ICC Men's T20 World Cup : क्रिकेट या डांस? आयरिश हाथों से 'रिवरडांस' करती निकल गई गेंद, श्रीलंका ने लूट ली महफिल!

 
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श्रीलंका के खिलाफ विश्व कप के अपने पहले ही मैच में आयरिश टीम की किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। मैच शुरू हुए अभी मात्र 16 गेंदें ही बीती थीं कि रॉस अडायर के हाथों से एक आसान सा मौका फिसल गया। मिडविकेट पर खड़ा यह खिलाड़ी गेंद तक तो पहुँचा, लेकिन गेंद उनके हाथों से ऐसे छिटकी जैसे कोई जादू हो। और यहीं से आयरलैंड की बदकिस्मती का वो सिलसिला शुरू हुआ जो पूरी पारी के दौरान जारी रहा।

मैदान पर बज रहे श्रीलंकाई संगीत की धुन पर जैसे गेंद भी थिरक रही थी। आयरलैंड के खिलाड़ियों के लिए गेंद को पकड़ना नामुमकिन सा हो गया था। कभी गेंद उनके सिर के ऊपर से निकल जाती, कभी हथेलियों के बीच से उछलकर बाहर गिर जाती, तो कभी किसी ऑस्ट्रेलियाई डांसर की तरह चकमा देकर सीमा रेखा के पार 'रिवरडांस' करती नजर आती।

कैच नहीं, मैच छूटता गया
आंकड़ों की मानें तो आयरलैंड ने कम से कम चार स्पष्ट कैच छोड़े, जबकि कई ऐसे मौके भी थे जहाँ फील्डर गेंद का सही अनुमान ही नहीं लगा पाए। सबसे बड़ी गड़बड़ उस समय हुई जब श्रीलंका 16 ओवर में 4 विकेट पर 104 रन बनाकर संघर्ष कर रहा था। जैसे ही मेजबान टीम ने गियर बदला, आयरलैंड की फील्डिंग ताश के पत्तों की तरह ढह गई।

17वें ओवर की पहली गेंद पर कुसल मेंडिस ने हवा में शॉट खेला। लॉन्ग-ऑफ पर कर्टिस कैंपर के पास पूरा समय था, लेकिन वे किसी बेकाबू बैल की तरह गेंद की ओर झपटे और सही जगह रुकने के बजाय आगे निकल गए। नतीजा—एक और जीवनदान। दो गेंद बाद बैरी मैकार्थी ने छलांग लगाई लेकिन गेंद उनके ऊपर से निकल गई। अगली ही गेंद पर कामिंदु मेंडिस ने जोरदार शॉट लगाया, जॉर्ज डॉकरेल ने हवा में उछलकर गेंद को दोनों हाथों में फंसाया भी, लेकिन गेंद उनके हाथों में 'पिरेटी' (नृत्य मुद्रा) करते हुए सीधे बाउंड्री के बाहर छक्के के लिए गिर गई।

क्या एकाग्रता की कमी थी?
मैच के बाद हैरी टेक्टर और कोच क्रिस ब्राउन ने स्वीकार किया कि यह प्रदर्शन आयरिश टीम की पहचान के विपरीत था। टेक्टर ने कहा, "मैं यह नहीं कहूँगा कि खिलाड़ियों का ध्यान भटक गया था। यह बस एक बुरा दौर था। कभी-कभी मैदान पर यह बीमारी की तरह फैलता है—एक कैच छूटता है, तो दबाव में दूसरा भी छूट जाता है। हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते।"

जब उनसे पूछा गया कि क्या तैयारी में कोई कमी थी या श्रीलंका की नमी ने उनकी हथेलियों को चिकना कर दिया था, तो टेक्टर ने साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि हमने लाइट्स के नीचे काफी अभ्यास किया था और हम पूरी तरह तैयार थे। लेकिन मैदान पर जो हुआ, वह निराशाजनक था।

गेंदबाज को भुगतना पड़ा खामियाजा
स्पिन कोच क्रिस ब्राउन सबसे ज्यादा मैथ्यू हम्फ्रीज़ के लिए दुखी थे। उनके एक ही ओवर (17वें ओवर) में तीन मौके हाथ से निकले और उस ओवर में 21 रन बन गए। ब्राउन ने कहा, "अगर हम वे मौके भुना लेते, तो हम्फ्रीज़ के आंकड़े शानदार होते और हमें इतना बड़ा लक्ष्य नहीं मिलता। हाल ही में यूएई की सीरीज में हमारी फील्डिंग बेमिसाल थी, लेकिन आज का दिन हमारा नहीं था।"

कुल मिलाकर, आयरलैंड के लिए यह मैच किसी बुरे सपने जैसा रहा, जहाँ गेंद उनके हाथों में आने के बजाय बाउंड्री की राह चुनती रही।

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