INDORE LOCKDOWN : इंदौर में 3 दिनों तक देश का सबसे सख्त लॉकडाउन, दूध और सब्जी भी नहीं मिलेगी, बाहर घूमने पर होगी जेल


इंदौर/भोपाल. मध्यप्रदेश के इंदौर में कोरोना संक्रमण में हो रही लगातार वृद्धि के बाद सरकार ने तीन दिन का पूर्ण लॉकडाउन करने का निर्णय लिया है। इन तीन दिनों तक इंदौरवासियों को हर हाल में अपने घर के अंदर ही रहना होगा। यहां तक की दूध, सब्जी और किराना जैसा आवश्यक सामग्रियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

कलेक्टर की अपील
इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आने वाले 8-10 दिनों में अगर हम नहीं संभले को तो इंदौर में हालात काबू से बाहर हो जाएंगे। अभी तो रानीपुरा में ही कोरोना वायरस फैला है, लोगों ने अगर लॉकडाउन का सख्ती से पालन नहीं किया तो हर मोहल्ला रानीपुरा बन जाएगा। कलेक्टर ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि घरों के बाहर बिल्कुल ना निकलें।

जेल भेजने का प्रावधान
तीन दिन के संपूर्ण लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों को अस्थायी जेल में डाला जाएगा। कलेक्टर ने कहा- मैरिज गार्डन को अस्थायी जेल के रूप में तब्दील किया जाएगा। इसलिए लोगों से अपील है कि लॉकडाउन में किसी भी तरह से घरों से बाहर नहीं आएं।

क्यों लिया गया फैसला?
देशभर में लॉकडाउन लागू है। मगर इस दौरान भी वहां दूध-सब्जी समेत जरूरी चीजों के लिए प्रशासन ने पूरी तरह से छूट दे रखी है। पेट्रोल पंप, एटीएम जैसी सेवाएं जारी रखी है। इतना ही लोगों को बाहर निकलने और खरीदारी के लिए भी तय समय में छूट दी जा रही है। मगर मिनी मुंबई कहलाने वाला इंदौर अगले तीन दिन पूरी तरह से बंद हो जाएगा। इंदौर में अचानक से दो दिन में संक्रमण के मामले बढ़े हैं। संक्रमितों की संख्या 22 पर पहुंच चुकी है। सभी मरीजों का अलग-अलग अस्पताल में इलाज चल रहा है। इंदौर में कई संदिग्ध भी हैं। कोरोना को तीसरे स्टेज में रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है।


इंदौर में सब बंद

पेट्रोल पंप सहित किराना, सब्जी, दूध कोई भी दुकानें नहीं खोली जा सकेगी। सड़कों पर कोई भी वाहन नहीं चलेगा। दोपहिया, चारपहिया वाहन किसी भी स्थिति में सड़क पर दिखाई नहीं देंगे।जिन घरों में कोरोना के मरीज़ मिले हैं उनके इर्द-गिर्द रहने वालों को सेंटर में रखा जाएगा। शहर में मज़दूर वर्ग बेसहारा और बिना छत के नहीं रहेगा। उनके लिए राधा स्वामी डेरे में व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
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