रीवा: शिक्षा जगत के 'सारथी' नीरव दीक्षित सम्मानित; कमिश्नर ने थपथपाई पीठ, लंबित मामलों के निपटारे में पेश की मिसाल
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर रीवा संभाग के शिक्षा विभाग के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। संयुक्त संचालक (JD) लोक शिक्षण, रीवा संभाग श्री नीरव दीक्षित को उनके असाधारण प्रशासनिक कौशल और शैक्षणिक सुधारों के लिए कमिश्नर रीवा बी.एस. जामोद द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया। मुख्य समारोह में उन्हें प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो प्रदान कर उनकी कार्यशैली की सराहना की गई।
शिक्षा विभाग में 'सकारात्मक क्रांति' का सूत्रपात
जेडी नीरव दीक्षित ने अपने बहुत ही छोटे कार्यकाल में वह कर दिखाया जो वर्षों से लंबित था। उन्होंने विभाग में व्याप्त जड़ता को खत्म कर एक पारदर्शी वातावरण तैयार किया। उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि शिक्षक हित को सर्वोपरि रखना रही।
इन बड़े फैसलों ने दिलाई पहचान:
- अटैचमेंट पर प्रहार: कार्यालयों में लंबे समय से जमे 'अटैच' कर्मचारियों को मुक्त कर उनके मूल स्कूलों में भेजा, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
- लंबित प्रकरणों का अंत: क्रमोन्नति, समयमान और वेतनमान जैसे मामलों को, जो सालों से धूल खा रहे थे, अभियान चलाकर त्वरित गति से निराकृत किया।
- सतत मॉनिटरिंग: स्कूलों और कार्यालयों की नियमित जांच से कार्यक्षमता में रिकॉर्ड सुधार दर्ज किया गया।
पूरे संभाग में खुशी की लहर, बधाई देने वालों का लगा तांता
जैसे ही गणतंत्र दिवस के मंच से नीरव दीक्षित के नाम की घोषणा हुई, पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। उनके इस सम्मान पर जिला शिक्षा अधिकारी रामराज मिश्रा, सहायक संचालक राजेश मिश्रा, और मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष जितेंद्र चतुर्वेदी सहित तमाम विभागीय अधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त की है।
अविनाश गौतम, संजय द्विवेदी और राममणि मिश्रा जैसे दिग्गज पदाधिकारियों का कहना है कि ऐसे कर्मठ अधिकारी के होने से शिक्षकों का मनोबल बढ़ा है।