लाखों का बकाया, अब खैर नहीं: रीवा में 'सीलिंग' का महाअभियान शुरू! नगर निगम ने किया 6 प्रतिष्ठान सील  

 
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ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) रीवा नगर निगम ने बकाया कर वसूली के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। मंगलवार शाम को निगम की टीम ने शहर के 6 बड़े बकायादारों के प्रतिष्ठान सील कर दिए। यह सख्त कदम नगर निगम आयुक्त डॉ. सौरभ सोनवणे के निर्देश पर उठाया गया है। जिन व्यवसायिक प्रतिष्ठानों ने लंबे समय से लाखों का संपत्ति कर जमा नहीं किया था, उन्हें बंद कर दिया गया। यह कार्रवाई उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो सरकारी बकाया राशि को नजरअंदाज कर रहे हैं। इस कदम से न केवल निगम के राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित होगा कि सभी नागरिक और व्यवसायी अपनी जिम्मेदारियों का पालन करें।

6 बकायादारों पर हुई कार्रवाई
नगर निगम के राजस्व दल ने मंगलवार, 26 अगस्त को जोन क्रमांक 4 के विभिन्न वार्डों में अचानक छापेमारी की। इस दौरान उन संपत्तियों की पहचान की गई, जिन पर भारी मात्रा में संपत्ति कर बकाया था। यह कार्रवाई बिना किसी पूर्व सूचना के की गई, ताकि बकायादार किसी तरह का बचाव न कर सकें। निगम के इस कदम से शहर के अन्य बकायादारों में भी हड़कंप मच गया है। टीम ने एक-एक कर उन सभी प्रतिष्ठानों को सील किया, जिन्होंने निगम के नोटिसों को अनदेखा किया था।

बकायादारों की सूची और राशि
जिन भवनों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई, उनकी विस्तृत जानकारी इस प्रकार है:

  • रामकली जायसवाल पति अयोध्या प्रसाद जायसवाल: वार्ड 40, भवन क्रमांक 479 पर ₹1,32,000 का बकाया था। यह बकाया राशि सबसे अधिक थी।
  • संतोष खटीक पिता बाबूलाल खटीक: औद्योगिक क्षेत्र के वार्ड 42, भवन क्रमांक 444/12 पर ₹87,657 का बकाया था।
  • सितारा ट्रेडर्स, प्रो. अकबर खान: औद्योगिक क्षेत्र में स्थित इस प्रतिष्ठान पर ₹34,779 का बकाया था।
  • महेश सोनी पिता मुकुंदलाल सोनी: वार्ड 36, भवन क्रमांक 77 पर ₹24,098 का बकाया पाया गया।
  • घनश्याम दास पिता मुकुंददास: वार्ड 36, भवन क्रमांक 76 पर ₹30,208 का बकाया था।
  • मुन्नी सोनी पति परमलाल सोनी: वार्ड 35, भवन क्रमांक 150 पर ₹28,457 का बकाया था।

इन सभी बकायादारों के प्रतिष्ठानों पर तालाबंदी की गई, जिससे उनका व्यावसायिक संचालन पूरी तरह से रुक गया है।

निगम आयुक्त की चेतावनी
निगम आयुक्त डॉ. सौरभ सोनवणे ने इस अभियान को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि बड़े बकायादार अगर समय पर अपना कर जमा नहीं करेंगे, तो उनके खिलाफ इसी तरह की कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजस्व वसूली का यह अभियान अब लगातार जारी रहेगा और इसमें कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उनका मानना है कि निगम का सुचारू रूप से संचालन तभी संभव है जब सभी करदाता अपनी जिम्मेदारी समझें और समय पर भुगतान करें।

करदाताओं से अपील: समय पर करें भुगतान
नगर निगम ने इस कार्रवाई के बाद सभी करदाताओं से अपील की है कि वे किसी भी अप्रिय कार्रवाई से बचने के लिए समय पर अपनी बकाया कर राशि का भुगतान करें। निगम का कहना है कि जो लोग जानबूझकर कर चोरी कर रहे हैं या भुगतान में देरी कर रहे हैं, उनके खिलाफ बिना किसी पक्षपात के कठोर कदम उठाए जाएंगे। यह अपील न केवल बकायादारों के लिए है, बल्कि उन सभी करदाताओं के लिए भी है, जो अभी तक भुगतान नहीं कर पाए हैं। निगम ने भुगतान के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के विकल्प उपलब्ध कराए हैं।

आगे क्या?
निगम के इस कदम से यह साफ हो गया है कि अब बकाया कर वसूली के लिए सख्ती बरती जाएगी। भविष्य में और भी कई बड़े बकायादारों पर कार्रवाई की जा सकती है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य निगम की वित्तीय स्थिति को मजबूत करना और शहरी विकास परियोजनाओं को गति देना है। अब देखना यह होगा कि इस सख्ती के बाद कितने और लोग समय पर अपना कर जमा करते हैं और क्या यह अभियान अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर पाता है।

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