₹6.75 लाख खा गया! रजिस्ट्री मांगी तो मिली सिर्फ़ गाली और थप्पड़! रीवा में ज़मीन का सौदा बना 'धोखे का जाल', एसपी ऑफिस में हुआ बड़ा खुलासा

 
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ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) मध्य प्रदेश के रीवा जिले में, जमीन खरीद और बिक्री के विवाद से जुड़ी एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसने संपत्ति लेनदेन की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर दिया है। एक महिला ने स्थानीय पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें एक व्यक्ति पर लाखों रुपये लेने के बावजूद जमीन की रजिस्ट्री न करने और विरोध करने पर गाली-गलौज व मारपीट की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।

यह घटना सिर्फ वित्तीय धोखाधड़ी का नहीं, बल्कि एक महिला के साथ हुए शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का भी मामला है। पीड़िता, जिसका नाम प्रियंका मिश्रा बताया गया है, ने अपनी शिकायत में विस्तार से बताया है कि कैसे उन्हें विश्वास में लेकर एक सौदा किया गया और फिर उसमें जालसाजी की गई। यह पूरा मामला संपत्ति खरीदने-बेचने में बरती जाने वाली सावधानी के महत्व को रेखांकित करता है।

कैसे हुआ धोखा? ₹6.75 लाख का सौदा और टालमटोल
पीड़िता प्रियंका मिश्रा ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उनकी मुलाकात नीरज सेन नामक व्यक्ति से पुष्पराज नगर क्षेत्र में हुई थी। बातचीत के दौरान, नीरज सेन ने उन्हें 30x30 फीट (900 वर्गफुट) का एक प्लॉट बेचने का प्रस्ताव दिया। सौदा ₹750 प्रति वर्गफुट की दर से तय हुआ, जिससे कुल राशि ₹6 लाख 75 हजार निर्धारित की गई। नीरज सेन ने प्रियंका को यह आश्वासन भी दिया था कि समझौते की प्रक्रिया (एग्रीमेंट) पूरी रकम के आधार पर की जाएगी, जिससे प्रियंका को उस पर भरोसा हो गया।

जमीन खरीद के सौदे में फंसी महिला: क्या करें जब एग्रीमेंट के बाद भी रजिस्ट्री न हो?
सौदा तय होने के बाद, प्रियंका ने दो चरणों में नीरज सेन को पूरी राशि का भुगतान किया:

प्रारंभिक भुगतान: शुरुआत में, उन्होंने ₹1 लाख 25 हजार की राशि दी।

  • शेष भुगतान: इसके बाद, उन्होंने छह महीने की अवधि के भीतर शेष राशि का भी भुगतान कर दिया, यानी ₹5 लाख 50 हजार।

इस तरह, प्रियंका मिश्रा ने कुल ₹6 लाख 75 हजार का भुगतान नीरज सेन को कर दिया, यह मानकर कि अब जल्द ही उनके नाम पर जमीन की रजिस्ट्री हो जाएगी।

पीड़िता का दर्द: पैसे लौटाने या रजिस्ट्री कराने पर टालमटोल
पूर्ण भुगतान करने के बावजूद, असली समस्या तब शुरू हुई जब नीरज सेन ने जमीन की रजिस्ट्री करने में लगातार विलंब करना शुरू कर दिया। प्रियंका बार-बार नीरज से रजिस्ट्री के दस्तावेज तैयार कराने या पैसे वापस करने का आग्रह करती रहीं, लेकिन नीरज ने हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर टाल दिया।

  • जब प्रियंका ने नीरज सेन पर दबाव बढ़ाना शुरू किया और अपनी रकम या जमीन की मांग पर अडिग रहीं, तो आरोपी का रवैया पूरी तरह बदल गया। नीरज सेन ने गाली-गलौज और मारपीट की धमकी देनी शुरू कर दी।
  • ​क्यों एक जमीन विक्रेता रजिस्ट्री कराने से मुकर गया: रीवा जमीन विवाद में गाली-गलौज और धमकी का आरोप

शिकायत के अनुसार, आरोपी नीरज सेन ने खुले तौर पर प्रियंका को धमकाते हुए कहा:
"न तो जमीन की रजिस्ट्री कराऊंगा और न तुम्हारा पैसा वापस करूंगा, जो करना हो कर लो।"

यह बयान स्पष्ट रूप से धोखाधड़ी की मंशा और कानून का उल्लंघन दिखाता है। इसी दौरान, जब प्रियंका मिश्रा अपने साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति के साथ आरोपी से बात कर रही थीं, तब नीरज सेन ने उनसे मारपीट की। इस पूरी वारदात का वीडियो भी महिला के साथी ने बना लिया, जो अब पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण साक्ष्य बन गया है। इस घटना ने महिला को गहन मानसिक उत्पीड़न और वित्तीय संकट में डाल दिया है।

पुलिस की शरण में पीड़िता: न्याय की मांग
जब सभी रास्ते बंद हो गए और आरोपी नीरज सेन ने न सिर्फ पैसे वापस करने से मना कर दिया, बल्कि शारीरिक और मानसिक रूप से भी परेशान करना शुरू कर दिया, तब प्रियंका मिश्रा ने कानूनी रास्ता अपनाने का फैसला किया।

वह तत्काल एसपी कार्यालय (SP Office) पहुंचीं और आवेदन देकर आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। अपनी शिकायत में उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपी की लगातार धमकियों और गाली-गलौज के कारण वह बेहद तनाव में हैं।

एसपी ऑफिस में शिकायत के बाद क्या होगा: रीवा पुलिस धोखाधड़ी के मामले में क्या कार्रवाई करेगी?

  • शिकायत दर्ज: महिला की शिकायत और वीडियो साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझा।
  • जांच का आश्वासन: पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू करने का आश्वासन दिया है।
  • धाराओं का प्रयोग: इस मामले में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी (IPC 420), आपराधिक विश्वासघात (IPC 406), गाली-गलौज (IPC 294), और मारपीट (IPC 323) के तहत मामला दर्ज हो सकता है।

यह मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि संपत्ति खरीदने से पहले दस्तावेजों की गहन जाँच और विश्वसनीयता स्थापित करना कितना जरूरी है। पुलिस की जांच और कार्रवाई ही इस पीड़ित महिला को न्याय दिलाने में सहायक होगी।

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