CARONAVIRUS REWA : सरकारी दफ्तरों में भीड़ पर रोक, गेट पर रखी शिकायत पेटिका, अफसरों की मीटिंग निरस्त


रीवा. कोरोना वायरस का खौफ मंगलवार को सरकारी गैर सरकारी संस्थानों में देखने को मिला। अफसर कर्मचारियों के साथ ही फरियादी और पक्षकारों को बचाव के लिए प्रेरित करते नजर आए। कमिश्नरी-कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित होने वाली मीटिंग को स्थगित कर दी गई। कलेक्ट्रेट में फरियादियों के आवेदन के लिए गेट पर शिकायत पेटी रख दी गई। अफसरों के कार्यालय में आयोजित होने वाली बैठकों को निरस्त कर दिया गया।

फरियादियों को बैंरग लौटना पड़ा
कलेक्टर बसंत कुर्रे ने कोरोना वायरस के बचाव को लेकर सावधान रहने की अपील की है। उधर, दूर-दूर से जनसुनवाई में पहुंचे फरियादियों को बैंरग लौटना पड़ा। इस दौरान बैशाखी के सहारे पहुंचे आवेदकों को फजीहत झेलनी पड़ी। इधर, कार्यालयों में अधिकारी, कर्मचारियों ने मॉस्क चढ़ाकर फरियादियों और पक्षकारों को सावधान करने के लिए प्रेरित किया। कलेक्ट्रेट कार्यालय में मंगलवार की सुबह अचानक जनसुनवाई स्थगित कर दिए जाने से सैकड़ो की संख्या में पहुंचे फरियादियों को दिक्कत हुई। कलेक्टर ने आवेदन जमा कराने के लिए काउंटर भी बंद कर गेट पर शिकायत पेटिका रखा दी। पेटी में आवेदन डालने के लिए फरियादियों को जद्दो जहद करना पड़ा। अचानक व्यवस्था बदने से सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक कलेक्ट्रेट परिसर में फरियादियों की भीड़ रही। भीड़ अधिक होने पर गार्डो ने फरियादियों को परिसर से बाहर जाने को कह दिया गया।

20 अधिक लोगों की भीड़ पर प्रतिबंध
दरअसल 20 से अधिक लोगो की भीड़ होने पर प्रतिबंध लगाया गया है। जनसुनवाई में दूर-दूर से पहुंचे फरियादियों ने कहा कि पहले से सूचना होती तो किराया-भाड़ा खर्च कर जनसुनवाई में नहीं आते। मऊगंज तहसील ग्राम पन्नी निवासी विधवा मुन्नी देवी मिश्र अनुग्रह राशि दिलाने के लिए आवेदन लेकर पहुंची थी। एक साल पहले पति विष्णु देव मिश्र की सडक़ दुर्घटना में मौत हो गई थी। संबल योजना के तहत अनुग्रह राशि स्वीकृत की गई है। लेकिन, जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते एक साल से अनुग्रह राशि नहीं मिली। रायपुर कर्चुलियान तहसील के शंकरलाल ने आवेदन देकर अतिक्रमण हटाए जाने की मांग की है। इसी तरह सैकड़ो की संख्या में फरियादियों को बैरंग लौटना पड़ा।
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