस बल की तैनाती न होना, अपराधियों के हौसले बुलंद कर रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि:
- इन पर्यटन स्थलों पर अक्सर असामाजिक तत्व शराब का सेवन करते हैं।
- हथियारों या धारदार चीजों के साथ घूमना यहाँ आम बात हो चुकी है।
- पुलिस की अनुपस्थिति के कारण मामूली विवाद भी बड़े खूनी संघर्ष का रूप ले लेते हैं।
- पर्यटकों ने मांग की है कि रीवा के सभी प्रमुख वॉटरफॉल्स पर 'टूरिस्ट पुलिस' (Tourist Police) की स्थायी तैनाती की जाए ताकि भविष्य में कोई भी परिवार या युवा यहाँ आने से न डरे।
प्रशासनिक बयान: एडिशनल एसपी संदीप मिश्रा का रुख
"किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, साक्ष्यों के आधार पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई"
इस संवेदनशील मामले पर रीवा के एडिशनल एसपी (ASP) संदीप मिश्रा ने मीडिया को आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा है कि पुलिस विभाग इस घटना को बेहद गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यटन स्थलों पर गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
"पुरवा फॉल में युवकों के बीच हुए विवाद और मारपीट का मामला हमारे संज्ञान में आया है। पीड़ित पक्ष की शिकायत और सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो फुटेज को केस डायरी का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस की एक विशेष टीम प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक और दंडात्मक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।"
— संदीप मिश्रा, एडिशनल एसपी, रीवा
रीवा के पर्यटन को दागदार करतीं ऐसी घटनाएं
पुरवा फॉल की यह घटना महज़ दो गुटों की आपसी लड़ाई नहीं है, बल्कि यह रीवा के पर्यटन उद्योग और छवि पर एक गहरा दाग है। जब तक ऐसे असामाजिक तत्वों और नामजद गुंडों के खिलाफ रीवा पुलिस सख्त से सख्त जिलाबदर या रासुका जैसी कार्रवाई नहीं करती, तब तक कानून का खौफ कायम नहीं होगा। उम्मीद है कि वायरल वीडियो के पुख्ता डिजिटल साक्ष्य के आधार पर अंकित कोलौरा, ज्ञानू यादव और उनके साथियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा, ताकि रीवा के सुंदर पर्यटन स्थल दोबारा सुरक्षित महसूस हो सकें।