"रीवा के नौनिहालों की थाली में 'मौत' का परोसा! शौचालय में छिपा था कीड़ों वाला राशन, सड़े आटे से बन रही थीं पूड़ियां, भ्रष्टाचार के 'घुन' ने निगल ली बच्चों की डाइट
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है। जहाँ सरकार बच्चों के पोषण के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है, वहीं ज़मीनी हकीकत यह है कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को 'कीड़े' और 'घुन' लगा खाना परोसा जा रहा है। मामला शासकीय प्राथमिक पाठशाला भिटौहा का है, जहाँ आंगनवाड़ी और स्कूल के बच्चों के लिए सड़े हुए गेहूं से पूड़ियां तलने की तैयारी थी।
गणतंत्र दिवस पर 'जहर' परोसने की साजिश?
हैरानी की बात यह है कि ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाया है कि बीते 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) के पावन पर्व पर भी इन्हीं सड़े हुए खाद्यान्न से पूड़ियां बनाकर बच्चों को खिलाई गई थीं। यानी जिस दिन देश तिरंगे को सलामी दे रहा था, उस दिन भ्रष्टाचार के सौदागर मासूमों के पेट में जहर भरने का काम कर रहे थे। मंगलवार और बुधवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने स्कूल परिसर में जमकर नारेबाजी की।
शौचालय बना 'अन्न भंडार', गंदगी के बीच रखा था राशन
जब संचार निर्माण समिति जवा के अध्यक्ष और जनपद सदस्य प्रवल पाण्डेय सरपंच राजकुमार सोनी के साथ स्कूल पहुँचे, तो नजारा देखकर उनकी रूह कांप गई। बच्चों के खाने का गेहूं और आटा ऐसी जगह रखा गया था जहाँ कोई खड़ा भी नहीं हो सकता—स्कूल के शौचालय में! सड़े हुए गेहूं में घुन चल रहे थे और आटे से बदबू आ रही थी।
प्रवल पाण्डेय की 'सर्जिकल स्ट्राइक', राशन सील
जनप्रतिनिधियों ने तत्काल मौके पर पंचनामा तैयार करवाया। प्रवल पाण्डेय ने सख्त लहजे में कहा, "यह बच्चों का भोजन नहीं, उनके साथ की जा रही हत्या की साजिश है। शौचालय में राशन रखना और कीड़े लगा आटा खिलाना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" उन्होंने मौके पर ही राशन को सील करवाया और प्रशासन को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
'शंकर स्व-सहायता समूह' के खिलाफ उठी मांग
इस पूरी धांधली का मुख्य आरोपी 'शंकर स्व-सहायता समूह भिटौहा' बताया जा रहा है। समूह की अध्यक्ष शांति देवी और सचिव निर्मला कुशवाहा की कार्यप्रणाली पर अब सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। प्रवल पाण्डेय ने जिला प्रशासन और कलेक्टर से मांग की है कि इस समूह को तत्काल ब्लैकलिस्ट किया जाए और इनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जाए।