BREAKING: सिरमौर चौराहे की MP-17 चौपाटी में 'दैनिक रीवा न्यूज़ मीडिया' का बड़ा रियलिटी चेक; आम उपभोक्ता परेशान, 'बावर्ची' और 'प्रांकी रोल' समेत व्यावसायिक ठिकानों पर घरेलू गैस का बेखौफ डाका
ऋतुराज द्विवेदी, रीवा/भोपाल। शहर के आम उपभोक्ताओं के हक पर डाका डालने वाले व्यापारिक सिंडिकेट का दैनिक रीवा न्यूज़ मीडिया ने बड़ा पर्दाफाश किया है। रीवा शहर की चौपाटियों और खान-पान के प्रमुख अड्डों पर नियमों को पूरी तरह से ठेंगे पर रखकर कारोबार चमकाया जा रहा है। हमारी टीम की ग्राउंड रिपोर्ट में यह साफ हुआ है कि शहर के बड़े फूड आउटलेट्स, जिनमें 'बावर्ची' (Bawarchi Fast Food) और 'प्रांकी रोल' (Pranky Roll Center) समेत उनके आस-पास संचालित होने वाले कई दुकानदार शामिल हैं, खुलेआम रसोई गैस (घरेलू सिलेंडरों) का कमर्शियल इस्तेमाल कर रहे हैं। व्यापारिक मुनाफा कमाने के लिए इन काउंटरों पर सरेआम उस गैस को फूंका जा रहा है, जो सरकार आम गरीब परिवारों को सब्सिडी पर मुहैया कराती है।

दैनिक रीवा न्यूज़ मीडिया का Reality Check: सिरमौर चौराहे की MP-17 चौपाटी में मिला कड़वा सच
हमारी खोजी टीम ने जमीनी हकीकत जानने के लिए रीवा शहर के अलग-अलग कोनों में चल रही चौपाटियों का सघन जायजा लिया। इस पड़ताल में जो सबसे हैरान और विचलित करने वाली तस्वीर सामने आई, वह सिरमौर चौराहे के ठीक पीछे स्थित शहर की सबसे बड़ी और हाइफ़ाई चौपाटी 'MP-17' की है। शाम होते ही सजने वाले इस आलीशान खान-पान केंद्र की लगभग सभी दुकानों में नियमों का सरेआम कबाड़ा किया जा रहा था। मौके पर पड़ताल के दौरान एक भी ऐसा काउंटर या दुकान नहीं मिली, जहां नियमानुसार नीले रंग के कमर्शियल सिलेंडर का उपयोग हो रहा हो। यहाँ व्यापार करने वाले रसूखदारों ने कानून को पूरी तरह अपनी जेब में रख लिया है।

