मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल का एक महीने से सुराग नहीं: मूसा गैंग के डर से 'कैद' है परिवार, जानें क्या है पूरा सच?

 
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ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश के मऊगंज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक प्रदीप पटेल पिछले एक महीने से लापता हैं। सत्ताधारी दल के विधायक का इस तरह अचानक गायब हो जाना न केवल उनके परिवार के लिए चिंता का विषय है, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। विधायक कहाँ हैं? वे किस हाल में हैं? इन सवालों का जवाब न तो पुलिस के पास है और न ही उनके संगठन के पास।

विधायक के घर के लोग पिछले 1 माह से चारदीवारी में कैद हैं।

विधायक के घर के लोग पिछले 1 माह से चारदीवारी में कैद हैं।

विधायक प्रदीप पटेल का डराने वाला वीडियो संदेश
करीब 10 दिन पहले विधायक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसने उनके समर्थकों और परिवार की नींद उड़ा दी। वीडियो में विधायक प्रदीप पटेल बेहद सहमे हुए नजर आ रहे थे। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है और वे सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने अपने परिवार को सख्त हिदायत दी थी कि वे घर से बाहर न निकलें और दरवाजे हमेशा बंद रखें।

10 दिन पहले विधायक प्रदीप पटेल ने पोते अर्जुन से वीडियो कॉल पर बात की थी।

10 दिन पहले विधायक प्रदीप पटेल ने पोते अर्जुन से वीडियो कॉल पर बात की थी।

ग्राउंड रिपोर्ट: किले में तब्दील हुआ विधायक का घर
जब रीवा मीडिया की टीम रीवा से 70 किलोमीटर दूर मऊगंज स्थित विधायक के निवास पर पहुँची, तो वहां का नजारा किसी डरावनी फिल्म जैसा था। घर के बाहर सन्नाटा था और मुख्य द्वार (चैनल गेट) पर अंदर से बड़ा ताला लटका हुआ था।

भाजपा विधायक का ऑफिस भी सुनसान पड़ा हुआ है। नागरिक भी देखकर वापस चले जाते हैं।

भाजपा विधायक का ऑफिस भी सुनसान पड़ा हुआ है। नागरिक भी देखकर वापस चले जाते हैं।
  • जन सेवा दरबार खाली: जहाँ कभी फरियादियों की भीड़ होती थी, वहां आज सिर्फ विधायक की तस्वीरें टंगी हैं।
  • परिजनों का बयान: विधायक के पोते अर्जुन पटेल ने बताया कि परिवार पिछले एक महीने से घर की दूसरी मंजिल पर कैद है। अर्जुन के अनुसार, "हमे सीरियस थ्रेट (गंभीर धमकी) है। दादाजी ने कहा है कि जब तक माहौल ठीक न हो जाए, कोई बाहर न निकले।"

भाजपा विधायक प्रदीप पटेल एक महीने से लापता है। परिवार भी घर में ताला लगाकर रह रहा है।

भाजपा विधायक प्रदीप पटेल एक महीने से लापता है। परिवार भी घर में ताला लगाकर रह रहा है।

आखिर कौन है 'मूसा गैंग' जिससे डर रहे हैं सत्ताधारी विधायक?
विधायक के लापता होने और परिवार के डर के पीछे सबसे बड़ा नाम 'मूसा गैंग' का आ रहा है। यह गैंग मऊगंज और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय है।

मूसा गैंग की ताकत और प्रभाव:
सदस्य संख्या: इस गैंग में करीब 300 से अधिक सक्रिय सदस्य हैं।

मूसा गैंग से जुड़ा हुआ समूह कैमरे में कैद हुआ था।

मूसा गैंग से जुड़ा हुआ समूह कैमरे में कैद हुआ था।

अवैध कारोबार: यह गैंग मुख्य रूप से 'मेडिकल नशा' (नशीली सिरप और गोलियां) और अवैध शराब की तस्करी में लिप्त है।
हथियार और पैसा: अवैध वसूली और नशे के कारोबार से इस गैंग ने अकूत संपत्ति और अत्याधुनिक हथियार जुटा लिए हैं। इनके पास वीआईपी नंबरों वाली लग्जरी गाड़ियों का काफिला है।

विवाद की जड़: 30 डिसमिल जमीन और डीजल हमला
विधायक प्रदीप पटेल और मूसा गैंग के बीच टकराव की शुरुआत एक जमीन विवाद से हुई। मऊगंज में लल्लू पांडे और विनोद मिश्रा के बीच 30 डिसमिल जमीन का विवाद चल रहा था।

घटनाक्रम:

  • सितंबर 2025 में तहसील ने इस जमीन पर स्टे (स्थगन आदेश) दिया था।
  • स्टे के बावजूद वहां अवैध निर्माण जारी रहा।
  • विधायक प्रदीप पटेल जब निर्माण रुकवाने और बीच-बचाव करने पहुंचे, तो वहां मौजूद भीड़ ने उग्र रुख अख्तियार कर लिया।

आरोप है कि मूसा गैंग के गुर्गों ने विधायक पर डीजल डालकर उन्हें जिंदा जलाने की कोशिश की। इस हमले के बाद से ही विधायक की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गईं।

3 जनवरी को में मूसा गैंग के लोग भी भीड़ के साथ हमले की नीयत से शामिल हो गए थे।

3 जनवरी को में मूसा गैंग के लोग भी भीड़ के साथ हमले की नीयत से शामिल हो गए थे।

पुलिस की लाचारी: जब थाने पर चढ़ आया गैंग
विधायक के दावों को बल तब मिलता है जब पुलिस के आंतरिक दस्तावेज (रोजनामचा) सामने आते हैं। 29 जनवरी 2025 को मऊगंज थाना प्रभारी ने अपनी डायरी में दर्ज किया था कि मूसा गैंग के 40-50 नकाबपोश लोगों ने थाने का घेराव किया, गाली-गलौज की और टीआई को जान से मारने की धमकी दी। यदि पुलिस खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है, तो विधायक का डरना स्वाभाविक है।

जनता और विपक्ष के सवाल
विधायक की अनुपस्थिति से मऊगंज की जनता परेशान है। स्थानीय निवासी सुनील प्रजापति का कहना है कि उनकी समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है। दूसरी ओर, कांग्रेस नेता विनोद शर्मा ने तंज कसते हुए कहा, "जब भाजपा का अपना विधायक ही सुरक्षित नहीं है, तो जनता किसके भरोसे जिए?"

प्रशासन का रुख: "सब ठीक है"
इतने तनाव के बावजूद, एसपी दिलीप सोनी का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। पुलिस के अनुसार, विधायक को डरने की कोई आवश्यकता नहीं है और क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात है। हालांकि, यह बयान परिवार के डर को कम करने में नाकाम रहा है।

भाजपा विधायक प्रदीप पटेल का लापता होना भारतीय लोकतंत्र और सुरक्षा तंत्र पर एक बड़ा सवालिया निशान है। क्या एक आपराधिक गैंग इतना शक्तिशाली हो सकता है कि सत्ता पक्ष का विधायक 'अज्ञातवास' पर चला जाए? फिलहाल, मऊगंज की जनता और पटेल परिवार को उनके सुरक्षित लौटने का इंतजार है।

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