REWA : TRS कालेज के स्थापना वर्ष विवाद पर कमिश्नर ने जांच के दिए निर्देश, राष्ट्रपति को आना है कार्यक्रम में


रीवा। टीआरएस कालेज के स्थापना वर्ष समारोह को लेकर शुरू हुए विवाद में अब संभागायुक्त ने भी संज्ञान लिया है। इसके लिए कलेक्टर को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच कर वस्तु स्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है। इस मामले में कुछ दिन पहले ही सामाजिक कार्यकर्ता बीके माला ने संभागायुक्त को ज्ञापन देकर मांग उठाई थी कि टीआरएस कालेज में इनदिनों १५०वां स्थापना वर्ष मनाए जाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भी आमंत्रण भेजा गया है। ऐसे में राष्ट्रपति जैसी सख्शियत को बुलाने के कार्यक्रम में कालेज प्राचार्य की ओर से मनमानी की जा रही है।

शिकायत में यह आरोप लगाया गया है कि 1982-83 में इस संस्था का शताब्दी वर्ष समारोह मनाया गया था। जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री सहित कई प्रमुख हस्तियों को बुलाया गया था। इसलिए सवाल उठाया गया है कि शताब्दी वर्ष समारोह से 50 वर्ष पूरे होने के बाद ही 150वां वर्ष मनाया जाना चाहिए लेकिन यहां पर कालेज के प्राचार्य द्वारा अपनी मर्जी से ही यह आयोजन तय कर दिया।

इतना ही नहीं शताब्दी वर्ष समारोह की आयोजन समिति में रीवा के साथ ही विंध्य के सभी सांसदों, संभागायुक्त एवं कलेक्टरों को भी शामिल किया गया था। इस बार तैयारी की पूरी जवाबदेही प्राचार्य ने स्वयं तक सीमित कर रखी है। कुछ कार्य पुरा छात्र संगठन को जरूर सौंपी गई है लेकिन अन्य कार्यों में प्राचार्य रामलला शुक्ला द्वारा ही सभी निर्णय लिए जा रहे हैं।

शिकायत में टीआरएस कालेज के शताब्दी वर्ष समारोह के दौरान प्रकाशित कराई गई पत्रिका एवं उस दौरान प्रमुख लोगों द्वारा जारी किए गए शुभकामना पत्रों को भी दिया गया है। इस मामले में अब संभागायुक्त डॉ. अशोक कुमार भार्गव ने कलेक्टर रीवा को पत्र लिखकर कहा है कि शिकायत के सभी तथ्यों की जांच कराकर इसकी रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करें। संभागायुक्त ने इस पत्र की प्रतिलिपि उच्च शिक्षा के प्रमुख सचिव, आयुक्त एवं अतिरिक्त संचालक को भी भेजा है।

प्राचार्य ने कहा हम संस्था का मना रहे स्थापना वर्ष
इस पूरे विवाद में टीआरएस कालेज के प्राचार्य डॉ. रामलला शुक्ला ने कहा है कि संस्था एक स्कूल के रूप में शुरू हुई थी। वर्ष 1869 में इसकी शुरुआत हुई थी। जिसका उस दौरान रीवा राज्य की ओर से नोटिफिकेशन हुआ था। बाद में विध्ंय प्रदेश और मध्यप्रदेश की सरकार ने भी टीआरएस कालेज की स्थापना का वर्ष उसे ही माना था। इस तरह से अब 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं। यह गौरवशाली वर्ष संस्थान के लिए है। प्राचार्य शुक्ला का कहना है कि टीआरएस कालेज की स्थापना का वर्ष वह नहीं मना रहे हैं, क्यों कि कालेज के रूप में यह 1935 में शुरू हुआ था। मूल संस्था की स्थापना का वर्ष मनाया जा रहा है।
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