"सतना में 'खाकी' पर भारी पड़े नशेड़ी: 12 हुड़दंगियों ने 5 पुलिसवालों को घेरा, जान बचाने के लिए गलियों में दौड़ने को मजबूर हुए जवान!"

 

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) मध्य प्रदेश के सतना जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिस के इकबाल पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के कोलगवां थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हनुमान नगर (नई बस्ती) में बीती रात नशे में धुत असामाजिक तत्वों ने न केवल पुलिस के साथ अभद्रता की, बल्कि उन पर जानलेवा पथराव भी किया। यह घटना दर्शाती है कि अपराधियों और नशेड़ियों के मन से कानून का खौफ किस कदर खत्म हो चुका है कि वे रक्षक पर ही हमला करने से नहीं हिचकिचा रहे।

विवाद की शुरुआत: गाली-गलौज से लेकर हंगामे तक 
घटना गुरुवार देर रात करीब 12 बजे की है। बताया जा रहा है कि वार्ड नंबर-15 स्थित पानी की टंकी के पास कुछ युवक शराब के नशे में धुत होकर जमकर उत्पात मचा रहे थे। वे राहगीरों को अपशब्द कह रहे थे और जोर-जोर से गाली-गलौज कर रहे थे। स्थानीय लोगों की परेशानी और हंगामे की सूचना जब कोलगवां थाना पुलिस को मिली, तो स्थिति को शांत कराने के लिए दो आरक्षकों को मौके पर भेजा गया। शुरुआत में पुलिस ने उन्हें समझाने और वहां से हटने के लिए कहा, लेकिन नशे में चूर इन युवकों पर इसका उल्टा असर हुआ और वे पुलिसकर्मियों से ही उलझ गए।

देखिए पुलिस पर हमले के विजुअल

जब 'शिकारी' खुद बन गई 'शिकार': पुलिस को क्यों भागना पड़ा?
जब दो पुलिसकर्मियों ने महसूस किया कि स्थिति उनके नियंत्रण से बाहर हो रही है, तो उन्होंने थाने से अतिरिक्त बल की मांग की। बैकअप के तौर पर एक एएसआई (ASI) और अन्य आरक्षक मौके पर पहुंचे। पुलिस की बढ़ती संख्या देख आरोपी युवक गलियों की तरफ भागने लगे। लेकिन जैसे ही पुलिस टीम उनका पीछा करते हुए नई बस्ती के भीतर दाखिल हुई, वहां का नजारा बदल गया।

अंधेरे का फायदा उठाते हुए लगभग 10 से 12 नशेड़ियों के समूह ने पुलिस टीम को चारों तरफ से घेर लिया। इससे पहले कि पुलिस संभल पाती, इन युवकों ने गालियां देते हुए पत्थरों की बारिश शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले और अपनी संख्या कम देखते हुए, पुलिसकर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए वहां से पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा।

गनीमत रही कि टला बड़ा हादसा 
पत्थरों की बौछार के बीच पुलिस जवानों ने खुद को जैसे-तैसे सुरक्षित निकाला। राहत की बात यह रही कि इस हिंसक झड़प में किसी भी पुलिसकर्मी को गंभीर चोट नहीं आई है। हालांकि, पुलिस के वाहनों को मामूली नुकसान की आशंका जताई गई है। लेकिन इस घटना ने इलाके में दहशत फैला दी है और स्थानीय निवासियों में असुरक्षा का भाव पैदा कर दिया है।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई: आरोपियों की पहचान शुरू
कोलगवां थाना प्रभारी सुदीप सोनी ने इस पूरी घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि एएसआई उमेश पांडेय और उनके साथी कर्मचारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से वहां गए थे। पुलिस अब इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है।

  • CCTV फुटेज: इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है।
  • वीडियो साक्ष्य: मोबाइल से बनाए गए कुछ वायरल वीडियो के आधार पर हुड़दंगियों की पहचान की जा रही है।
  • छापेमारी: पुलिस की कई टीमें संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दे रही हैं ताकि जल्द से जल्द इन आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

निष्कर्ष: समाज और कानून के लिए चेतावनी
सतना की यह घटना महज एक मामूली विवाद नहीं है, बल्कि यह समाज में बढ़ती नशे की लत और घटते पुलिस के खौफ का नतीजा है। यदि खाकी वर्दी खुद सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी? प्रशासन को चाहिए कि इन आरोपियों के खिलाफ न केवल आपराधिक मामला दर्ज हो, बल्कि उनके खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई की जाए जो भविष्य के लिए एक मिसाल बने।