रसूखदार 'बावर्ची' और 'प्रांकी रोल' पर धधक रहे गरीबों के उज्ज्वला सिलेंडर, तस्वीरें गवाह
दैनिक रीवा न्यूज़ मीडिया की खोजी टीम ने जब कैमरों के साथ 'बावर्ची' आउटलेट और 'प्रांकी रोल' सेंटर के काउंटरों को खंगाला, तो सच सामने आ गया:
- तस्वीरों में साफ कैद अवैध खेल: 'बावर्ची' और 'प्रांकी रोल' के ठिकानों पर लाल रंग के घरेलू गैस सिलेंडर और केंद्र सरकार की 'उज्ज्वला योजना' के तहत बांटे गए गरीबों के सिलेंडर चलते हुए कैमरों में साफ-साफ कैद हुए हैं।
- आस-पास के दुकानदारों की भी मनमानी: इन्हें देखकर आस-पास के छोटे-बड़े चाट, मोमोज और फास्ट फूड के स्टॉल वालों ने भी धड़ल्ले से घरेलू सिलेंडर लगा रखे हैं। यह इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि रीवा में गैस डिस्ट्रीब्यूटरों और इन रसूखदार दुकानदारों के बीच अवैध गैस सप्लाई का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।
सवालों के घेरे में प्रशासनिक अमला: जनता कतारों में, तो फिर माफिया को कौन दे रहा है संरक्षण?
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद रीवा का प्रशासनिक तंत्र, खाद्य विभाग और गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली सीधे तौर पर कटघरे में खड़ी हो गई है। आज शहर का आम मध्यमवर्गीय उपभोक्ता समय पर गैस रिफिल न मिलने के कारण हफ़्तों परेशान रहता है, बुकिंग कराने के बाद भी उसे लंबा इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में यह बड़ा सवाल उठता है कि जब आम जनता के हिस्से की इतनी भारी मात्रा में घरेलू गैस कमर्शियल जगहों पर फूंक दी जाती है, तो इसकी निगरानी करने वाला दस्ता आखिर कहाँ सो रहा है? यदि संबंधित विभाग और जिम्मेदार अमला समय-समय पर निष्पक्ष और नियमित निरीक्षण करे, तो इस अवैध खेल पर आसानी से प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
क्या कहता है कानून? व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में पूरी तरह प्रतिबंधित है घरेलू रसोई गैस
नियमों और वैधानिक प्रावधानों के अनुसार होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट, फास्ट फूड सेंटर, चाय की दुकान या किसी भी प्रकार के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू (14.2 किलोग्राम वाले लाल) सिलेंडरों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित और गैर-कानूनी है। कमर्शियल गतिविधियों के लिए सरकार ने अलग श्रेणी के नीले रंग के कमर्शियल सिलेंडर निर्धारित किए हैं। इसके बावजूद रीवा नगर निगम की सीमा में सरेआम इन गाइडलाइंस की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिससे प्रत्यक्ष रूप से घरेलू गैस की आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

जायके की आड़ में बीमारी का परोस: चौपाटी में लगा गंदगी का अंबार
रीवा की इन चौपाटियों में सिर्फ गैस का ही अवैध खेल नहीं चल रहा, बल्कि यहाँ आने वाले लोगों की सेहत के साथ भी खिलवाड़ हो रहा है। 'बावर्ची', 'प्रांकी रोल' और उनके आस-पास के पूरे परिसर में गंदगी का भयानक अंबार लगा हुआ है। दुकानों के पीछे सड़ा हुआ कचरा और गंदा पानी खुलेआम फैला रहता है, जिसके ऊपर मक्खियां भिनभिना रही हैं। नगर निगम के स्वच्छता नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बेहद दूषित वातावरण में खाद्य सामग्रियां तैयार की जा रही हैं, जो सीधे तौर पर महामारियों को आमंत्रण दे रही हैं।
दैनिक रीवा न्यूज़ मीडिया से बोले SDM अनुराग तिवारी: "खबर के आधार पर होगी कड़ी कार्रवाई, खाद्य टीम को दी जानकारी"
इस पूरे मामले और साक्ष्यों के साथ जब दैनिक रीवा न्यूज़ मीडिया की टीम ने सीधे रीवा अनुविभागीय अधिकारी (SDM) अनुराग तिवारी से संपर्क किया, तो उन्होंने इस पर तत्काल संज्ञान लिया।
एसडीएम अनुराग तिवारी का आधिकारिक बयान:
"घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग और चौपाटियों में इस तरह का संचालन पूरी तरह नियमों के विरुद्ध और अवैध है। दैनिक रीवा न्यूज़ मीडिया की टीम द्वारा जो ग्राउंड रिपोर्ट और साक्ष्य हमारे संज्ञान में लाए गए हैं, उस खबर को आधार बनाकर प्रशासन द्वारा तत्काल सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। हमने इस पूरे मामले की जानकारी खाद्य विभाग (Food Team) को दे दी है और उन्हें सख्त निर्देश जारी किए हैं। खाद्य विभाग की टीम बहुत जल्द इन चौपाटियों, 'बावर्ची' और 'प्रांकी रोल' समेत सभी संदिग्ध ठिकानों पर औचक निरीक्षण और छापेमारी करेगी। जहां भी घरेलू या उज्ज्वला योजना के सिलेंडर मिलेंगे, उन्हें तुरंत जब्त किया जाएगा और संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, गंदगी फैलाने वाले काउंटरों पर भी प्रशासनिक डंडा चलेगा।"