इलाज करेंगे या जान लेंगे? रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के 28 छात्रों पर FIR, दहशतगर्दी का वीडियो वायरल
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के प्रतिष्ठित श्याम शाह मेडिकल कॉलेज (SSMC) में शिक्षा का माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब भविष्य के डॉक्टरों ने कानून अपने हाथ में ले लिया। प्रथम वर्ष के छात्रों के बीच पनपा मामूली विवाद इतना बढ़ गया कि सीनियर छात्रों की मौजूदगी में यह एक हिंसक गैंगवार में तब्दील हो गया। इस घटना ने न केवल कॉलेज प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि स्थानीय लोगों को भी डरा दिया है।
कॉलेज से शुरू हुआ झगड़ा और अस्पताल में हमला
घटना की शुरुआत सोमवार को कॉलेज परिसर में हुई, जहाँ एमबीबीएस प्रथम वर्ष के दो गुट आपस में भिड़ गए। जब कॉलेज के डीन एक पक्ष को समझाकर शांति बनाने की कोशिश कर रहे थे, तभी दूसरे पक्ष के छात्रों ने अपने सीनियरों के साथ मिलकर संजय गांधी अस्पताल परिसर में हमला कर दिया। डीन और डॉक्टरों के हस्तक्षेप के बाद मामला कुछ देर के लिए शांत तो हुआ, लेकिन रंजिश की आग बुझी नहीं थी।
द्वारिका नगर कॉलोनी में आधी रात को खूनी संघर्ष
दिन की मारपीट का बदला लेने के लिए छात्रों का एक बड़ा समूह रात में द्वारिका नगर कॉलोनी पहुंच गया। यहाँ छात्रों ने दूसरे पक्ष के कमरों में घुसकर हमला किया और जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान इलाके में भारी दहशत फैल गई और लोग अपनी छतों से यह तमाशा देखने को मजबूर हो गए। हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाई।
अमहिया पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 28 छात्रों के खिलाफ FIR
वीडियो साक्ष्य और पीड़ितों के बयानों के आधार पर अमहिया थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने कुल 28 छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन छात्रों पर दंगा करने, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
इन छात्रों पर दर्ज हुआ पुलिस मामला (नामों की सूची)
अमहिया पुलिस ने जिन छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
- प्रथम वर्ष के छात्र: आलोक पटेल लंबरदार, अमन शर्मा, निशांत भलावी, रोहित बघेल, सुधांशु दंदोतियार और डीवाई लालू।
- तृतीय वर्ष के छात्र: प्रवीण जादव, मधुर मालवाय, डोम सिंह, अभिनव प्रकाश, आकाश केलकर, रोहित शर्मा, मोहित पटेल और गोविंद दुबे।
- चतुर्थ वर्ष के छात्र: तेजराम चौधरी, अश्विन शाकवाल, यश प्रताप रघुवंशी, विजय वसूनिया, हितेश पालीवा, मनीष पटेल, आशीष टिकम, राहुल अहिरवार, अंकित कुमार यादव, विपेन्द्र सिंह मौर्य, आशीष पाल, हर्ष सिनोरिया, अभिषेक प्रजापति और बृजराज मंडलोई।
जांच के लिए डीन ने बनाई विशेष कमेटी
कॉलेज के अनुशासन को बनाए रखने के लिए डीन ने डॉ. प्रियंक शर्मा के नेतृत्व में चार सदस्यीय आंतरिक जांच समिति गठित की है। यह समिति पूरी घटना की बारीकी से जांच कर रही है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि पुलिसिया कार्रवाई के अलावा कॉलेज स्तर पर भी इन छात्रों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें कॉलेज से निष्कासन भी शामिल हो सकता है।
क्या सुरक्षित हैं हमारे मेडिकल संस्थान?
रीवा की इस घटना ने मेडिकल छात्रों के आचरण पर गंभीर बहस छेड़ दी है। समाज जिन छात्रों को 'भगवान' का रूप मानता है, उनका इस तरह हिंसक गतिविधियों में लिप्त होना चिंताजनक है। अब देखना यह है कि पुलिस की यह कार्रवाई इन छात्रों के भविष्य पर क्या असर डालती है।