रीवा में रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात: बुजुर्ग को बाइक से बांधकर 3 KM तक घसीटा, चीखते रहे बाबा पर नहीं पसीजा दरिंदों का दिल, सड़क पर घसीटकर उधेड़ दी खाल
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ हम आधुनिक समाज की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ असामाजिक तत्वों की क्रूरता ने "तालिबानी सजा" की याद दिला दी है। जिले के सेमरिया थाना क्षेत्र में तीन बदमाशों ने एक बुजुर्ग के साथ जो किया, वह सुनकर रूह कांप जाती है।
घटना का विवरण: आखिर क्या हुआ था शनिवार दोपहर को?
घटना शनिवार दोपहर की है, जब भुसावल के पास पड़रिया इलाके में लक्ष्मण प्रजापति अपनी साइकिल से घर की ओर जा रहे थे। दोपहर का समय था और सड़क पर आवाजाही सामान्य थी। तभी एक बाइक पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे। उन्होंने बुजुर्ग को रुकने का इशारा किया, लेकिन अनहोनी की आशंका के चलते बुजुर्ग नहीं रुके। इसी बात से नाराज होकर बदमाशों ने उनका पीछा किया और उन्हें बीच सड़क पर दबोच लिया।

आरोपियों की क्रूरता: पैसे न देने पर दी बर्बर सजा
एडिशनल एसपी आरती सिंह के अनुसार, आरोपी शराब के नशे में धुत थे। उन्होंने पहले बुजुर्ग लक्ष्मण प्रजापति को रोककर उनसे पैसों की मांग की। जब बुजुर्ग ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो बदमाशों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने पहले तो बुजुर्ग की बेरहमी से पिटाई की और फिर उनके हाथ-पैर रस्सी से अपनी मोटरसाइकिल के पीछे बांध दिए।
इसके बाद जो हुआ वह किसी डरावनी फिल्म से कम नहीं था। बदमाशों ने बाइक की रफ्तार बढ़ाई और बुजुर्ग को सड़क पर घसीटना शुरू कर दिया। करीब तीन किलोमीटर तक उन्हें पथरीली और गर्म सड़क पर घसीटा गया, जिससे उनकी पीठ और पैरों की खाल पूरी तरह उधड़ गई।
वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप
रविवार को जब इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तब जाकर मामले की गंभीरता और बढ़ गई। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि किस तरह एक लाचार बुजुर्ग को बाइक के पीछे बांधकर क्रूरता की हदें पार की जा रही हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बुजुर्ग रहम की भीख मांगते रहे, लेकिन बदमाशों के सिर पर खून सवार था।
परिजनों का आक्रोश और सेमरिया-रीवा मार्ग पर चक्काजाम
इस जघन्य अपराध की खबर जैसे ही परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों को मिली, उनका गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए लोगों ने सेमरिया-रीवा मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों की मांग थी कि सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। पीड़ित की बहू सोनू प्रजापति ने भरे गले से कहा, "ऐसा सलूक तो कोई जानवरों के साथ भी नहीं करता, जैसा मेरे ससुर के साथ किया गया है।" कई घंटों तक यातायात बाधित रहा, जिसे पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद समझाइश देकर खुलवाया।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों की तलाश
रीवा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल टीम गठित की। मुख्य आरोपी कुन्नू साकेत को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अन्य दो फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। एडिशनल एसपी ने आश्वासन दिया है कि फरार आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
संजय गांधी अस्पताल में बुजुर्ग की स्थिति
वर्तमान में घायल लक्ष्मण प्रजापति रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टरों के अनुसार, उनके शरीर का काफी हिस्सा सड़क पर घर्षण (Friction) की वजह से बुरी तरह जख्मी हो गया है। उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी देखरेख कर रही है।
समाज और कानून के लिए एक बड़ी चुनौती
रीवा की यह घटना केवल एक अपराध नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज की नैतिक गिरावट का भी प्रतीक है। शराब के नशे में चूर युवकों ने जिस तरह एक निहत्थे बुजुर्ग को निशाना बनाया, वह कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। इस तरह के अपराधियों के लिए समाज में कोई जगह नहीं होनी चाहिए और उन्हें ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो दूसरों के लिए नजीर बने।