रीवा का 'चिरहुला धाम' बना शूटिंग स्पॉट? मंदिर में रीलबाजी पर भक्तों का गुस्सा, सिस्टम से मर्यादा बचाने की गुहार!
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। रीवा जिले की आस्था का प्रमुख केंद्र चिरहुला नाथ हनुमान मंदिर इन दिनों भगवान की भक्ति से ज्यादा सोशल मीडिया की "रीलबाजी" (Reel Culture) को लेकर चर्चा में है। मंदिर परिसर, जहाँ कभी केवल 'हनुमान चालीसा' और 'जय श्री राम' के नारे गूँजते थे, वहाँ अब फिल्मी गानों पर थिरकते कदम और कैमरे का फ्लैश दिखाई देने लगा है। यह स्थिति न केवल मंदिर की शांति भंग कर रही है, बल्कि भक्तों की भावनाओं को भी ठेस पहुँचा रही है।
फिल्मी गानों पर डांस: श्रद्धा या दिखावा?
हाल ही में कुछ युवतियों द्वारा मंदिर परिसर के भीतर फिल्मी गानों पर डांस करते हुए रील बनाने के वीडियो सामने आए हैं। श्रद्धालु जब पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुँचते हैं, तो उन्हें शांति की जगह मनोरंजन का माहौल मिलता है। भक्तों का कहना है कि मंदिर आत्मिक शांति और समर्पण का स्थान है, इसे कंटेंट क्रिएशन या डांस फ्लोर में तब्दील करना धार्मिक संस्कारों का अपमान है।
श्रद्धालुओं का आक्रोश: "यह हमारी आस्था का अपमान है"
स्थानीय श्रद्धालुओं और मंदिर आने वाले बुजुर्गों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका मानना है कि:
- मंदिर की एक अपनी गरिमा और पवित्रता होती है, जिसे बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है।
- रील बनाने के चक्कर में लोग मंदिर की शांति और अन्य भक्तों की एकाग्रता को बाधित करते हैं।
- इस तरह की गतिविधियों से नई पीढ़ी को गलत संदेश जा रहा है, जहाँ धर्म से ज्यादा दिखावे को महत्व दिया जा रहा है।
प्रशासन और मंदिर समिति से सख्त कार्रवाई की उम्मीद
भक्तों ने प्रशासन और मंदिर प्रबंधन समिति से मांग की है कि परिसर में कैमरा ऑन कर डांस करने या आपत्तिजनक वीडियो बनाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। लोगों की अपेक्षा है कि मंदिर के प्रवेश द्वार पर ही 'रीलबाजी वर्जित है' के बोर्ड लगाए जाएं और पकड़े जाने पर आर्थिक दंड की व्यवस्था हो, ताकि मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही बना रहे।
भक्ति और आधुनिकता का संतुलन
डिजिटल युग में सोशल मीडिया का उपयोग बुरा नहीं है, लेकिन स्थान और समय का चुनाव अत्यंत महत्वपूर्ण है। धार्मिक स्थलों की पवित्रता समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रशासन को जल्द ही कड़े नियम बनाने होंगे ताकि चिरहुला नाथ जैसे पावन धामों की मर्यादा अक्षुण्ण रहे और भक्त बिना किसी व्यवधान के दर्शन कर सकें।