CORONA LOCKDOWN : इंदौर में आड-ईवन का आदेश निरस्त, कर्फ्यू का होगा सख्ती से पालन



इंदौर में बढ़ते कोरोना के मरीजों को देखते हुए नए कलेक्टर मनीष सिंह ने सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। अब यहां संपूर्ण लॉकडाउन रहेगा, कलेक्टर ने लोगों से अपील की है कि कुछ दिन आलू-प्याज खाकर समय बिताएं, क्योंकि सब्जियां कई हाथों से होते हुए आप तक पहुंचती है। उधर पिछले 24 घंटे के भीतर मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस (कोविड-19) का एक नया मरीज ग्वालियर में मिला है। प्रदेश में अब इस बीमारी से संक्रमित लोगों की संख्या 34 हो गई है। इंदौर व उज्जैन में एक-एक मरीज की मौत हो चुकी है। 1039 लोग अपने घरों में आइसोलेशन में हैं। भोपाल में अब तक तीन पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं। सभी की हालत ठीक है। उनका एम्स में इलाज चल रहा है। यहां से भेज गए 14 सैंपलों की जांच शनिवार को एम्स में हुई। सभी की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। जिले से अब तक कुल 65 सैंपलों की जांच कराई जा चुकी है। 

इंदौर के रानीपुरा में लोग नहीं कर रहे सहयोग
इंदौर के जिस इलाके रानीपुरा में कोरोना वायरस से प्रभावित सबसे ज्यादा मरीज मिले है, उस इलाके के लोग कोई सहयोग नहीं कर रहे है। डॉक्टरों की टीम जब वहां पहुंची तो लोगों ने धमकी दी कि तुम्हारी डॉक्टरी भुला देंगे। डॉक्टरों ने इस बात की शिकायत पुलिस को की है।

लॉकडाउन में दवाई लेने ऐसे निकल रहे लोग
कोरोना की भयावहता और उससे छेड़ी गई जंग के दौरान नरसिंहपुर जिला मध्य प्रदेश में सबसे अधिक प्रभावित है। जहां लाकडाउन के साथ गांव बंद- मोहल्ला बंद, गाडी बंद किया गया है। मोहल्ले सील कर दिए गए हैं, लोग घरों में कैद हैं। लेकिन समस्याएं और मजबूरी भी हैं, दवाई लेने के लिए भी लोगों को निकलना टेढ़ी खीर हो रहा है, लेकिन आपात स्थिति में दवा लेने के लिए लोग कुछ यूं निकल रहे हैं।

शराब फैक्टरी में बनाया जा रहा सैनिटाइजर
खरगोन जिले के बड़वाह में स्थित शराब फैक्टरी में सैनिटाजर तैयार किया जा रहा है। प्रतिदिन चार से साढ़े चार हजार लीटर सैनिटाइजर तैयार किया जा रहा है। शराब फैक्टरी में तैयार सैनिटाइजर इंदौर स्थित गोदाम में भेजा जा रहा है। जहां से इसका वितरण किया जाएगा।

बीना में डॉक्टरों को दिखाने लगी मरीजों की भीड़
सागर जिले के बीना में डॉक्टरों की कमी से हाताल बिगड़ सकते हैं। यहां मरीजों को न चाहते हुए भी भीड़ में खड़े होकर डॉक्टर को दिखाने अपने नंबर का इंतजार करना पड़ रहा है। शारीरिक दूरी के नियमों का पालन भी नहीं किया जा रहा है।

इंदौर कलेक्टर बोले- आलू प्याज से काम चलाएं
इंदौर के नए कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा किदोपहर से शहर में संपूर्ण लॉकडाउन रहेगा और इसकी इसकी अवधि बढ़ाई जाएगी। संभवत सप्ताह भर से 15 दिन के बीच का यह लॉक डाउन होगा। इस दौरान कलेक्टर ने कहा कुछ दिन सूखे अनाज और आलू प्याज से लोग काम चलाएं हरी सब्जियों के पीछे ना भागें। कई हाथों से गुजर कर यह सब्जी आप तक पहुंचती हैं इसीलिए कुछ दिन थोड़ी परेशानी भी उठाएंगे तभी स्थिति नियंत्रण में आएगी। वर्तमान में इंदौर कोरोना अपर सेकंड स्टेज पर पहुंच चुका है।

इंदौर में नए कलेक्टर मनीष सिंह ने कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए कड़े फैसले लेना शुरू कर दिए है। दोपहर एक बजे से लॉकडाउन-कर्फ्यू का सख्ती से पालन किया जाएगा। पूर्व कलेक्टर द्वारा लगाए गए आड-ईवन का आदेश भी निरस्त कर‍ दिया गया है।

झाबुआ से रायसेन जा रहे 23 श्रमिकों की स्क्रीनिंग
झाबुआ जिले से वापस अपने घर रायसेन जा रहे 23 श्रमिकों की देर रात तीन बजे भोपाल के सलामतपुर चौराहे पर स्क्रीनिंग की गई। सभी इसमें सामान्य पाए गए। इसके बाद सभी को खाने के पैकेट दिए और वाहन से सभी को उनके गांव महुआखेड़ा भेजा गया।

शहडोल निवासी संदिग्ध महिला मरीज की जबलपुर में मौत
जबलपुर के अस्पताल में भर्ती शहडोल निवासी कोरोना वायरस की संदिग्ध महिला मरीज की उपचार के दौरान मौत हो गई। महिला की हालत बिगड़ने पर उपचार के लिए उसे शहडोल जिला अस्पताल में किया गया था। हालत ज्यादा बिगड़ने पर पति-पत्नी को उपचार के लिए जबलपुर रेफर किया गया। पति के सऊदी अरब से वापस आने के कुछ दिन बाद महिला की तबीयत बिगड़ी थी, महिला को सर्दी-खांसी व सांस लेने में थी तकलीफ थी, महिला की मौत के बाद शहडोल में हड़कंप मच गया है।

मध्य प्रदेश हर दिन 20-30 सैंपलों की जांच
मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस संदिग्धों की संख्या बढ़ी है। इसके बाद भी हर दिन सिर्फ 20 से 30 सैंपलों की ही जांच हो पा रही है। अकेले एम्स में हर दिन 100 सैंपल जांचने की क्षमता है। भोपाल के हमीदिया अस्पताल, जबलपुर के एनआईआरटीएच, ग्वालियर में डीआरडीई व इंदौर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में जांच की सुविधा है। ज्यादा संदिग्धों की जांच की जाती है तो संक्रमित जल्दी पकड़े जा सकेंगे।
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