REWA : आगनबाड़ी केन्द्रों के मनमानी संचालन पर कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई, 24 सुपरवाइजर की रोकी वेतन


रीवा। जिले की आगनबाड़ी केन्द्रों में मनमानी रूप से किए जा रहे संचालन ने पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की है। केन्द्रों का नियमित निरीक्षण नहीं करने के चलते 24 सेक्टर सुपरवाइजर की फरवरी महीने की वेतन रोकने का निर्देश दिया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर कहा है कि हर हाल में समय पर आगनबाड़ी केन्द्र खोले जाएं। साथ ही नियमित रूप से निरीक्षण भी मैदानी अमला करे।

केन्द्रों में बच्चों और महिलाओं की उपस्थिति अधिक से अधिक करने और सभी को पोषण आहार वितरित करने का निर्देश दिया है। 'पत्रिकाÓ में आगनबाड़ी केन्द्रों की मनमानी पर प्रकाशित रिपोर्ट पर कहा कि जिस तरह की बातें सामने आ रही हैं, वह चिंता जनक हैं। कलेक्टर बसंत कुर्रे ने जिला स्तरीय सुपोषण अभियान की समीक्षा के दौरान गंभीर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जिले में तीन माह पूर्व से अतिकुपोषित 2400 बच्चों के पोषण में कोई सुधार नहीं हुआ।

शासन के निर्देश के अनुसार उन्हें महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा थर्ड मील देना सुनिश्चित नही किया जा रहा है। आंगनबाडिय़ों में बच्चों की उपस्थिति बहुत कम रहती है। केन्द्र में सुपरवाइजर एवं सीडीपीओ द्वारा निर्धारित निरीक्षण नहीं किया जा रहा है। बैठक में जिला पंचायत सीईओ, महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रतिभा पाण्डेय, सहायक संचालक आशीष द्विवेदी, सीडीपीओ एवं सुपरवाइजर उपस्थित थीं।

कलेक्टर ने कहा कि सीडीपीओ एवं सुपरवाइजर अभियान के तौर पर नियमित रूप से निरीक्षण कर आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति सुनिश्चित करें तथा बच्चों को थर्ड मील दिया जाना निश्चित किया जाय। कलेक्टर ने कहा कि केन्द्रों में पंजीकृत बच्चे नहीं आते, इसके लिए विभाग के अधिकारी भी जिम्मेदारी संभालें। उन्होंने कहा कि यदि उनके स्तर पर जांच कराई गई तो जो भी जिम्मेदार होगा सख्त कार्रवाई होगी, इसलिए अवसर है कि अपनी कार्यप्रणाली सुधार कर कार्रवाई कराएं।

कुपोषित 19 हजार बच्चों के पोषण की ओर गंभीरता पूर्वक ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शहरी ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थिति चिंताजनक है, गंगेव में बच्चों को नास्ता एवं खाना नहीं मिल रहा, गंगेव.2 में समूह की लापरवाही से थर्ड मील नही दिया जा रहा, जवा में समूह की लापरवाही से खाद्यान्न ही नहीं उठाया गया। रीवा.2 में खाना दे रहे हैं लेकिन नास्ता नहीं दे रहे।

गर्भवती महिलाओं का डोरटूडोर कराएं सर्वे
कलेक्टर ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया है कि डोरटूडोर सर्वे कर गर्भवती महिलाओं का पंजीयन कराएं। साथ ही नियमित रूप से महिलाओं की काउंसिलिंग भी कराएं। कलेक्टर ने कहा कि जिले का लिंगानुपात लगातार कम हो रहा है। विगत वर्ष लिंगानुपात 934 था जो घटकर 922 हो गया। लिंगानुपात बढ़ाने का हर संभव प्रयास किया जाय। उन्होंने कहा कि हनुमना में 2016.17 में लिंगानुपात 876 था 2017.18 में 943 हो गया एवं 2018.19 में घटकर 908 हो गया। वर्ष 2019.20 में जनवरी माह तक यह और घटकर 899 हो गया। यह गंभीर स्थिति है इसकी ओर विशेष ध्यान देकर आंगनबाड़ी केन्द्रों में गर्भवती माताओं का अनिवार्य रूप से पंजीयन किया जाय। सोनोग्राफी सेंटर की अचानक जाकर समिति जांच करने का निर्देश दिया।

आकस्मिक निरीक्षण करेंगे अधिकारी
कलेक्टर ने कहा है कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी आकस्मिक रूप से आगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण करें। साथ ही कलेक्टर कार्यालय की ओर से भी अधिकारियों को अलग से भेजा जाएगा। इस दौरान केन्द्र से गायब रहने वाले कार्यकर्ता और सहायिकाओं पर कार्रवाई होगी।
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