"गोलियों की तरह चलीं पानी की बौछारें..." रीवा में डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला के घर पर धावा, पुलिस के वाटर कैनन एक्शन से मचा हड़कंप!

 

रीवा में जच्चा-बच्चा की मौत पर डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला के आवास घेराव के दौरान भारी बवाल। पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए वाटर कैनन का किया प्रयोग।

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) विंध्य अंचल के मुख्य शहर रीवा में संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल (SGMH) में हुई कल्पना मिश्रा और उनके नवजात शिशु की मौत का मामला अब महज एक चिकित्सीय लापरवाही तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने एक भयंकर राजनीतिक रूप ले लिया है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर शुरू हुआ जनाक्रोश अब सड़कों पर उग्र प्रदर्शन के रूप में दिखाई दे रहा है। घटना के विरोध में विपक्षी दलों और स्थानीय नागरिकों के उग्र तेवरों के चलते पूरे जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति नाजुक बनी हुई है। प्रशासन और पुलिस तंत्र पूरी मुस्तैदी से स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा हुआ है।

रीवा SGMH प्रकरण: जच्चा-बच्चा की मौत के बाद भड़का सियासी संग्राम
26 अगस्त को संजय गांधी अस्पताल में इलाज के दौरान कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई थी। परिजनों ने ऑन-ड्यूटी चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया था। इस हृदयविदारक घटना के बाद से ही रीवा का राजनीतिक माहौल गर्म होने लगा था। देखते ही देखते यह संवेदनशील सामाजिक मुद्दा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच शक्ति प्रदर्शन और सियासी खींचतान का मुख्य केंद्र बन गया। दोनों ही दल एक-दूसरे पर प्रशासनिक विफलता और जनहित की अनदेखी का आरोप लगा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ता जा रहा है।

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के आवास का घेराव: पथराव और पुलिस का वाटर कैनन एक्शन
विरोध प्रदर्शन उस समय अपने चरम पर पहुंच गया जब सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के रीवा स्थित निजी आवास को घेरने निकल पड़े। आवास के बाहर जमा प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने नारेबाजी शुरू कर दी, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। स्थिति उस समय बेकाबू हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की और कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा पथराव व तोड़फोड़ की घटनाएं अंजाम दी गईं। बेकाबू भीड़ को तितर-बितर करने और आवास परिसर को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस बल ने सख्त कदम उठाते हुए वाटर कैनन (पानी की बौछार) का प्रयोग किया और प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया।

भाजपा बनाम कांग्रेस: रीवा में क्यों छिड़ी आर-पार की लड़ाई?
जच्चा-बच्चा की मौत के बाद रीवा की राजनीति में वर्षों पुराने राजनीतिक मतभेद एक बार फिर सतह पर आ गए हैं:

विपक्ष का रुख: कांग्रेस समेत विपक्षी दल राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन को स्वास्थ्य तंत्र की बदहाली के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए वरिष्ठ अधिकारियों और जिम्मेदार मंत्रियों के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
सत्तारूढ़ दल की प्रतिक्रिया: वहीं भाजपा नेतृत्व का कहना है कि विपक्ष एक दुखद घटना पर राजनीति कर रहा है और मामले में जांच के बाद उचित कार्रवाई की जा चुकी है।

इस आरोप-प्रत्यारोप ने जनाक्रोश में घी डालने का काम किया है, जिससे आम जनता का गुस्सा भी सड़कों पर फुट पड़ा है।

शहर में धारा 144 जैसा माहौल: छावनी में तब्दील हुआ इलाका
राजेंद्र शुक्ला के आवास और आसपास के इलाकों में पैदा हुए तनाव को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा घेरा तैयार किया है। शहर के प्रमुख चौराहों और अति-संवेदनशील इलाकों को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
पुलिस महानिरीक्षक और वरिष्ठ अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो उपद्रवियों पर नियंत्रण के लिए आगे भी कड़ा बल प्रयोग किया जा सकता है। फिलहाल पूरे शहर में पैरामिलिट्री और लोकल पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है।