CORONA CONTROL ROOM : मऊगंज से बोल रहा हूं...गला सूख रहा , जल्दी डॉक्टरों की टीम भेजिए


रीवा. कोरोना के बचाव को लेकर घरों में कैद लोग भी फूक-फूक कर कदम रख रहे हैं। लाक डाउन के दौरान घर से ही मामूली सर्दी, जुकाम या फिर दर्द होने पर भी सीधे कंट्रोलरूम में फोन कर चिकित्सीय सलाह के साथ ही इलाज की जुगत पूछ रहे हैं।

कंट्रोलरूम में घनघना रहे फोन
कलेक्ट्रेट कंट्रोलरूम में सुबह 10.30 बजे काल आया कि साहब मैं बालभारती के पीछे से शिवानी बोल रही हूं...। मेरे गले में दर्द है, सांस लेने में दिक्कत हो रही है। डॉक्टर भेजिए, मेरे पड़ोस में डॉ पद्मा पांडेय रहती हैं। काल अटेंड करने के बाद जिला संक्रमण टीम को सूचना दे दी गई। इसी तरह मऊगंज के नौढिय़ा से रंजीत कुमार ने काल कर कहा कि गले में दर्द हो रहा, गला सूख रहा है, डॉक्टर की टीम भेजिए। ये कहानी अकेले कलेक्ट्रेट कंट्रोलरूम की नहीं बल्कि जिला अस्पताल, पुलिस कंट्रोल रूम सहित ग्रामीण क्षेत्र में बनाए गए ज्यादातर कंट्रोलरूम की है।

बाहर से आने वालों का इलाज करिए
अधिकांश लोग सिफ और सिर्फ मेरे पड़ोस में बाहर से आया है। स्वास्थ्य चेकअप करा दीजिए। हालांकि कलेक्ट्रेट कंट्रोलरूम में चार दिन के भीतर अभी तक 90 काल आई है। गुरुवार को महज सुबह से लेकर शाम तक महज 6 काल आई। जबकि जिला अस्पताल में 100 से अधिक काल प्रतिदिन आ रही है। इसके अलावा पुलिस कंट्रोलरूम का भी यही हाल है। ज्यादातर काल आ रही हैं।
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