BHOPAL : सिंधिया को खुश करने के लिए भाजपा का प्लान B, मध्यप्रदेश में चलेगा यूपी का फार्मूला


मध्यप्रदेश में उत्तर प्रदेश की तर्ज में दो डिप्टी सीएम का फार्मूला लागू हो सकता है। ज्योतिरादित्य सिंधिया की मदद से मध्यप्रदेश में सरकार बनाने जा रही भाजपा सरकार में दो उप मुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) बनाने के फार्मूले पर विचार कर रही है। सूत्रों का कहना है कि सिंधिया समर्थक 22 पूर्व विधायकों में से किसी एक को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।

सिंधिया समर्थक को डिप्टी सीएम बनाने का प्रस्ताव
सूत्रों का कहना की उत्तर प्रदेश की तर्ज में सत्ता को संतुलित करने के लिए दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरफ से उनके 22 समर्थकों में से किसी एक को डिप्टी सीएम बनाने का प्रस्ताव आया है। जिसके बाद भाजपा ने संतुलन बनाने के बाद एक की जगह दो डिप्टी सीएम बनाने का फैसला कर सकती है। रविवार को दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इस फॉर्मूले पर चर्चा की। उधर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने फोन पर पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान से बात भी की है।

तुलसी सिलावट प्रबल दावेदार
भाजपा अगर दो डिप्टी सीएम का फार्मूला लागू करती है तो सिंधिया गुट के तुलसी सिलावट को नाम लगभग तय माना जा रहा है। सिलावट कमलनाथ सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थे और ज्योतिरादित्य सिंधिया के सबसे भरोसेमंद साथियों में से एक हैं। जानकारों का कहना है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया अब ग्वालियर चंबल के बाद मालवा में भी अपना वर्चस्व बढ़ाना चाहते हैं।

नरोत्तम का बढ़ सकता है कद
मुख्यमंत्री पद के लिए शिवराज सिंह चौहान और नरेन्द्र सिंह तोमर के अलावा डॉ नरोत्तम मिश्रा का नाम भी शामिल है। दरअसल, भाजपा नरोत्तम मिश्रा को डिप्टी सीएम बनाकर एक साथ कई निशाने साध सकती है। सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद भाजपा का संतुलन गड़बड़ा गया है। ऐसे में भाजपा नरोत्तम मिश्रा का कद बढ़ाकर उन्हें डिप्टी सीएम की कुर्सी सौंप सकती है।


यूपी में हैं दो डिप्टी सीएम

भाजपा ने उत्तर प्रदेश में जातिगत समीकरण को साधने के लिए दो डिप्टी सीएम का फार्मूला अपनाया था। योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री तो केशव मौर्य और दिनेश शर्मा को डिप्टी सीएम का पद देकर जातिगत समीकरण को बैलेंस किया था।
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