Twitter के नए मालिक मस्क ने डील होते ही ट्वीट किया- चिड़िया आजाद हुई, ट्विटर में हो सकते है 5 बड़े बदलाव

 

एलोन मस्क का कहना है कि वह 'मानवता की मदद' के लिए ट्विटर खरीद रहे हैं न कि 'अधिक पैसा कमाने' के लिए

एलोन मस्क ने कहा है कि वह "मानवता की मदद करने की कोशिश" करने के लिए ट्विटर खरीद रहे हैं। अरबपति ने सोशल मीडिया साइट खरीदने के अपने कारणों की व्याख्या करते हुए एक बयान ट्वीट किया, उन्होंने कहा कि उनका मानना ​​​​है कि "सभ्यता के भविष्य के लिए एक आम डिजिटल टाउन स्क्वायर होना महत्वपूर्ण है"।

बता दें कि पिछले साल नवंबर में जैक डोर्सी के इस्तीफे के बाद पराग अग्रवाल को कंपनी का CEO बनाया गया था। पराग नवंबर में CEO बनने से पहले ट्विटर के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर थे। साल 2021 में उन्हें सैलरी और दूसरे भत्तों के रूप में 3.04 करोड़ डॉलर मिले थे। CEO के रूप में अग्रवाल का वेतन सालाना 1 मिलियन डॉलर यानी 9 करोड़ 24 लाख रुपए बताया गया था।

  • बयान में, उन्होंने कहा कि अमेरिकी टेक कंपनी के अधिग्रहण के लिए उनकी प्रेरणा के बारे में अधिकांश अटकलें "गलत" रही हैं और उन्हें डर था कि सोशल मीडिया "दूर दक्षिणपंथी और सुदूर वामपंथी गूंज कक्षों" में बिखर जाएगा।
  • उन्होंने कहा: "क्लिकों की निरंतर खोज में, पारंपरिक मीडिया ने उन ध्रुवीकृत चरम सीमाओं को बढ़ावा दिया है और उन्हें पूरा किया है, क्योंकि उनका मानना ​​​​है कि यह वही है जो पैसा लाता है, लेकिन ऐसा करने में, संवाद का अवसर खो जाता है।
  • "इसीलिए मैंने ट्विटर खरीदा, मैंने ऐसा नहीं किया क्योंकि यह आसान होगा, मैंने इसे अधिक पैसा बनाने के लिए नहीं किया।

5,600 कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है

द वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मस्क कंपनी के 7,500 एम्प्लॉइज में से 75%, यानी करीब 5,600 कर्मचारियों को नौकरी से हटा सकते हैं। उन्होंने ट्विटर डील के दौरान संभावित निवेशकों से यह बात कही थी। हालांकि यह रिपोर्ट आने के बाद ट्विटर के जनरल काउंसल सीन एडगेट ने इससे इनकार किया है। कर्मचारियों को ईमेल भेज कर कहा कि कंपनी छंटनी को लेकर कोई प्लान नहीं बना रही है।

मस्क बोले- चिड़िया आजाद हुई

ट्विटर के नए मालिक मस्क ने डील होते ही ट्वीट किया- चिड़िया आजाद हुई। इससे पहले कहा, 'मैं चाहता हूं टिवटर पर लोग फिल्में देखें और वीडियो गेम खेलें।'


अब पिछले दो दिन के घटनाक्रम को सिलसिलेवार समझते हैं...

1. डील कब फाइनल हुई

एलन मस्क ने गुरुवार (27 अक्टूबर) को इस डील पर मुहर लगाई।

2. CEO पराग अग्रवाल को क्यों हटाया

मस्क ने पराग और दो ऑफिसर्स पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी अकाउंट्स की संख्या को लेकर उन्हें और ट्विटर इन्वेस्टर्स को गुमराह करने का आरोप लगाया है।

3. डील की क्या वजहें बताईं

पहली: मस्क ने संकेत दिया कि आगे चलकर ट्विटर की ऐड पॉलिसी में भी बदलाव किया जाएगा। मस्क ने कहा, 'मैं चाहता हूं कि ट्विटर सबसे बेहतरीन एडवर्टाइजिंग प्लेटफॉर्म हो, जहां सभी उम्र के यूजर्स फिल्में देख सकें या वीडियो गेम खेल सकें।'

दूसरी: मस्क का कहना है कि मैंने ज्यादा पैसा कमाने के लिए नहीं, बल्कि इंसानियत की मदद करने लिए ट्विटर से डील की है। कोर्ट ने मस्क को मौजूदा शर्तों पर ट्विटर डील को 28 अक्टूबर तक फाइनल करने के लिए कहा था।

4. ट्विटर ऑफिस पहुंचे, कर्मचारियों से बात की

27 अक्टूबर को एलन मस्क ने पहले अपने ट्विटर हैंडल का बायो भी बदला। उन्होंने बायो में 'Chief twit' लिखा। इसके बाद ट्विटर हेडक्वार्टर सिंक लेकर पहुंचे। उन्होंने वीडियो को शेयर करते हुए लिखा कि 'Entering Twitter HQ – let that sink in! इसके अलावा, एम्प्लॉइज से बात की। इसकी कुछ तस्वीरें ट्विटर पर शेयर की गईं।

पूरा मामला समझें

मस्क ने 14 अप्रैल को 43 अरब डॉलर में ट्विटर खरीदने का ऑफर दिया था। मस्क ने कहा था कि ट्विटर में निवेश शुरू करने से एक दिन पहले के भाव से 54% प्रीमियम पर 54.20 डॉलर प्रति शेयर के हिसाब से 100% हिस्सेदारी खरीदने की पेशकश कर रहा हूं। यह ऑफर मेरा सबसे अच्छा और आखिरी ऑफर है और यदि इसे स्वीकार नहीं किया जाता है, तो मुझे एक शेयरधारक के रूप में अपनी स्थिति पर पुनर्विचार करने की जरूरत होगी।

मस्क के पास ट्विटर की 9.2% हिस्सेदारी थी। 4 अप्रैल को इसकी जानकारी सामने आई थी। मस्क ने भले ही शुरुआती फाइलिंग में 43 अरब डॉलर का ऑफर दिया था, लेकिन ट्विटर की डील को मंजूरी के बाद ये आंकड़ा 44 अरब डॉलर पर पहुंच गया था। हालांकि, बाद में मस्क ने कहा कि स्पैम अकाउंट की सही जानकारी नहीं होने के कारण वह डील को कैंसिल कर रहे हैं। डील कैंसिल होने के बाद ट्विटर कोर्ट पहुंच गया था।