विंध्य में जलप्रलय! 48 घंटे की बारिश से हाहाकार: रीवा के बेडरूम-किचन तक पहुंचा पानी, रातभर घरों से पानी निकालते रहे लोग, नगर निगम के दावे ध्वस्त
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) मध्य प्रदेश के विंध्य अंचल में बीते 48 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया है। सतना, रीवा और बैकुंठपुर समेत पूरे क्षेत्र में सामान्य जनजीवन पूरी तरह से ठप हो गया है।
पहाड़ी इलाकों और कैचमेंट एरिया में हो रही तेज बारिश के कारण सभी प्रमुख नदियां-नाले अपने खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रहे हैं। वहीं, शहरी और ग्रामीण रिहायशी इलाकों में जल निकासी की व्यवस्था ध्वस्त होने से सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं। धार्मिक नगरी चित्रकूट के रामघाट पर बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो गए हैं, जबकि रीवा में लोग रातभर अपने घरों में घुसे पानी को निकालने में जुटे रहे।
बिगड़े हालात की तस्वीरें…
चित्रकूट: मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से पार, रामघाट पर चलीं नावें
सतना जिले के तराई क्षेत्र में हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश के चलते धार्मिक पर्यटन स्थल चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। नदी अपने तय खतरे के मानक से 1.5 से 2 मीटर (लगभग 6 फीट) ऊपर बह रही है।
- रामघाट जलमग्न व सड़कों पर नावें: मंदाकिनी का पानी उफान पर आने से रामघाट का पक्का प्लेटफॉर्म पूरी तरह से डूब गया है। पुरानी लंका तिराहे की मुख्य सड़कों पर जलभराव इतना अधिक हो गया कि लोगों को निकालने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।
- दुकानों में भारी नुकसान: घाट क्षेत्र में स्थित 100 से अधिक व्यापारिक प्रतिष्ठानों और दुकानों में 4 से 5 फीट तक पानी घुस जाने के कारण व्यापारियों की सामग्री बर्बाद हो गई है।
- प्रमुख मार्ग बंद व दर्शन पर रोक: आरोग्य धाम रास्ते पर 5 फीट और भरतघाट-रामघाट रपटे पर 6 फीट तक पानी बहने से आवागमन रोक दिया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सती अनुसुइया मार्ग और गुप्त गोदावरी परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन ने रामघाट की ओर जाने वाले रास्तों पर कड़े सुरक्षा घेरे और बैरिकेड्स लगा दिए हैं।
देखिए तस्वीरें…
रीवा शहर में नगर निगम के दावों की खुली पोल: बेडरूम और किचन तक पहुंचा पानी
रीवा शहर में बुधवार दोपहर से शुरू हुआ मानसूनी बारिश का दौर गुरुवार तक अनवरत जारी रहा, जिसने स्थानीय प्रशासन व नगर निगम के मानसून पूर्व तैयारियों के दावों की हवा निकाल दी है।
शहर के कई प्रमुख मोहल्लों जैसे निराला नगर हॉस्टल, नीम चौराहा, बोदाबाग, लाखोरीबाग, उपरहटी, तरहटी, संजय नगर और अरुण नगर में मुख्य सड़कों पर 2 से 3 फीट तक पानी जमा हो गया है।
- घरों के अंदर घुसा पानी: अरुण नगर अनंतपुर स्थित शिल्पी उपवन कॉलोनी में जल निकासी की उचित नाली न होने से बारिश का गंदा पानी रहवासियों के बेडरूम और रसोईघर तक पहुंच गया। पीड़ित परिवारों को पूरी रात जागकर घरेलू सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा।
- बह गई गाड़ियां व कटा संपर्क: इंजीनियरिंग कॉलेज के समीप विभीषण नगर की सड़कें पूरी तरह डूबने से मोहल्ले का संपर्क कट गया है। पानी के तेज बहाव के कारण एक कार करीब 100 मीटर दूर तक बह गई।
- स्थानीय नागरिकों का आक्रोश: बोदाबाग निवासी राकेश पटेल, लाखोरीबाग के संजय तिवारी और अरुण नगर के विनोद साकेत ने बताया कि हर वर्ष मानसून से पूर्व नालियों की प्रॉपर सफाई न होने के कारण यह नौबत आती है।
- प्रशासन का पक्ष: नगर निगम आयुक्त अक्षत जैन के अनुसार, जलभराव वाले क्षेत्रों में वाटर पंपों और निगम की टीमों को तैनात कर पानी निकासी के प्रयास जारी हैं।
बैकुंठपुर: बस्तियों से लेकर मुख्य चौराहों तक जलभराव से हाहाकार
रीवा जिले के बैकुंठपुर कस्बे में भी लगातार बारिश के कारण हालात बेकाबू नजर आ रहे हैं। कस्बे के मुख्य चौराहों से लेकर आम रिहाइशी इलाकों तक जलजमाव हो गया है।
जलमग्न चौराहे: बारो चौराहा, शक्ति चौराहा, केपी तिराहा और झंडा चौक पर घुटनों तक पानी भर गया है।
बस्तियों में संकट: कस्बे की हरिजन और आदिवासी बस्तियों के दर्जनों कच्चे-पक्के मकानों और दुकानों में नालियों का पानी भर गया है।
प्रशासन पर लापरवाही के आरोप: स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर परिषद द्वारा बारिश से पहले नालियों और नालों की सफाई के कागजी दावे किए गए थे, जिसकी वजह से आज पूरे क्षेत्र को जलभराव का दंश झेलना पड़ रहा है।