150 करोड़ का फ्लाईओवर, रीवा में खत्म होगा जाम! जानें इस प्रोजेक्ट की 5 बड़ी बातें
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) रीवा शहर के निवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। शहर में यातायात की समस्या को खत्म करने के लिए 150 करोड़ रुपये की लागत से एक नया फ्लाईओवर बनाया जाएगा। यह फ्लाईओवर कॉलेज चौक से शुरू होकर संभागीय कमिश्नर आवास, कलेक्ट्रेट से गुजरते हुए ढेकहा तिराहे के आगे तक बनेगा। यह प्रोजेक्ट रीवा के विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।
क्यों ज़रूरी है यह फ्लाईओवर?
रीवा एक तेजी से विकसित होता हुआ शहर है, और बढ़ती आबादी के साथ यातायात का दबाव भी बढ़ रहा है। ढेकहा तिराहा शहर के सबसे व्यस्ततम चौराहों में से एक है, जहाँ अक्सर लंबा जाम लग जाता है। इस जाम के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी समय लगता है और ईंधन की भी बर्बादी होती है। इस नए फ्लाईओवर के निर्माण से ढेकहा तिराहे पर लगने वाले जाम से लोगों को स्थायी राहत मिलेगी और शहर का ट्रैफिक सुगम हो जाएगा। यह फ्लाईओवर न सिर्फ आवाजाही को आसान बनाएगा, बल्कि शहर की अर्थव्यवस्था को भी गति देगा।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल की पहल
इस महत्वपूर्ण परियोजना को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और रीवा के विधायक, राजेंद्र शुक्ल की मांग पर मंजूरी मिली है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री की स्वीकृति पर रीवा शहर को यह महत्वपूर्ण फ्लाईओवर मिला है। यह दिखाता है कि राज्य और केंद्र सरकारें रीवा के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस प्रोजेक्ट के साथ, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) भी रीवा-लखनादौन राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर सड़क हादसों को कम करने के लिए अंडरपास और ओवरब्रिज का निर्माण करा रहा है।
यह फ्लाईओवर रीवा के लिए एक बड़ी सौगात है, जो लंबे समय से प्रतीक्षित थी। शहर में बढ़ते वाहनों की संख्या को देखते हुए, ऐसे बुनियादी ढांचे का निर्माण समय की मांग है।
मध्यप्रदेश में सड़कों का जाल: जबलपुर का सबसे लंबा फ्लाईओवर
रीवा के इस प्रोजेक्ट के साथ ही, पूरे मध्य प्रदेश में सड़क और परिवहन के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काम हो रहा है। हाल ही में, जबलपुर में मध्य प्रदेश का सबसे लंबा फ्लाईओवर बनकर तैयार हुआ है, जिसे वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर रखा गया है। इस फ्लाईओवर का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। इस मौके पर, 4250 करोड़ रुपये की लागत वाली 174 किलोमीटर लंबी 9 अन्य सड़क परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया गया।
गडकरी ने बताया, कैसे सुधरीं एमपी की सड़कें
जबलपुर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मध्य प्रदेश की सड़कों की स्थिति में आए सुधार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस शासनकाल में मध्य प्रदेश की पहचान खराब सड़कों के लिए होती थी, लोग मजाक में कहते थे कि जब नागपुर से रवाना होते समय झटके लगने लगें तो समझ लेना एमपी आ गया। लेकिन अब भाजपा सरकार के प्रयासों से सड़कें बेहतर हो चुकी हैं और यह विकास का क्रम आगे भी जारी रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य देश में विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क बनाना है, जो न सिर्फ लोगों की यात्रा को आसान बनाए, बल्कि आर्थिक विकास, पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा दे।
अन्य विकास परियोजनाएं
- रीवा-लखनादौन राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर हादसों को रोकने के लिए अंडरपास और ओवरब्रिज का निर्माण।
- जबलपुर में वीरांगना रानी दुर्गावती फ्लाईओवर, जो 1100 करोड़ रुपये की लागत से बना है और लगभग 7 किलोमीटर लंबा है।
- पूरे प्रदेश में 9 नई सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास, जिनकी कुल लागत 4250 करोड़ रुपये है।
ये सभी परियोजनाएं यह दर्शाती हैं कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर मध्य प्रदेश को विकास के पथ पर आगे ले जाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। रीवा का नया फ्लाईओवर शहर की एक बड़ी समस्या का समाधान करेगा और इसे आधुनिक शहरों की श्रेणी में लाने में मदद करेगा।
निष्कर्ष
रीवा में बनने वाला 150 करोड़ रुपये का नया फ्लाईओवर शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह प्रोजेक्ट न केवल स्थानीय लोगों के जीवन को बेहतर बनाएगा बल्कि रीवा के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के प्रयास और केंद्र सरकार के समर्थन से यह संभव हो पाया है। जबलपुर के सबसे लंबे फ्लाईओवर के सफल लोकार्पण के बाद, रीवा का यह नया प्रोजेक्ट भी निश्चित रूप से शहर के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित होगा।