रीवा में सितंबर के आखिरी दिनों में मौसम का यू-टर्न! 48 घंटे की बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, तापमान भी गिरा : सड़कें जलमग्न, ठंडक ने बढ़ाई दस्तक

 

रीवा। सितंबर के आखिरी दिनों में रीवा का मौसम एक बार फिर पूरी तरह बदल गया है। पिछले करीब दो दिनों से लगातार सक्रिय बारिश ने शहर की रफ्तार धीमी कर दी है। शुक्रवार से शुरू हुआ बारिश का दौर शनिवार 26 सितंबर तक बना रहा। इस दौरान कभी तेज बारिश हुई तो कभी कुछ देर के अंतराल के बाद पानी बरसता रहा। लगातार बारिश का असर शहर की सड़कों और निचले इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। कई स्थानों पर पानी जमा होने से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं तापमान में गिरावट आने के बाद मौसम में ठंडक बढ़ गई है।

48 घंटे में करीब 50 मिलीमीटर बारिश दर्ज
26 सितंबर को दोपहर 12 बजे तक उपलब्ध वर्षा आंकड़ों के अनुसार रीवा में पिछले 48 घंटों के दौरान करीब 50 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यानी इस अवधि में लगभग दो इंच पानी गिर चुका था।
हालांकि दोपहर 12 बजे के बाद भी मौसम साफ नहीं हुआ। आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही और शहर के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुककर बारिश होती रही। इससे कुल बारिश का आंकड़ा और बढ़ने की संभावना बनी रही।

सुबह से ही छाए रहे बादल, दोपहर बाद भी नहीं मिली राहत
शनिवार सुबह से ही रीवा में सूर्य के दर्शन नहीं हुए और आसमान बादलों से ढका रहा। बीच-बीच में बारिश की रफ्तार बढ़ती रही। दोपहर के बाद भी मौसम में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला। कुछ इलाकों में तेज बारिश हुई, जबकि अन्य स्थानों पर रिमझिम या मध्यम बारिश का दौर चलता रहा। लगातार बादल और बारिश के कारण सामान्य दिनों की तुलना में वातावरण ठंडा महसूस हुआ।

शहर के कई हिस्सों में जमा हुआ बारिश का पानी
लगातार बारिश का सीधा असर शहर की जलनिकासी व्यवस्था पर पड़ा है। कई जगहों पर सड़क के किनारे और निचले हिस्सों में पानी जमा होने की स्थिति बनी। बारिश के दौरान दोपहिया वाहन चालकों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ा। पानी से भरी सड़कों पर गड्ढों का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ सकता है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी पानी की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है।

मौसम विभाग ने कई इलाकों के लिए जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग ने रीवा सहित पूर्वी मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवा चलने की संभावना को देखते हुए लोगों को मौसम खराब होने के दौरान अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से बिजली चमकने के दौरान पेड़, बिजली के खंभों और खुले मैदानों के पास खड़े होने से बचना जरूरी है।

बारिश की वजह बना मौसम का सक्रिय सिस्टम
मौसम में आए बदलाव के पीछे पूर्वोत्तर मध्यप्रदेश और उससे सटे उत्तर छत्तीसगढ़ के ऊपर बना अवदाब क्षेत्र प्रमुख कारण बताया जा रहा है। यह मौसम प्रणाली उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रही है। इसके असर से पूर्वी मध्यप्रदेश में बादल सक्रिय हुए हैं और कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। सिस्टम के आगे बढ़ने के साथ इसकी ताकत धीरे-धीरे कम होने की संभावना है, लेकिन इसके बावजूद इसके प्रभाव से पूर्वी मध्यप्रदेश में कुछ समय तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।

मानसून की विदाई से पहले फिर बदला मौसम
सितंबर का आखिरी सप्ताह मानसून की विदाई की ओर बढ़ने का समय माना जाता है, लेकिन इसी बीच पूर्वी मध्यप्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। बारिश की नई गतिविधि ने लोगों को चौंका दिया है। लगातार पानी गिरने से जहां मौसम सुहावना हुआ है, वहीं जलभराव और यातायात संबंधी परेशानियां भी बढ़ी हैं। किसानों और ग्रामीण इलाकों में भी इस बारिश का असर देखने को मिल सकता है। खेतों में पहले से मौजूद नमी के बीच अतिरिक्त बारिश होने पर जलनिकासी की स्थिति महत्वपूर्ण हो जाती है।

नदी-नालों और निचले क्षेत्रों में विशेष सावधानी जरूरी
लगातार बारिश को देखते हुए नदी, नाले और छोटे जलस्रोतों के आसपास रहने या जाने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। अचानक पानी का स्तर बढ़ने की स्थिति में पुल-पुलियों और निचले रास्तों को पार करना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे स्थानों पर पानी का बहाव दिखाई देने पर आगे बढ़ने से बचना जरूरी है। इसी तरह शहर के उन इलाकों में भी सतर्कता जरूरी है जहां हर साल बारिश के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती है।

अगले दौर की बारिश पर बनी रहेगी नजर
रीवा में मौसम फिलहाल पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है। मौजूदा मौसम प्रणाली के असर और बादलों की सक्रियता को देखते हुए अगले कुछ समय तक बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है।
शहर में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है। विशेषकर तेज गरज-चमक और हवाओं के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहना बेहतर होगा।

रीवा में फिलहाल तस्वीर

  • पिछले 48 घंटे में करीब 50 मिमी बारिश दर्ज।
  • शनिवार को भी रुक-रुककर बारिश जारी।
  • कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति।
  • तापमान में गिरावट से बढ़ी ठंडक।
  • पूर्वी मध्यप्रदेश में भारी बारिश की संभावना।
  • गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर सावधानी जरूरी।
  • अवदाब के कारण मौसम में सक्रियता।
  • नदी-नालों और निचले इलाकों में सतर्क रहने की जरूरत।

कुल मिलाकर, मानसून की विदाई से पहले रीवा में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। अगले कुछ समय में बारिश की स्थिति किस तरह बदलती है, इस पर स्थानीय लोगों और प्रशासन की नजर बनी रहेगी।