BHOPAL : भाजपा कार्यालय में घुसे कांग्रेस कार्यकर्ता, पत्थरबाजी और मारपीट का आरोप


भोपाल। मध्यप्रदेश में शीर्ष स्तर पर चल रहे सत्ता संघर्ष में अब निचले स्तर के कार्यकर्ता भी कूद पड़े। सरकार जाने के डर से बौखलाए कांग्रेस कार्यकर्ता बुधवार को बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय दीनदयाल परिसर में घुस गए। भाजपा नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने न सिर्फ कार्यालय में तोड़फोड़ की बल्कि पार्टी नेताओं से दुर्व्यवहार भी किया। इस संबंध में कांग्रेस के आठ कार्यकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज की गई है।
उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि घटना के दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही और जानबूूझकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कार्यालय में घुसने दिया। भाजपा नेताओं ने हबीबगंज थाने जाकर घटना की रिपोर्ट भी दर्ज कराई।

भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर ने बताया कि लगभग पौने चार बजे के आसपास कांग्रेस के झंडे लेकर बड़ी संख्या में महिलाएं और उनके पीछे बाकी कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय में घुस आए। कार्यालय के आसपास महिला पुलिस नहीं थी जिसका फायदा उठाकर सभी पत्थरबाजी की।
पाराशर के मुताबिक कांग्रेस कार्यकर्ता लाठियों से भी लैस थे। उन्होंने भाजपा नेताओं के साथ मारपीट की। भाजपा नेता राहुल कोठारी ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया। कोठारी ने कहा कि सुनियोजित तरीके से कांग्रेस ने यह हमला करवाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कमल नाथ और राज्यसभा प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के इशारे पर कांग्रेस ने भाजपा कार्यालय पर हमला किया है।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा, कर्नाटक उच्च न्यायलय में याचिका खारिज होने और उच्चतम न्यायालय के संभावित निर्णय से डरी हुई कांग्रेस मध्यप्रदेश में हिंसा पर उतारू हो गई है। भाजपा कार्यालय पर हमला इसका एक बड़ा उदाहरण है। इसके पहले भाजपा विधायकों एवं उनके परिवार को प्रताड़ित करने के मामले उजगार हुए हैं। आपातकाल के अभ्यास के आदी हैं कमल नाथ।
अग्रवाल ने कहा, भाजपा नेता और राज्यसभा प्रत्याशी ज्योतिरादित्य सिंधिया पर भी एयरपोर्ट के रास्ते पर हमला हुआ। जिस पर मुख्यमंत्री समेत किसी बड़े नेता ने निंदा तक नहीं की थी न ही तत्काल कोई कार्रवाई बलवा व हमला करने वालों पर की गई।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर कांग्रेसियों के हमले को मुख्यमंत्री कमल नाथ की शह पर किया गया कायराना कृत्य बताया है। उन्होंने कहा है कि जो मुख्यमंत्री लोकतांत्रिक तरीके से सदन में भाजपा से नहीं निपट पा रहा वह अब इस प्रकार की ओछी और आपराधिक हरकतों पर उतर आया है। लेकिन भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता इस सरकार को और कांग्रेस को सदन में भी जवाब देगा और सड़क पर भी। कमल नाथ जी आपको जल्दी क्या है? बस थोडा सा रूकिए। आपको आपका स्थान दिखा दिया जायेगा।
शर्मा ने भाजपा कार्यालय पर हमले के दौरान पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने एक किमी दूर हमलावरों को बैरीकेड खोलकर भाजपा कार्यालय की ओर दौड़कर जाने दिया। हमलावरों में आगे की पंक्ति में सिर्फ महिलाएं थी और पुलिस ने जानबूझकर महिला पुलिस को नहीं बुलाया। यह हमारे भाजपा कार्यकर्ताओं के संस्कार है कि वे महिलाओं का सीधे प्रतिरोध नहीं कर सकते, अन्यथा आज बड़ी अनहोनी होती। कांग्रेस द्वारा महिलाओं को आगे किया जाना और पुलिस का बिना महिला पुलिस बल के हमले को रोकने की नौटंकी करना नापाक गठजोड़ को दर्शाता है। हम मुख्यमंत्री कमल नाथ और कांग्रेस के गुंडों को चेतावनी देना चाहते है कि हमारे जिन कार्यकर्ताओं को चोट आयी है और हमारे कार्यालय पर जो दुस्साहसिक हमला किया गया है उसे हम भूलने वाले नहीं है। कांग्रेसी यह समझ लें कि हमें ब्याज सहित वसूलना आता है।
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