REWA : कलेक्ट्रेट में कर्मचारियों की 11 बजे तक कुर्सियां खाली, कलेक्टर ने जब्त किया रजिस्टर, जानिए फिर क्या हुआ


रीवा. सरकारी कार्यालयों में देर से आने वाले अधिकारी और कर्मचारियों की खैर नहीं है। सोमवार सुबह ११ बजे कलेक्टर बसंत कुर्रे कार्यालय सहित विभिन्न विभागों के कार्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान जिला विपणन अधिकारी, नायब नाजिर सहित दो दर्जन से ज्यादा कर्मचारी व अधिकारी नहीं पहुंचे। इतना ही नहीं कइयो कार्यालय में गंदगी व फाइलों के बेतरतीब रखरखा को लेकर कलेक्टर भडक़ गए। देर से आने वालों को कलेक्टर ने कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कलेक्टर ने कार्यालय में निरीक्षण के दौरान कई विभागों का रजिस्टर भी जब्त कर लिया है। इस दौरान कई कार्यालयों में फाइलों के बेतरतीब रखरखाव पर जिम्मेदारों को कड़ी फटकार लगाते हुए साफ-सफाई की नसीहत दी है।

कार्यालय में अधिकारियों व कर्मचारियों के आने-जाने का शेड्यूल नहीं
कलेक्ट्रेट भवन में विभिन्न विभागों के कार्यालय में कर्मचारियों और अधिकारियों के आने जाने का कोई शेड्यूल निर्धारित नहीं है। कलेक्टर कार्यालय के अधीक्षक आरके श्रीवास्तव के साथ निरीक्षण में निकले। कलेक्टर ने सबसे पहले अपने ही कार्यालय का निरीक्षण किया। जिसमें नायब नाजिर सौखीलाल सहित अर्चना सक्सेना, देवेन्द्र तिवारी, उमाशंकर माझी सहित कई अन्य कर्मचारी कार्यालय नहीं पहुंचे थे। इसके बाद डीपीसी कार्यालय पहुंचे। यहां पर डीपीसी सहित कार्यालय के पचास फीसदी कर्मचारी नहीं आए थे। कलेक्टर ने रजिस्टर जब्त कर अनुपस्थित अधिकारी व कर्मचारियों को नोटिस जारी की है। इसके बाद कलेक्टर भू-अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। यहां पर एसएलआर गोविंद सोनी सहित अन्य कक्ष का निरीक्षण किया। भू-अधीक्षक कार्यालय में फाइलों के बेतरतीब रखरखाव पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और साफ-सफाई का निर्देश दिए। इसके बाद कलेक्टर अल्य संख्यक एवं पिछड़ा वर्ग विभाग कार्यालय पहुंचे। यहां पर सहायक संचालक सीएल सोनी नहीं मिले। इसके बाद आदिम जाति कल्याण विभाग कार्यालय पहुंचे। आधा दर्जन कर्मचारी गायब रहे।

कलेक्टर को गायब मिली विपणन अधिकारी
कलेक्टर विपणन संघ कार्यालय पहुंचे। जिला विपणन संघ अधिकारी नेहा पियूष तिवारी कार्यालय नहीं पहुंचीं। इसके बाद नागरिक आपूर्ति निगम, शहरी विकास, डीपीसी, जिला निर्वाचन कार्यालय, खाद्य एवं आपूॢत नियंत्रक सहित कई अन्य विभागों का निरीक्षण किया। ज्यादातर कार्यालयों में पचास फीसदी कर्मचारी सहित प्रमुख अधिकारियों के कार्यालय आने जाने का कोई शेड्यूल नहीं है। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सभी को कार्यालय में साफ-सफाई सहित फाइलों के रखरखाव के लिए नकेल कसी है।

कलेक्टर के निरीक्षण के बाद सहायक पंजीयक ट्रेप
कलेक्टर के अचौक निरीक्षण के बाद दिलचस्प बात तो यह रही कि कलेक्टर सुबह जिस फ्लोर पर निरीक्षण करने के लिए पहुंचे थे। कर्मचारियो और अधिकारियों को साफ-सफाइ्र के साथ ही नैतिकता का पाठ पढ़ाकर लौटे। उसी फ्लोर पर निरीक्षण के पांच घंटे के बाद ही फार्म एंड सोसायिटी पंजीयक कार्यालय में प्रभारी सहायक पंजीयक डीआर बसंत को लोकायुक्त ने तीन हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे गिरफ्तार कर लिया।
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