REWA LOCKDOWN : साहब रीवा जिले का हूं...मुंबई में फंसा हूं ,सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर घर लौटने की लगा रहे गुहार


रीवा. जिले से मुंबई, सूरत सहित अन्य राज्यों काम के लिए गए बेरोजगार लॉकडाउन में फंस गए हैं। कोरोना प्रोट्रोकाल के चलते हुए लॉकडाउन में सैकड़ो की संख्या में वापस आ गए हैं। लॉकडाउन में वापस नहीं लौटने वाले बेरोजगार सोशल मीडिया और वाट्एसप के जरिए सरकारों से घर पहुंचने की गुहार लगा रहे हैं। इसके अलावा घर में फोन करके क्षेत्रीय नेताओं के जरिए भी अपनी आवाज प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहाने तक पहुंचने का आग्रह कर रहे हैं।

अचानक लॉकडाउन से घर से फंसे बेरोजगार
जिले के ग्राम पंचायत पनगढ़ी निवासी राहुल यादव तीन माह पहले आस-पास गांवों के बेरोजगारों के साथ मुंबई में काम के लिए पहुंच गया। अचानक लॉकडाउन में वापस घर नहीं आ पा रहा है। मुंबई में फंसे बेजोगारों के सामने भोजन, पानी और रहने का संकट खड़ा हो गया है। बेरोजगारों ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल के जरिए सरकारों से गुहार लगा रहे हैं। वीडियो में राजू कहा रहा है कि साहब मैं मध्य प्रदेश के रीवा जिले के पनगढ़ी गांव का हूं, हमारे आस-पास गांवों के 10-12 लोग मुंबई में फंसे हैं। कंट्रोलरूम में फोन लगाने के बाद भी कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। और न ही खाने-पीने की सामग्री मिल रही है।

बेरोजगार वीडियो के जरिए सरकारों से घर वापसी की दे रहे सूचना
बेरोजगारों ने यहां तक कहा कि यह वीडियो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहाने के ध्यानाथ लाया जाए। वहां से कोई उपाय कर वापस रीवा लाया जाए। जिससे हम कोरोना से लड़ सके। यहां पर कोरोना का खतरा ज्यादा है। इसी तरह मऊगंज के हाटा गांव निवासी सुनील शास्त्री सहित आस-पास के दर्जनों की संख्या में बेरोजगार तीन माह पहले सूरत काम के लिए गए हुए हैं। लॉकडाउन में फंस गए। दो दिन पहले पिता जनन्नाथ शास्त्री ने फोन कर बेटे से आने की जानकारी ली तो सुनील फफक पड़ा। बोला, काकू आने का कोई जुगाड नहीं दिख रहा है।

सूरत में 300 से ज्यादा लोग फंसे
हम अकेले नहीं है यहां पर 300 से ज्यादा लोग फंसे हैं। जैसे-तैसे जिंदगी कट रही है। परेशान न होइए, आने के उपाय में लगा हूं। सूरत में फंसे बेरोजगारों में ज्यादातर एमपी के हैं। जिसमें कुछ यूपी के भी हैं। ये कहानी अकेले इन बेरोजगारों की नहीं बल्कि जिले के दस हजार से ज्यादा बेरोजगार मुंबई, सूरत, गुजराज आदि राज्यों में फंसे हुए हैं। इधर, जिले में अब तक बाहर से लगभग 12 हजार लोग वापस अपने घरों में आ गए हैं। पंचायतों के आंकड़े पर नजर डाले जो अभी भी इतनी ही संख्या में लोग बाहर फंसे हुए हैं।
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