REWA : पॉक्सो एक्ट के आरोपियों पर घोषित करें इनाम, टीम बनाकर करें गिरफ्तारी


रीवा. आईजी चंचल शेखर ने सोमवार को संभागभर के पुलिस अधीक्षकों की बैठक ली। बैठक में आईजी ने जिलावार गंभीर अपराधों, माइनर एक्ट की जानकारी लेकर उसकी समीक्षा की। फरार आरोपियों व स्थायी वारंटियों की संख्या पर आईजी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पाक्सो एक्ट व महिला संबंधी अपराधों में फरार आरोपियों पर जोर देते हुए उन पर इनाम घोषित करने और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर कार्रवाई के निर्देश दिये है। बैठक में आईजी ने स्थायी वारंटियों व फरार आरोपियों की धरपकड़, मादक पदार्थों की अवैध बिक्री करने वालों व गुंड बदमाशों पर अधिक से अधिक प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिये है। 

आईजी ने कहा कि जिलों में महिला संबंधी अपराधों के काफी आरोपी फरार है जिनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इसे सभी पुलिस अधीक्षक गंभीरता से ले और अपने यहां टीम बनाकर एेसे आरोपियों की गिरफ्तारी करवाए। जो पीडि़ता थाने शिकायत लेकर आए उस पर कार्रवाई कर विधिवत जांच करे। ऐसे मामलों की जांच में विशेष सावधानी बरतें ताकि न्यायालय से आरोपी बरी न हो सके। उन्होंने कहा कि थाना क्षेत्रों में अवैध शराब, नशीली सिरप, गांजा की तस्करी करने वालों पर लगातार नजर रखे। चोरी छिपे तस्कर नशे का सामान लाकर उसकों बेंचते है। इस पर अंकुश लगाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित करें। थानों में दर्ज मामलों, शिकायत, मर्ग की समय-समय पर समीक्षा करें और इनका निर्धारित समयावधि में निराकरण करवाए।

पीडि़ता की उम्र को लेकर होती है समस्या
पाक्सो एक्ट के ज्यादातर मामलों में आरोपियों के बरी होने पर पीडि़ता की उम्र की समस्या सामने आई है। जब भी कोई पीडि़ता शिकायत लेकर आती है तो उसके पास उम्र से जुड़ा दस्तावेज नहीं होता है। सामान्य तौर पर पुलिस अंकसूची में दर्ज जन्मतिथि को आधार मानती है जो कई बार सही नहीं होता है। इसका लाभ आरोपियों को न्यायालय में मिलता है। इस समस्या को देखते हुए पुलिस अब सभी पीडि़ता के परिजनों से ठोस जन्म प्रमाण पत्र लाने की हिदायत देगी।
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