"कौन है रीवा कोर्ट का दुश्मन? जज को ईमेल भेजकर दी दहलाने की धमकी, साइबर सेल खंगाल रही है 'डिजिटल फुटप्रिंट'!"
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) रीवा के नवीन जिला न्यायालय के इतिहास में गुरुवार का दिन सबसे तनावपूर्ण रहा। घटना की शुरुआत सुबह 8:30 बजे हुई, जब प्रिंसिपल जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रिंसिपल डीजे) ने अपना ईमेल चेक किया। ईमेल खोलते ही उनके होश उड़ गए—उसमें न्यायालय परिसर को बम से उड़ाने की सीधी धमकी दी गई थी। संदेश भेजने वाले ने न केवल विस्फोटक की बात की, बल्कि दोपहर 2:30 बजे तक का समय देते हुए प्रशासन को खुली चुनौती दे डाली। न्यायाधीश ने बिना समय गंवाए यह संवेदनशील संदेश रीवा पुलिस अधीक्षक (SP) को फॉरवर्ड किया। इसके बाद पूरे शहर की सुरक्षा एजेंसियां 'वार मोड' पर आ गईं।
खाली कराए गए वकीलों के चैंबर: भारी सुरक्षा घेरा
जैसे ही पुलिस कप्तान का आदेश मिला, पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता (BDS) और डॉग स्क्वाड की टीमें सायरन बजाती हुई कोर्ट परिसर की ओर दौड़ पड़ीं। सुरक्षा के मद्देनजर सबसे पहला और कड़ा कदम उठाते हुए:
- अधिवक्ताओं के चैंबर को खाली कराया गया।
- कोर्ट रूम में चल रही प्रारंभिक सुनवाई रोक दी गई।
- कर्मचारियों, वकीलों और वहां आए फरियादियों को सुरक्षित घेरे से बाहर निकाला गया।
- परिसर के सभी मुख्य द्वारों पर पुलिस ने पहरा बिठा दिया ताकि कोई भी अंदर न जा सके।
धमकी भरा ईमेल जो रीवा न्यायालय से संबंधित है।
ऑपरेशन सर्च: चप्पे-चप्पे की खाक छानी
रीवा पुलिस और बम स्क्वाड की संयुक्त टीम ने पूरे न्यायालय भवन को 'सर्च जोन' बना दिया। मेटल डिटेक्टर और खोजी कुत्तों की मदद से:
- रिकॉर्ड रूम और चैंबर: पुलिस ने हर अलमारी और फाइल के पीछे विस्फोटक की तलाश की।
- पार्किंग एरिया: कोर्ट के बाहर खड़ी सैकड़ों मोटरसाइकिलों और कारों की बारीकी से चेकिंग हुई।
- खुले स्थान और गलियारे: कोर्ट की ऊंची छतों से लेकर बेसमेंट तक हर कोने को खंगाला गया।
दृश्य ऐसा था मानो पूरा न्यायालय परिसर किसी छावनी में बदल गया हो, जहां हर कदम पर पुलिस की बंदूके और मेटल डिटेक्टर की आवाज गूंज रही थी।
सीएसपी राजीव तिवारी का बयान: सुरक्षा में कोई ढिलाई नहीं
घटनास्थल पर मौजूद सीएसपी राजीव तिवारी ने मीडिया को बताया कि संदेश की प्रकृति काफी गंभीर थी। उन्होंने स्पष्ट किया, "हमें प्रिंसिपल डीजे साहब के माध्यम से इस धमकी की जानकारी मिली। हमारा पहला उद्देश्य जान-माल की सुरक्षा करना था। परिसर को पूरी तरह सुरक्षित कर लिया गया है और सघन तलाशी जारी है। फिलहाल कोई भी संदिग्ध वस्तु प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन हम किसी भी संभावना को खारिज नहीं कर रहे हैं।"
डिजिटल पदचिह्नों की तलाश: साइबर सेल का एक्शन
धमकी देने वाला शख्स कौन है? क्या यह किसी की शरारत है या गहरी साजिश? इन सवालों के जवाब ढूंढने के लिए रीवा साइबर सेल पूरी सक्रियता से जुट गई है।
- Email Tracking: ईमेल के IP Address को ट्रेस किया जा रहा है।
- SOP पालन: पुलिस यह देख रही है कि क्या इस ईमेल का कनेक्शन पिछले दिनों देश के अन्य हिस्सों में मिली धमकियों से तो नहीं है।
- CCTV फुटेज: कोर्ट परिसर के चारों ओर लगे हाई-रेजोल्यूशन कैमरों की रिकॉर्डिंग निकाली जा रही है ताकि संदिग्ध गतिविधियों की पहचान हो सके।
निष्कर्ष: रीवा में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल और सतर्कता
हालांकि शाम तक कोर्ट परिसर में कुछ भी अप्रिय नहीं मिला, लेकिन इस घटना ने न्यायिक परिसरों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी लावारिस वस्तु की सूचना तुरंत 100 नंबर पर दें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. रीवा कोर्ट को धमकी कब और किसे मिली? यह धमकी गुरुवार सुबह 8:30 बजे प्रिंसिपल जिला एवं सत्र न्यायाधीश को उनके ईमेल पर मिली।
Q2. ईमेल में क्या समय दिया गया था? संदेश में दोपहर 2:30 बजे तक न्यायालय परिसर को उड़ाने का अल्टीमेटम दिया गया था।
Q3. क्या सर्च ऑपरेशन के दौरान कुछ मिला? पुलिस और बम स्क्वाड की तलाशी में अब तक कोई भी विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई है।
Q4. पुलिस अब आगे क्या कदम उठा रही है? पुलिस साइबर सेल के जरिए आरोपी की तलाश कर रही है और कोर्ट परिसर की सुरक्षा को स्थायी रूप से कड़ा कर दिया गया है।