CARONAVIRUS REWA : रीवा में जगह -जगह कीटनाशक का हुआ छिड़काव : जागरुकता बढ़ाने का भी निर्देश


रीवा। कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण को रोकने के लिए नगर निगम ने भी अलर्ट जारी किया है। जिसके तहत कर्मचारियों को पूरे शहर में कीटनाशकों का छिड़काव किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। निगम आयुक्त सभाजीत यादव ने अधिकारियों की बैठक लेकर कहा कि पूरे शहर में साफ-सफाई बेहतर कराएं और जहां पर भी बीमारियां फैलने की आशंका हो वहां पर स्पेशल गैंग ले जाकर सफाई कराई जाए। साथ ही पूरे शहर में कीटनाशकों का निरंतर छिड़काव किए जाने का निर्देश भी दिया है।

इसी के तहत बाजार क्षेत्र के साथ ही आवासीय क्षेत्र में भी कीटनाशकों का छिड़काव करने के लिए निगम की टीमें पहुंची। इस दौरान निगम के कर्मचारियों को मास्क अनिवार्य रूप से पहनने के लिए निर्देशित किया गया है। निगम आयुक्त सभाजीत यादव ने बताया कि जागरुकता कार्यक्रम चलाने के लिए भी कर्मचारियों और स्वयं सेवी संगठनों से कहा गया है। साथ ही निगम कार्यालय में भी कोरोना की जागरुकता का संदेश देने के निर्देश दिए गए हैं।

आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक दिन में लोगों जमा करा दिए ६० लाख रुपए
चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि शासन द्वारा रोके जाने की वजह से वेतन के लिए उत्पन्न हो रहा है संकट
रीवा। नगर निगम ने राजस्व वसूली के लिए अपनी पूरी टीम को मैदान में उतार दिया है। इसके लिए वार्डों में अधिकारी, कर्मचारी सभी को भेजा जा रहा है। जिसके तहत सोमवार को करीब ६० लाख रुपए से अधिक की राशि नगर निगम के खाते में जमा कराई गई है। इस वसूली के अभियान की समीक्षा हर दिन निगम आयुक्त सभाजीत यादव कर रहे हैं। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वार्डों में जाएं और बड़े बकायादारों से मिलकर राशि जमा कराएं। जहां पर राशि जमा करने में आनाकानी हो वहां पर तालाबंदी की कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। कुछ दिन पहले ही आयुक्त ने वसूली कम होने की वजह से अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर की थी और करीब दर्जन भर की संख्या में अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसमें निलंबन और वेतन वृद्धि रोकने जैसी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। 

इस नोटिस का असर भी हुआ है, लगातार वसूली की रकम बढ़ती जा रही है। सभी जोन के अधिकारियों से अलग-अलग जानकारी आयुक्त ले रहे हैं। जानकारी मिली है कि ६०.८२ लाख रुपए से अधिक की राशि देर शाम तक निगम के कोष में जमा कराई गई है। बता दें कि इस वर्ष शासन से मिलने वाली चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि भी रोक दी गई है। पूर्व में निगम के अधिकारियों ने बड़ी मात्रा में लोन लिया था, उसे चुकाने का अब समय आ गया है लेकिन निगम द्वारा उक्त लोन के लिए अलग से राशि जमा नहीं किए जाने की वजह से उसी में समायोजन किया जा रहा है। हर महीने चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि में कटौती की जा रही है। करीब ढाई करोड़ रुपए नगर निगम को चुंगी क्षतिपूर्ति के मिलते रहे हैं जिससे कर्मचारियों को वेतन बांटा जाता था लेकिन अब कर्मचारियों को वेतन निगम के राजस्व वसूली से ही वितरित किया जा रहा है। इसलिए निगम आयुक्त ने सभी अधिकारी, कर्मचारियों की टीमों को इसमें लगा दिया है।
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