"मेहरिया मर्द हो गईं, तुम गाली सुनते हो?" रीवा कलेक्टर की RTO में कड़क क्लास, प्राइवेट कर्मी के उड़े होश!

 

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। विंध्य अंचल के रीवा जिले से एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आई है। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) रीवा में अव्यवस्था और कर्मचारियों के बीच आपसी विवाद की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने कार्यालय का अचानक निरीक्षण किया। बिना किसी पूर्व सूचना के पहुंचे कलेक्टर ने परिसर का जायजा लिया और कार्यप्रणाली में पाई गई खामियों पर जिम्मेदार लोगों की जमकर क्लास लगाई।

आरटीओ कार्यालय में महिलाओं के साथ अशोभनीय आचरण की शिकायतें मिलने पर कलेक्टर निरीक्षण करने पहुंचे थे।

क्या है पूरा विवाद? (विभागीय बाबू और निजी कर्मचारी का मामला)
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरटीओ कार्यालय में पदस्थ महिला लिपिक (बाबू) दर्शना वाकड़े और परिसर में अनधिकृत रूप से सक्रिय एक निजी कर्मचारी शैलू गुप्ता के बीच काफी दिनों से मनमुटाव चल रहा था।
महिला कर्मचारी ने वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की थी कि निजी कर्मचारी द्वारा उनके काम में अनावश्यक हस्तक्षेप किया जाता है और अभद्र व्यवहार किया जाता है। वहीं, जब कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और संबंधित निजी व्यक्ति से पूछताछ की, तो उसने महिला कर्मचारी पर ही बदसलूकी करने का उल्टा आरोप लगाना शुरू कर दिया।

कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी की कड़क फटकार: "कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे"
निरीक्षण के दौरान जब निजी कर्मचारी ने बहस करने का प्रयास किया, तो कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने सख्त लहजे में हिदायत देते हुए कहा कि सरकारी दफ्तरों में किसी भी अनधिकृत व्यक्ति की मनमानी और गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आरटीओ कार्यालय में रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी (सफेद शर्ट में)।

कलेक्टर ने मौके पर ही कहा कि यदि किसी को बेवजह दिखावा करने का शौक है तो वह अन्य क्षेत्रों में जाए, लेकिन शासकीय कार्यालय में नियम और मर्यादा का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यालयीन माहौल को खराब करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

 RTO परिसर में अनाधिकृत प्रवेश और दलालों पर बड़ा एक्शन
आरटीओ कार्यालय में आम नागरिकों द्वारा लगातार यह शिकायतें मिल रही थीं कि परिसर में बाहरी तत्वों और अनाधिकृत वेंडरों का जमावड़ा रहता है, जिससे काम कराने आने वाले आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

इस पर त्वरित कदम उठाते हुए कलेक्टर ने निम्नलिखित निर्देश जारी किए:

  • बाहरी तत्वों की बेदखली: आरटीओ परिसर के भीतर मौजूद सभी अनधिकृत वेंडरों और बाहरी दलालों को तुरंत बाहर निकाला जाए।
  • नियंत्रित प्रवेश व्यवस्था: मुख्य द्वार पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए ताकि केवल काम से आने वाले आवेदकों को ही प्रवेश मिले।
  • पार्किंग व्यवस्था का सुधार: परिसर में बेतरतीब खड़े वाहनों को हटाकर पार्किंग को पूरी तरह सुव्यवस्थित किया जाए।

नागरिक सुविधाओं और सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश
कलेक्टर ने आरटीओ अधिकारी आशुतोष सिंह भदौरिया को स्पष्ट शब्दों में कहा कि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय आम जनता की सुविधा के लिए बनाया गया है, न कि अनधिकृत गतिविधियों और विवादों का केंद्र बनने के लिए।

उन्होंने कहा कि आरटीओ में आने वाली महिलाओं और बुजुर्गों के साथ पारदर्शी और सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए। यदि भविष्य में दोबारा परिसर के अंदर किसी बाहरी व्यक्ति की अनधिकृत मौजूदगी या बदसलूकी की शिकायत मिली, तो सीधे संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए विभागीय कार्रवाई की जाएगी।