कलेक्टर का 'ऑन द स्पॉट' एक्शन: परीक्षा केंद्र में मिली गड़बड़ी तो बीईओ को सरेआम फटकारा, थमाया नोटिस
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। रीवा जिले में माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षाओं को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद है। हाईस्कूल के अंग्रेजी विषय के पेपर के दौरान कलेक्टर प्रतिभा पाल के नेतृत्व में अधिकारियों ने जिले के विभिन्न केंद्रों पर औचक दबिश दी। इस दौरान जहाँ एक ओर नकल पर पूरी तरह नकेल कसी दिखी, वहीं दूसरी ओर केंद्रों पर कुप्रबंधन को लेकर कलेक्टर का सख्त रुख भी सामने आया।
बैकुंठपुर के परीक्षा केंद्रों पर कलेक्टर ने क्यों जताई नाराजगी?
निरीक्षण अभियान के तहत कलेक्टर प्रतिभा पाल अचानक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (बालक एवं कन्या) बैकुंठपुर पहुँचीं। यहाँ के परीक्षा हॉल का नजारा देख कलेक्टर दंग रह गईं। प्रशासन द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए थे कि परीक्षा के दौरान छात्रों के बीच उचित दूरी (Social Distancing) का पालन होना चाहिए, लेकिन यहाँ एक ही बेंच पर दो-दो परीक्षार्थी बैठे पाए गए।

कलेक्टर ने इसे नियमों का खुला उल्लंघन माना और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों की क्लास लगा दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी अव्यवस्था न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि परीक्षा की शुचिता पर भी सवाल उठाती है।
बीईओ सिरमौर को नोटिस: लापरवाही की कैसे मिली सजा?
बैकुंठपुर केंद्र पर मिली अनियमितताओं के लिए कलेक्टर ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) सिरमौर, शिवकुमार त्रिपाठी को मौके पर ही तलब किया। अव्यवस्था के लिए उन्हें कड़ी फटकार लगाई गई और तत्काल प्रभाव से कारण बताओ नोटिस (SCN) जारी करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर की इस अचानक कार्रवाई से शिक्षा विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
पूरे जिले में अधिकारियों का सघन अभियान: कहाँ-कहाँ हुई दबिश?
कलेक्टर के अलावा जिले के अन्य शिक्षा अधिकारियों ने भी मोर्चा संभाला:

जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) रामराज मिश्रा: इन्होंने हनुमना क्षेत्र के संवेदनशील और ग्रामीण परीक्षा केंद्रों का दौरा किया।
सहायक संचालक राजेश मिश्रा: इन्होंने जवा और उसके आसपास के इलाकों में परीक्षा संचालन की बारीकियों को परखा।
बीईओ रामलल्लू दीपांकर: इन्होंने रीवा शहर के प्रतिष्ठित मार्तंड क्रमांक 3 स्कूल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
राहत की बात यह रही कि पूरे जिले में किसी भी केंद्र से नकल का कोई भी प्रकरण (Case) दर्ज नहीं किया गया।
नकल विहीन और पारदर्शी परीक्षा: प्रशासन का अगला कदम क्या है?
जिला प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि यह सख्ती केवल एक दिन के लिए नहीं है। आने वाले सभी पेपरों के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड (उड़नदस्ता) सक्रिय रहेगा। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने निर्देश दिए हैं कि:
- बैठक व्यवस्था में कोई ढिलाई न हो।
- छात्रों की चेकिंग केंद्र के गेट पर ही कड़ाई से की जाए।
- पर्यवेक्षक अपनी ड्यूटी के प्रति पूरी तरह सजग रहें।
सुशासन और शिक्षा की मर्यादा
बोर्ड परीक्षाएं छात्रों के भविष्य की नींव होती हैं, और इसमें किसी भी स्तर पर होने वाली लापरवाही अक्षम्य है। रीवा कलेक्टर द्वारा बीईओ स्तर के अधिकारी पर की गई कार्रवाई ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि 'अव्यवस्था' और 'लापरवाही' के लिए प्रशासन में कोई जगह नहीं है। अब देखना होगा कि इस नोटिस के बाद जिले के अन्य परीक्षा केंद्रों की स्थिति में कितना सुधार आता है।