रीवा प्रशासन शर्मसार! रात 10 बजे एसडीएम की कुर्सी के पास सज रही थी महफिल, वीडियो ने खोली व्यवस्था की पोल

 
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ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। जिले के प्रशासनिक गलियारे से एक शर्मनाक मामला सामने आया है। जहां आम जनता अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एसडीएम कार्यालय के चक्कर काटती है, वहीं शुक्रवार की देर रात एक कर्मचारी ने उसी पवित्र दफ्तर को 'मयखाना' बना दिया। कार्यालय के भीतर शराब पीने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

देर रात सरकारी दफ्तर में छलके जाम: पूरा घटनाक्रम 
घटना शुक्रवार रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है। एसडीएम कार्यालय में पदस्थ एक बाबू (क्लर्क) दफ्तर की गरिमा भूलकर अपनी मेज पर शराब की बोतलें सजाए बैठा था। वह बेखौफ होकर नशे में डूबा हुआ था, तभी किसी ने इस पूरे शर्मनाक कृत्य का वीडियो बना लिया। जैसे ही यह खबर और वीडियो बाहर आया, प्रशासनिक महकमे में अफरा-तफरी मच गई।

चौकीदार की गवाही: 'मना करने के बाद भी नहीं माना बाबू' 
इस पूरे मामले में कार्यालय के चौकीदार ने अहम खुलासा किया है। चौकीदार के अनुसार, उसने बाबू को दफ्तर के अंदर इस तरह की अनैतिक गतिविधि करने से मना किया था।

चौकीदार का बयान: "मैं रात 10 बजे वहां गया था और बाबू जी को टोका भी था कि साहब यहां ये सब मत करिए। हम सुबह 10 बजे से ड्यूटी पर रहते हैं और देर रात तक रुकना पड़ता है, लेकिन उन्होंने मेरी बात अनसुनी कर दी।"

एसडीएम अनुराग तिवारी का एक्शन: मौके पर पहुंचे अधिकारी 
जैसे ही एसडीएम अनुराग तिवारी को इस अनुशासनहीनता की जानकारी मिली, वे तत्काल रात में ही कार्यालय पहुंचे। हालांकि, एसडीएम के पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी बाबू मौके से फरार होने में कामयाब रहा। एसडीएम ने मौके का मुआयना किया और साक्ष्य जुटाए। कर्मचारी की शराब पीने की करतूत सीसीटीवी और मोबाइल कैमरों में स्पष्ट रूप से कैद हो चुकी है।

प्रशासनिक साख पर सवाल: सरकारी मर्यादा का उल्लंघन 
सरकारी कार्यालयों में इस तरह की घटनाएं प्रशासन की साख को बट्टा लगाती हैं। लोगों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि आखिर एक जिम्मेदार पद पर बैठा व्यक्ति दफ्तर के भीतर ऐसी हरकत कैसे कर सकता है। यह मामला न केवल अनुशासनहीनता का है, बल्कि यह ड्यूटी के प्रति लापरवाही और प्रशासनिक व्यवस्था की कमजोरी को भी दर्शाता है।

निष्कर्ष और संभावित कार्रवाई
एसडीएम अनुराग तिवारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि "दफ्तर के भीतर इस तरह की अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी कर्मचारी की पहचान हो चुकी है और उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।" सूत्रों की मानें तो आरोपी बाबू पर निलंबन की गाज गिरना तय है।

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